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जिले में अपंजीकृत चिकित्सकों की भरमार
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Mon, 25 Jul 2016 09:49 PM IST
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चिकित्सक
- फोटो : demo pic
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नगर के गली, मोहल्लों में अपंजीकृत चिकित्सकों की बेशक भरमार है लेकिन स्वास्थ्य विभाग को डेढ़ वर्ष में महज 50 अंपजीकृत चिकित्सक ही मिले है जिन्हें नोटिस जारी किया गया है। इनमें भी अधिकांश डिग्रीधारक हैं जबकि सिर्फ चार अपंजीकृत चिकित्सकों पर ही एफआईआर दर्ज की गई है।
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सबसे बड़ी बात यह है कि लाख शिकायतें मिलने के बाद भी अपंजीकृत चिकित्सकों के खिलाफ अब तक जिले में कोई अभियान नहीं चलाया गया है। जबकि शहर में ऐसा कोई मोहल्ला नहीं है जहां अपंजीकृत चिकित्सकों की भरमार नहीं है।
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जिले में आए दिन अपंजीकृत चिकित्सकों के इलाज से मरीजों की हालत बिगड़ने की घटनाएं होती रहती है। जब भी ऐसा कोई हादसा होता है स्वास्थ्य विभाग अपंजीकृत चिकित्सकों के खिलाफ अभियान चलाने की बात करता है।
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लेकिन बीते डेढ वर्ष में कोई अभियान नहंी चलाया गया है। इसके चलते अपंजीकृत चिकित्सकों के हाौसले बुलंद हैं। आलम यह है कि हर गली, मोहल्लों में कुकुरमुत्तों की तरह अपंजीकृत चिकित्सकों की दुकान खुले हुए हैं।
डेढ़ वर्ष में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 50 चिकित्सकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें अधिकांश डिग्रीधारक निकले, जिनके रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण करा दिया गया। सिर्फ 4 चिकित्सकों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कराई जा सकी है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. राकेश अनुरागी ने बताया कि जिन चिकित्सकों के क्लीनिकों के रजिस्ट्रेशन नहीं थे उन्हें भेजकर उनका नवीनीकरण करा दिया गया है। डेढ वर्ष के अंदर चार चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। अपंजीकृत चिकित्सकों पर कार्रवाई के नाम पर वह चुप्पी साध गए।