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Hardoi News: उम्र और वजन के हिसाब से नाटेपन का शिकार हो रहे 16 प्रतिशत बच्चे

Mon, 17 Nov 2025 11:43 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 17 Nov 2025 11:43 PM IST
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16% of children are stunted for their age and weight
फोटो 02: एक आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चे की ऊंचाई की नाप करती कार्यकर्ता। स्रोत : विभाग
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- तीन से पांच साल तक के बच्चों की आंगनबाड़ी केंद्रों पर होती है लंबाई, ऊंचाई और वजन की नाप

- पोषाहार के वितरण के बाद भी बच्चों का दूर नहीं हो कुपोषण
संवाद न्यूज एजेंसी

हरदोई। उम्र और वजन के हिसाब से बच्चों की ऊंचाई नहीं बढ़ रही है। करीब 16 प्रतिशत बच्चे नाटेपन का शिकार हो रहे हैं। यह आकड़ा आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत पांच साल आयुवर्ग के बच्चों की प्रतिमाह होने वाली लंबाई, ऊंचाई और वजन की नाप में सामने आया है। पोषाहार वितरण के बाद भी बच्चों का कुपोषण दूर नहीं हो पा रहा है।
जिले में 3,930 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। उन केंद्रों पर तीन से पांच साल आयु वर्ग के 2,51,617 बच्चे पंजीकृत हैं। पंजीकृत बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई के साथ ही स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए पोषाहार भी दिया जाता है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रतिमाह बच्चों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से लंबाई, ऊंचाई और वजन की नाप भी ली जाती है। बताया गया कि पंजीकृत बच्चों में से 2,44,628 बच्चों की लंबाई, ऊंचाई और वजन की नाप ली गई। जिसमें से 40,246 बच्चों की उम्र और वजन के हिसाब से ऊंचाई नहीं हुई। यानी कि ऊंचाई कम होने से करीब 16.45 प्रतिशत बच्चे नाटेपन के शिकार के तौर पर चिह्नित किए गए। नाटेपन के शिकार हो रहे बच्चों को लेकर विभाग और परिवार के लोग चितिंत हैं। उम्र बढ़ने के साथ ही ऊंचाई न बढ़ी तो बड़े होकर भी यह औसत से कम ऊंचाई के रह जाएंगे।
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3,930 केंद्रों पर नियमित वितरित कराया जा रहा पोषाहार

जिले की 20 बाल विकास परियोजनाओं के माध्यम से संचालित 3,930 आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित रूप से पोषाहार का वितरण कराया जा रहा है। वहीं कुपोषण रोकने के लिए चिह्नित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र पर 14 दिन के लिए भर्ती भी कराया जाता है। बच्चों की उम्र के हिसाब से औसत से ऊंचाई कम होना चिंतनीय है, लेकिन ऐसे बच्चों को अतिरिक्त पोषाहार दिलाया जाता है। अभिभावकों को बच्चों की देखभाल के लिए प्रेरित किया जाता है।
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-मनोज कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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