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Hapur News: व्यास ने उमा संहिता का किया वर्णन
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संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़मुक्तेश्वर। मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में चल रही शिवमहापुराण कथा में रविवार को व्यास सुरेश दत्त महाराज ने उमा संहिता का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सावन माह में भगवान शिव की पूजा करने से समस्त कष्टों का निवारण होता है। वहीं, भक्तों को भगवान राम की कथा भी सुनाई।
व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने शिव और पार्वती को प्रसन्न करने के लिए तपस्या की। इसके अलावा श्री राम के आराध्य देव भी भोलेनाथ हैं। भगवान राम ने माता सीता की खोज के दौरान समुद्र तट पर शिवलिंग की स्थापना कर भगवान का अभिषेक किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर आगे बढ़े। व्यास ने कहा कि हनुमान भी भगवान शिव के ही अवतार हैं, जो श्री राम के अनन्य भक्त है। व्यास ने कहा कि भगवान भोलेनाथ का मंगलमय चरित्र परम दिव्य एवं भोग और मोक्ष को प्रदान करने वाला है। सभी भक्तों को श्रद्धापूवर्क श्री शिवमहापुराण कथा का श्रवण करना चाहिए। संतान की प्राप्ति के निमित्त कृष्ण ने जब तप किया, तो भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय और गणेश के साथ प्रकट हुए और वरदान दिया।
वहीं श्रीकृष्ण ने माता पार्वती से कहा कि यदि आप मेरे इस तप से प्रसन्न हैं, तो यह वरदान दें कि ब्राह्मणों के प्रति कभी मेरे मन में द्वेष न हो। इस दौरान मंदिर के मुख्य महंत बारह गिरी जी महाराज ने कहा कि शिव महापुराण कलयुग के मानव को यह ज्ञान देती है कि शिव का नाम ही कल्याण है। जो भगवान शिव का भजन करता है, भगवान उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण कर देते हैं। इस दौरान पंडित विनोद शास्त्री, करुणा भारद्वाज, अशोक शर्मा, गुड्डी देवी, कमलेश, उर्मिला वर्मा, जगराम सिंह आदि मौजूद रहे।
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गढ़मुक्तेश्वर। मुक्तेश्वर महादेव मंदिर में चल रही शिवमहापुराण कथा में रविवार को व्यास सुरेश दत्त महाराज ने उमा संहिता का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सावन माह में भगवान शिव की पूजा करने से समस्त कष्टों का निवारण होता है। वहीं, भक्तों को भगवान राम की कथा भी सुनाई।
व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने शिव और पार्वती को प्रसन्न करने के लिए तपस्या की। इसके अलावा श्री राम के आराध्य देव भी भोलेनाथ हैं। भगवान राम ने माता सीता की खोज के दौरान समुद्र तट पर शिवलिंग की स्थापना कर भगवान का अभिषेक किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर आगे बढ़े। व्यास ने कहा कि हनुमान भी भगवान शिव के ही अवतार हैं, जो श्री राम के अनन्य भक्त है। व्यास ने कहा कि भगवान भोलेनाथ का मंगलमय चरित्र परम दिव्य एवं भोग और मोक्ष को प्रदान करने वाला है। सभी भक्तों को श्रद्धापूवर्क श्री शिवमहापुराण कथा का श्रवण करना चाहिए। संतान की प्राप्ति के निमित्त कृष्ण ने जब तप किया, तो भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय और गणेश के साथ प्रकट हुए और वरदान दिया।
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वहीं श्रीकृष्ण ने माता पार्वती से कहा कि यदि आप मेरे इस तप से प्रसन्न हैं, तो यह वरदान दें कि ब्राह्मणों के प्रति कभी मेरे मन में द्वेष न हो। इस दौरान मंदिर के मुख्य महंत बारह गिरी जी महाराज ने कहा कि शिव महापुराण कलयुग के मानव को यह ज्ञान देती है कि शिव का नाम ही कल्याण है। जो भगवान शिव का भजन करता है, भगवान उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण कर देते हैं। इस दौरान पंडित विनोद शास्त्री, करुणा भारद्वाज, अशोक शर्मा, गुड्डी देवी, कमलेश, उर्मिला वर्मा, जगराम सिंह आदि मौजूद रहे।
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