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Hardoi News: डीएम की निर्वाचन परीक्षा में 100 मास्टर ट्रेनर फेल
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हरदोई। तीन दिन तक प्रशिक्षण दिए जाने के बाद डीएम ने मास्टर ट्रेनरों की निर्वाचन नियमों और प्रक्रिया संबंधी परीक्षा कराई। परीक्षा का परिणाम आया तो डीएम भी सन्न रह गए। मास्टर ट्रेनर बनाए गए 142 कर्मचारियों में से महज 42 ही डीएम की इस परीक्षा में पास हो पाए। 100 कर्मचारी फेल हो गए। अब इन सभी को दोबारा प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
चुनाव ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की संख्या तकरीबन 15 हजार होती है। इन सभी को निर्वाचन संबंधी नियम और प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाता है। मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण सीडीओ की देखरेख में तीन दिन तक हुआ था। डीएम ने भी इसमें निर्वाचन संबंधी बारीकियां मास्टर ट्रेनरों को बताई थीं। मास्टर ट्रेनरों काे निर्वाचन के नियमों और प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी है या नहीं, यह सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने मास्टर ट्रेनरों की परीक्षा कराई थी। बुधवार की रात परीक्षा का परिणाम भी आ गया। कुल 142 मास्टर ट्रेनरों ने परीक्षा दी थी। इसमें से 42 पास हो गए और 100 फेल हो गए।
डीएम एमपी सिंह ने परीक्षा पास न कर पाने वाले मास्टर ट्रेनरों को दोबारा एक दिन का प्रशिक्षण देने और प्रशिक्षण के बाद फिर परीक्षा कराए जाने का निर्देश सीडीओ सौम्या गुरूरानी को दिया है।
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50 थे प्रश्न, पास होने को 45 का उत्तर देना था सही
डीएम एमपी सिंह ने बताया कि प्रश्नपत्र में 50 प्रश्न रखे गए थे। यह सभी प्रश्न प्रशिक्षण के दौरान दी गई निर्वाचन की प्रक्रिया और नियमों से संबंधित थे। 45 या इससे अधिक प्रश्न सही करने वालों को ही पास माने जाने की बात तय हुई थी। कुछ कर्मचारियों ने प्रशिक्षण पूरे मनोयोग से लिया और इसके चलते कई कर्मचारियों को 47 और 48 नंबर तक मिले हैं।
मास्टर ट्रेनरों को ही अगर सभी नियम कानून नहीं मालूम होंगे तो वह कर्मचारियों को क्या प्रशिक्षण देंगे। जिन लोगों के 45 से कम नंबर आए हैं इन सभी को आज दोबारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिन लोगों ने 45 नंबर से ज्यादा पाए हैं वह भी प्रशिक्षण देने में सहयोग करेंगे।
एमपी सिंह, डीएम
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चुनाव ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की संख्या तकरीबन 15 हजार होती है। इन सभी को निर्वाचन संबंधी नियम और प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाता है। मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण सीडीओ की देखरेख में तीन दिन तक हुआ था। डीएम ने भी इसमें निर्वाचन संबंधी बारीकियां मास्टर ट्रेनरों को बताई थीं। मास्टर ट्रेनरों काे निर्वाचन के नियमों और प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी है या नहीं, यह सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने मास्टर ट्रेनरों की परीक्षा कराई थी। बुधवार की रात परीक्षा का परिणाम भी आ गया। कुल 142 मास्टर ट्रेनरों ने परीक्षा दी थी। इसमें से 42 पास हो गए और 100 फेल हो गए।
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डीएम एमपी सिंह ने परीक्षा पास न कर पाने वाले मास्टर ट्रेनरों को दोबारा एक दिन का प्रशिक्षण देने और प्रशिक्षण के बाद फिर परीक्षा कराए जाने का निर्देश सीडीओ सौम्या गुरूरानी को दिया है।
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50 थे प्रश्न, पास होने को 45 का उत्तर देना था सही
डीएम एमपी सिंह ने बताया कि प्रश्नपत्र में 50 प्रश्न रखे गए थे। यह सभी प्रश्न प्रशिक्षण के दौरान दी गई निर्वाचन की प्रक्रिया और नियमों से संबंधित थे। 45 या इससे अधिक प्रश्न सही करने वालों को ही पास माने जाने की बात तय हुई थी। कुछ कर्मचारियों ने प्रशिक्षण पूरे मनोयोग से लिया और इसके चलते कई कर्मचारियों को 47 और 48 नंबर तक मिले हैं।
मास्टर ट्रेनरों को ही अगर सभी नियम कानून नहीं मालूम होंगे तो वह कर्मचारियों को क्या प्रशिक्षण देंगे। जिन लोगों के 45 से कम नंबर आए हैं इन सभी को आज दोबारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिन लोगों ने 45 नंबर से ज्यादा पाए हैं वह भी प्रशिक्षण देने में सहयोग करेंगे।
एमपी सिंह, डीएम