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तकादों से तंग युवक ने फंदा लगाकर दी जान
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:39 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सुरसा। थाना क्षेत्र में ननिहाल में रह रहे युवक ने सोमवार रात फंदा लगाकर जान दे दी। मंगलवार सुबह उसका शव गांव के बाहर नीम के पेड़ से लटका मिला। युवक मूल रूप से लोनार थाना क्षेत्र के बक ौरा गांव का निवासी था। करीब 20 साल पहले मां की मौत होने के बाद से वह पिता व भाइयों के साथ ननिहाल में रह रहा था। दो साल पहले पिता का इलाज कराने के लिए गांव के कुछ लोगों से करीब डेढ़ लाख उधार लिया था। इलाज के दौरान पिता की मौत हो गई थी। उधारी नहीं चुका सका था। इसके चलते बकायेदार तगादा कर रहे थे। इससे तंग आकर उसने जान दे दी।
लोनार थाना क्षेत्र बकौरा निवासी दीपू (25) पुत्र स्व. गंधर्व का ननिहाल सहियापुर निवासी रामेश्वर के यहां थी। दीपू की मां नाना की एकलौती बेटी थी। करीब 20 साल पहले दीपू की मां की आकस्मिक मौत हो गई थी। इसके बाद से दीपू पिता व भाइयों मंशाराम (17) व पप्पी (7) के साथ ननिहाल में ही रहने लगा था। कुछ दिन बाद नाना रामेश्वर की भी मौत हो गई थी। उसको करीब तीन बीघा नाना की जमीन भी मिली थी। इसके अलावा उसने सुरसा थाना के ढोलिया गांव में साइकिल की दुकान भी खोल रखी थी। करीब दो साल पहले पिता बीमार हो गया था । पिता क ा इलाज कराने के लिए उसने गांव के कुछ लोगों से लगभग डेढ़ लाख रुपये उधार लिए थे। डेढ़ साल पहले पिता की भी मौत हो गई। इसके बाद से दोनों भाइयों के भरण पोषण का जिम्मा दीपू के कंधों पर आ गया। सोमवार रात करीब नौ बजे वह घर से निकला था। देर रात तक वह घर नहीं लौटा। इस पर परिजनों को फिक्र हुई। काफी खोजबीन के बाद भी उसका सुराग नहीं लगा। मंगलवार सुबह गांव के किनारे नीम के पेड़ से लोअर के फंदे से उसका शव लटका मिला। खेताें की तरफ शौच को निकले ग्रामीणों ने शव लटका देखा। जानकारी पर परिजन पहुंचे। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक के भाई मंशाराम का कहना है कि पिता के इलाज के लिए भाई गांव में ली उधारी ली थी। जिसका लोग लगातार तगादा कर रहे थे। इसी से प्रताड़ित होकर उसने फंदा लगाकर जान दे दी। एसओ अरविंद राणा ने बताया कि मामला संज्ञान में है। तहरीर मिलने पर पड़ताल कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- तगादे से तंग युवक ने फंदा लगाकर दी जान
- सुरसा थाना क्षेत्र के सहियापुर गांव का निवासी था युवक
- डेढ़ साल पहले पिता का इलाज कराने को ली थी उधारी
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सुरसा। थाना क्षेत्र में ननिहाल में रह रहे युवक ने सोमवार रात फंदा लगाकर जान दे दी। मंगलवार सुबह उसका शव गांव के बाहर नीम के पेड़ से लटका मिला। युवक मूल रूप से लोनार थाना क्षेत्र के बक ौरा गांव का निवासी था। करीब 20 साल पहले मां की मौत होने के बाद से वह पिता व भाइयों के साथ ननिहाल में रह रहा था। दो साल पहले पिता का इलाज कराने के लिए गांव के कुछ लोगों से करीब डेढ़ लाख उधार लिया था। इलाज के दौरान पिता की मौत हो गई थी। उधारी नहीं चुका सका था। इसके चलते बकायेदार तगादा कर रहे थे। इससे तंग आकर उसने जान दे दी।
लोनार थाना क्षेत्र बकौरा निवासी दीपू (25) पुत्र स्व. गंधर्व का ननिहाल सहियापुर निवासी रामेश्वर के यहां थी। दीपू की मां नाना की एकलौती बेटी थी। करीब 20 साल पहले दीपू की मां की आकस्मिक मौत हो गई थी। इसके बाद से दीपू पिता व भाइयों मंशाराम (17) व पप्पी (7) के साथ ननिहाल में ही रहने लगा था। कुछ दिन बाद नाना रामेश्वर की भी मौत हो गई थी। उसको करीब तीन बीघा नाना की जमीन भी मिली थी। इसके अलावा उसने सुरसा थाना के ढोलिया गांव में साइकिल की दुकान भी खोल रखी थी। करीब दो साल पहले पिता बीमार हो गया था । पिता क ा इलाज कराने के लिए उसने गांव के कुछ लोगों से लगभग डेढ़ लाख रुपये उधार लिए थे। डेढ़ साल पहले पिता की भी मौत हो गई। इसके बाद से दोनों भाइयों के भरण पोषण का जिम्मा दीपू के कंधों पर आ गया। सोमवार रात करीब नौ बजे वह घर से निकला था। देर रात तक वह घर नहीं लौटा। इस पर परिजनों को फिक्र हुई। काफी खोजबीन के बाद भी उसका सुराग नहीं लगा। मंगलवार सुबह गांव के किनारे नीम के पेड़ से लोअर के फंदे से उसका शव लटका मिला। खेताें की तरफ शौच को निकले ग्रामीणों ने शव लटका देखा। जानकारी पर परिजन पहुंचे। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक के भाई मंशाराम का कहना है कि पिता के इलाज के लिए भाई गांव में ली उधारी ली थी। जिसका लोग लगातार तगादा कर रहे थे। इसी से प्रताड़ित होकर उसने फंदा लगाकर जान दे दी। एसओ अरविंद राणा ने बताया कि मामला संज्ञान में है। तहरीर मिलने पर पड़ताल कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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- तगादे से तंग युवक ने फंदा लगाकर दी जान
- सुरसा थाना क्षेत्र के सहियापुर गांव का निवासी था युवक
- डेढ़ साल पहले पिता का इलाज कराने को ली थी उधारी