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अनलॉक-2 में डग्गामार बसों का संचालन
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हाईवे पर बेलगाम दौड़ रहे डग्गामार वाहन
गढ़मुक्तेश्वर। हाईवे पर बेलगाम दौड़ रहे डग्गामार वाहन रोडवेज को लाखों का चूना लगा रहे हैं। इनके चलते सड़क पर आए दिन हादसे हो रहे हैं लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है। एआरटीओ विभाग भी चुप्पी साधे बैठा हुआ है।
कोरोना संक्रमण को चलते लागू हुए लॉकडाउन के बाद कुछ पाबंदियों के साथ शासन ने देश भर में अनलॉक की व्यवस्था लागू की है। रोडवेज बसों के संचालन को भी अनुमति मिल गई है। वहीं परमिट वाले वाहनों का संचालन नहीं हो पाया है। हाईवे समेत क्षेत्र की विभिन्न सड़कों पर डग्गामार बसों का संचालन भी धड़ल्ले से शुरू हो चुका है। डग्गामार बसों के चालक परिचालक शासन की गाइडलाइन और नियमों को ताक पर रखकर सवारियों को भरकर एक स्थान से दूसरे स्थानों तक ले जा रहे हैं। वहीं सैनिटाइजेशन के साथ ही सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो रहा। जिससे सड़क हादसों में बढ़ोतरी होने के साथ ही कोरोना संक्रमण के फैलने की भी संभावना प्रबल हो रही है। डग्गामार बसों के संचालन से शासन को भी लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है। वहीं नगर में स्याना-बुलंदशहर और गढ़-दिल्ली रोड पर शासन द्वारा जारी परमिट के आधार पर चलने वाली प्राइवेट बसों का संचालन अभी भी बंद पड़ा हुआ है। जिसके चलते इन रूटों पर चलने वाली सवारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं डग्गामार वाहनों का सहारा लेना भी मजबूरी बनी हुई है। उधर एआरटीओ प्रवर्तन महेश कुमार शर्मा का कहना है कि डग्गामार बसों का संचालन रोकने को पुलिस विभाग के साथ मिलकर साझा रणनीति बनाई जाएगी। जिसके बाद डग्गामार वाहनों की धरपकड़ के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।
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गढ़मुक्तेश्वर। हाईवे पर बेलगाम दौड़ रहे डग्गामार वाहन रोडवेज को लाखों का चूना लगा रहे हैं। इनके चलते सड़क पर आए दिन हादसे हो रहे हैं लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है। एआरटीओ विभाग भी चुप्पी साधे बैठा हुआ है।
कोरोना संक्रमण को चलते लागू हुए लॉकडाउन के बाद कुछ पाबंदियों के साथ शासन ने देश भर में अनलॉक की व्यवस्था लागू की है। रोडवेज बसों के संचालन को भी अनुमति मिल गई है। वहीं परमिट वाले वाहनों का संचालन नहीं हो पाया है। हाईवे समेत क्षेत्र की विभिन्न सड़कों पर डग्गामार बसों का संचालन भी धड़ल्ले से शुरू हो चुका है। डग्गामार बसों के चालक परिचालक शासन की गाइडलाइन और नियमों को ताक पर रखकर सवारियों को भरकर एक स्थान से दूसरे स्थानों तक ले जा रहे हैं। वहीं सैनिटाइजेशन के साथ ही सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो रहा। जिससे सड़क हादसों में बढ़ोतरी होने के साथ ही कोरोना संक्रमण के फैलने की भी संभावना प्रबल हो रही है। डग्गामार बसों के संचालन से शासन को भी लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है। वहीं नगर में स्याना-बुलंदशहर और गढ़-दिल्ली रोड पर शासन द्वारा जारी परमिट के आधार पर चलने वाली प्राइवेट बसों का संचालन अभी भी बंद पड़ा हुआ है। जिसके चलते इन रूटों पर चलने वाली सवारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं डग्गामार वाहनों का सहारा लेना भी मजबूरी बनी हुई है। उधर एआरटीओ प्रवर्तन महेश कुमार शर्मा का कहना है कि डग्गामार बसों का संचालन रोकने को पुलिस विभाग के साथ मिलकर साझा रणनीति बनाई जाएगी। जिसके बाद डग्गामार वाहनों की धरपकड़ के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।
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