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थानाध्यक्ष सांडी पर कोर्ट ने लगाया 12 हजार का हर्जाना

Tue, 03 Dec 2019 12:30 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 03 Dec 2019 12:30 AM IST
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12000 rupees fine against sandi contemporary so
हरदोई। अदालत के आदेश के बावजूद रिपोर्ट न भेजने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट वायु नंदन मिश्र की अदालत ने मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष सांडी पर 12 हजार रुपये का हर्जाना लगा उनके वेतन से कटौती करने का आदेश दिया है।
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सांडी थाने से संबंधित राज्य बनाम रामस्वरूप के विरुद्घ मुकदमा अदालत में लंबित चल रहा है। आबकारी अधिनियम व आईपीसी की धारा 272 से संबंधित उक्त मुकदमे में अदालत लंबे समय से विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट थाना सांडी से मंगा रही थी। न्यायालय ने 25 मार्च 2017 को थाने से उक्त रिपोर्ट तलब की थी। 32 माह बीतने और करीब 67 पेशी हो जाने के बावजूद रिपोर्ट थाने से अदालत नहीं भेजी गई। 28 नवंबर 2019 को मुकदमे के आरोपियों ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई की रिपोर्ट न आने के कारण उनका केस लंबे समय से लंबित है। उनकी मानसिक व आर्थिक क्षति हो रही है।
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अदालत ने मामले में सख्त रुख अपना इसे थानाध्यक्ष सांडी की उदासीनता, अनुशासनहीनता मानते हए सख्त टिप्पणी की। अदालत ने उच्चतम न्यायालय की विधि व्यवस्था का हवाला देते हुए आदेश दिया कि अभियुक्तों के प्रार्थना पत्र का निस्तारण करते हुए थानाध्यक्ष सांडी पर 12 हजार रुपये का हर्जाना लगाया जाता है। आदेश के अनुपालन व कार्रवाई के लिए अदालत ने पुलिस अधीक्षक को लिखा है कि वह उक्त हर्जाना अदालत में जमा कराया जाना सुनिश्चित करें। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तिथि तय करते हुए थानाध्यक्ष को नोटिस भी जारी की।
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