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Hardoi News: 10 लाख का भवन महज नौ हजार में नीलाम
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बावन। परिषदीय स्कूल के जर्जर 15 भवनों में सात की नीलामी प्रक्रिया में बड़ा खेल हुआ है। 10 लाख की अनुमानित कीमत वाले भवन की नीलामी केवल नौ हजार में कर दी गई। वहीं, आठ माह पूर्व एक स्कूल भवन में तीन लाख के टाइल्स लगवाए गए थे, उसे भी नीलामी में शामिल किया गया है। इस घालमेल में कई नेताओं के संलिप्त होने की चर्चा है।
जर्जर भवनों को नीलाम करने के लिए सूचीबद्ध किया गया था। इसके लिए 22 और 23 मार्च की तारीख निर्धारित थी। इन दोनों तारीखों में 15 में से सात भवनों की नीलामी हो गई है। नीलाम हुए भवन में न्यौरादेव स्कूल के भवन को गलत तरीके से नीलाम कर दिया गया।
बीएसए डॉ. विनीता ने इस स्कूल के भवन की नीलामी को निरस्त करते हुए भवन का दोबारा मूल्यांकन कराए जाने का आदेश दिया है। इस स्कूल के भवन को नौ हजार में नीलाम कर दिया गया। इन भवन की अनुमानित कीमत 10 लाख से अधिक बताई जा रही है। बाद में चर्चा होने पर बीएसए ने इस स्कूल की नीलामी निरस्त कर दी।
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बताया गया है कि 15 में से प्राइमरी विद्यालय न्यौरादेव, जगतपुर, गजहथन, जूनियर हाईस्कूल दौली, पुरौरी, महरेपुर और लगवाही के भवन नीलाम हो गए हैं। अभी आठ स्कूलों की नीलामी होना शेष है।
उधर, प्राथमिक विद्यालय साबिरपुर में आठ माह पहले तीन लाख रुपये के टॉयल्स लगाए गए थे। शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते इन भवनों के नाम भी नीलामी के लिए दे दिए गए हैं। बताया गया है प्राइमरी विधालय साविरपुर गांव के स्कूल की नीलामी भी होना थी, लेकिन किन्ही कारणों के चलते इसकी नहीं हो सकी। यहां ग्राम पंचायत निधि से टाइल्स लगवाए गए थे। नीलामी की जानकारी मिलते ही बीडीओ बावन रचना गुप्ता ने बीईओ बावन संजीव भारती को चिट्ठी जारी की है और नीलामी का कारण पूछा है।
खंड शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार भारती ने बताया कि ब्लॉक के 15 स्कूलों के जर्जर व निष्प्रयोज्य भवनों की नीलामी कराए जाने के लिए बीएसए ने आदेश जारी किए हैं। इसमें से सात स्कूलों की नीलामी हो गई थी। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विनीता का कहना है कि पूरे प्रक्रिया की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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जर्जर भवनों को नीलाम करने के लिए सूचीबद्ध किया गया था। इसके लिए 22 और 23 मार्च की तारीख निर्धारित थी। इन दोनों तारीखों में 15 में से सात भवनों की नीलामी हो गई है। नीलाम हुए भवन में न्यौरादेव स्कूल के भवन को गलत तरीके से नीलाम कर दिया गया।
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बीएसए डॉ. विनीता ने इस स्कूल के भवन की नीलामी को निरस्त करते हुए भवन का दोबारा मूल्यांकन कराए जाने का आदेश दिया है। इस स्कूल के भवन को नौ हजार में नीलाम कर दिया गया। इन भवन की अनुमानित कीमत 10 लाख से अधिक बताई जा रही है। बाद में चर्चा होने पर बीएसए ने इस स्कूल की नीलामी निरस्त कर दी।
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बताया गया है कि 15 में से प्राइमरी विद्यालय न्यौरादेव, जगतपुर, गजहथन, जूनियर हाईस्कूल दौली, पुरौरी, महरेपुर और लगवाही के भवन नीलाम हो गए हैं। अभी आठ स्कूलों की नीलामी होना शेष है।
उधर, प्राथमिक विद्यालय साबिरपुर में आठ माह पहले तीन लाख रुपये के टॉयल्स लगाए गए थे। शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते इन भवनों के नाम भी नीलामी के लिए दे दिए गए हैं। बताया गया है प्राइमरी विधालय साविरपुर गांव के स्कूल की नीलामी भी होना थी, लेकिन किन्ही कारणों के चलते इसकी नहीं हो सकी। यहां ग्राम पंचायत निधि से टाइल्स लगवाए गए थे। नीलामी की जानकारी मिलते ही बीडीओ बावन रचना गुप्ता ने बीईओ बावन संजीव भारती को चिट्ठी जारी की है और नीलामी का कारण पूछा है।
खंड शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार भारती ने बताया कि ब्लॉक के 15 स्कूलों के जर्जर व निष्प्रयोज्य भवनों की नीलामी कराए जाने के लिए बीएसए ने आदेश जारी किए हैं। इसमें से सात स्कूलों की नीलामी हो गई थी। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विनीता का कहना है कि पूरे प्रक्रिया की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।