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Hapur News: बैंक कर्मचारी बन ठगी करने वाले युवती समेत दो ठग गिरफ्तार
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हापुड़। थाना साइबर क्राइम व पिलखुवा पुलिस ने बैंक कर्मचारी बन गिफ्ट बाउचर देने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक युवती सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 18 हजार रुपये की नगदी, छह मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, रसीदें व रजिस्टर बरामद किया है।
सीओ पिलखुवा जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस ने साकिब निवासी शिव विहार हस्तल, उत्तम नगर दिल्ली हाल पता ब्लॉक डब्लूजेड, कृष्ण पार्क थाना तिलकनगर दिल्ली व वनीशा आरमरक निवासी नार्दन साइड ऑफ लैइट मखराम मेन रोड डॉन बास्को ईस्ट खासी हिल्स, लैइदुमखरह शिलांग मेघालय को कृष्णा पार्क थाना तिलकनगर दिल्ली से गिरफ्तार किया।
आरोपी लोगों के क्रेडिट कार्ड नंबर व मोबाइल नंबर का डाटा प्राप्त कर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के कर्मचारी बन कर लोगों को सीपीपी प्लान एक्टीवेट या डिएक्टीवेट कराने व रिवार्डस पाइंटस के लिए अपनी बातों में फंसाकर ठगते थे। झांसे में आने वाले लोगों से ओथल्प डेस्क डॉट नेट वेबसाइट पर उनके क्रेडिट कार्ड, जन्मतिथि व ओटीपी की जानकारी हासिल कर लेते थे। उस डिटेल को लेकर आरोपी अलग-अलग खातों में क्रेडिट कार्ड से धनराशि को फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे।
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आरोपी शातिर किस्म के साइबर अपराधी हैं। इनके खातों में पिछले छह माह में करीब 30 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन का होना पाया गया है।
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सीओ पिलखुवा जितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस ने साकिब निवासी शिव विहार हस्तल, उत्तम नगर दिल्ली हाल पता ब्लॉक डब्लूजेड, कृष्ण पार्क थाना तिलकनगर दिल्ली व वनीशा आरमरक निवासी नार्दन साइड ऑफ लैइट मखराम मेन रोड डॉन बास्को ईस्ट खासी हिल्स, लैइदुमखरह शिलांग मेघालय को कृष्णा पार्क थाना तिलकनगर दिल्ली से गिरफ्तार किया।
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आरोपी लोगों के क्रेडिट कार्ड नंबर व मोबाइल नंबर का डाटा प्राप्त कर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के कर्मचारी बन कर लोगों को सीपीपी प्लान एक्टीवेट या डिएक्टीवेट कराने व रिवार्डस पाइंटस के लिए अपनी बातों में फंसाकर ठगते थे। झांसे में आने वाले लोगों से ओथल्प डेस्क डॉट नेट वेबसाइट पर उनके क्रेडिट कार्ड, जन्मतिथि व ओटीपी की जानकारी हासिल कर लेते थे। उस डिटेल को लेकर आरोपी अलग-अलग खातों में क्रेडिट कार्ड से धनराशि को फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे।
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आरोपी शातिर किस्म के साइबर अपराधी हैं। इनके खातों में पिछले छह माह में करीब 30 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन का होना पाया गया है।