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Hapur News: 24 घंटे में दो सगी बहनों की मौत, फुंसी की दवा से मौत का आरोप
Fri, 08 Aug 2025 11:28 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 08 Aug 2025 11:28 PM IST
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धौलाना सीएचसी के बाहर परिजनों ने धरना देकर किया हंगामा, पुलिस ने किया शांत
हापुड़/धौलाना। हापुड़/धौलाना। ऊंचा अमीरपुर गांव में 24 घंटे के भीतर दो सगी बहनों की मौत से हड़कंप मच गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि धौलाना सीएचसी से फुंसी के इलाज के लिए दोनों को दवा दिलाई गई थी। इसे खाने के बाद दोनों की हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। परिजनों ने गलत दवा देने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को सीएचसी के बाहर हंगामा और धरना-प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार और पुलिस ने परिजनों को शांत किया।
दरअसल, ऊंचा अमीरपुर गौतमबुद्धनगर जिले के अंतर्गत आता है, लेकिन धौलाना से यह गांव महज चार किलोमीटर दूर है। गौतमबुद्धनगर का सरकारी अस्पताल इस गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर पड़ता है। इसके कारण सभी ग्रामीण धौलाना सीएचसी से ही दवा लेते हैं।
ऊंचा अमीरपुर निवासी निर्मला ने बताया कि उसके पुत्र जितेंद्र उर्फ लक्की की पांच बेटियां हैं। पांच अगस्त को दूसरे और तीसरे नंबर की नौ वर्षीय शिवांगी और चार वर्षीय साक्षी को फुंसी, फोड़े निकलने पर धौलाना सीएचसी लाई थी। निर्मला ने बताया कि यहां चिकित्सकों ने दवा दे दी, लेकिन दवा लेने के बाद शाम को दोनों के शरीर में सूजन होने लगी। इस पर छह अगस्त को फिर से अस्पताल आकर चिकित्सक को बताया। दूसरे दिन दवा बदलकर दी गई, लेकिन इन्हें खाने पर तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को शिवांगी की हालत और बिगड़ गई। परिजन उसे हापुड़ सीएचसी लेकर पहुंचे, लेकिन वहां उसने दम तोड़ दिया।
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गमगीन माहौल में शिवांगी का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। शुक्रवार को दूसरी बहन साक्षी की हालत भी बिगड़ने लगी। परिजनों ने बताया कि साक्षी को हापुड़ सीएचसी लेकर गए, लेकिन वहां इलाज नहीं मिला। उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। शुक्रवार की दोपहर मेरठ मेडिकल ले जाते समय उसने भी दम तोड़ दिया।
24 घंटे के अंदर दो सगी बहनों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। गलत दवाएं देने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने धौलाना सीएचसी के बाहर हंगामा और धरना शुरू कर दिया। तहसीलदार प्रवेश कुमार और पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाया और साक्षी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
रक्षाबंधन से पहले दो बहनों की मौत से गांव में मातम
रक्षाबंधन के लिए हर घर में तैयारियां चल रहीं थीं। इसी दौरान दो सगी बहनों की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया। पड़ोसियों ने बताया कि दोनों ही बहनें बेहद हंसमुख थीं। रक्षाबंधन पर आस पास के घरों में भी राखी बांधने आती थीं। उनकी अचानक मृत्यु से हर कोई भावुक हो गया। बता दें कि मृतका के पिता जितेंद्र को पांच और चाचा मनोज को चार पुत्रियां हैं।
पर्चे पर चिकित्सकों ने लिखीं दवाएं
धौलाना सीएचसी में बने पर्चों पर चिकित्सकों ने कोट्रिमाजोल जोकि एंटीबॉयोटिक दवा है। सोफ्रामाइसिन क्रीम, इसे फुंसी, दानों पर लगाया जाता है यह भी एंटी बॉयोटिक होती है। लीवोसिटराजिन सीरप जोकि एंटी एलर्जिक होता है। ये तीनों दवाएं दोनों बहनों को दी गई हैं।
पोस्टमार्टम से होगा खुलासा, टीम भेजी-
चिकित्सक द्वारा लिखी दवाएं देखी गई हैं, जांच के लिए टीम गठित कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। फुंसी, फोड़े होने वाले मरीजों को सरकारी अस्पतालों में यही दवाएं दी जाती हैं, शरीर पर सूजन कैसे बनी यह भी रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट होगा। - डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।
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हापुड़/धौलाना। हापुड़/धौलाना। ऊंचा अमीरपुर गांव में 24 घंटे के भीतर दो सगी बहनों की मौत से हड़कंप मच गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि धौलाना सीएचसी से फुंसी के इलाज के लिए दोनों को दवा दिलाई गई थी। इसे खाने के बाद दोनों की हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। परिजनों ने गलत दवा देने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को सीएचसी के बाहर हंगामा और धरना-प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार और पुलिस ने परिजनों को शांत किया।
दरअसल, ऊंचा अमीरपुर गौतमबुद्धनगर जिले के अंतर्गत आता है, लेकिन धौलाना से यह गांव महज चार किलोमीटर दूर है। गौतमबुद्धनगर का सरकारी अस्पताल इस गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर पड़ता है। इसके कारण सभी ग्रामीण धौलाना सीएचसी से ही दवा लेते हैं।
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ऊंचा अमीरपुर निवासी निर्मला ने बताया कि उसके पुत्र जितेंद्र उर्फ लक्की की पांच बेटियां हैं। पांच अगस्त को दूसरे और तीसरे नंबर की नौ वर्षीय शिवांगी और चार वर्षीय साक्षी को फुंसी, फोड़े निकलने पर धौलाना सीएचसी लाई थी। निर्मला ने बताया कि यहां चिकित्सकों ने दवा दे दी, लेकिन दवा लेने के बाद शाम को दोनों के शरीर में सूजन होने लगी। इस पर छह अगस्त को फिर से अस्पताल आकर चिकित्सक को बताया। दूसरे दिन दवा बदलकर दी गई, लेकिन इन्हें खाने पर तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को शिवांगी की हालत और बिगड़ गई। परिजन उसे हापुड़ सीएचसी लेकर पहुंचे, लेकिन वहां उसने दम तोड़ दिया।
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गमगीन माहौल में शिवांगी का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। शुक्रवार को दूसरी बहन साक्षी की हालत भी बिगड़ने लगी। परिजनों ने बताया कि साक्षी को हापुड़ सीएचसी लेकर गए, लेकिन वहां इलाज नहीं मिला। उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। शुक्रवार की दोपहर मेरठ मेडिकल ले जाते समय उसने भी दम तोड़ दिया।
24 घंटे के अंदर दो सगी बहनों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। गलत दवाएं देने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने धौलाना सीएचसी के बाहर हंगामा और धरना शुरू कर दिया। तहसीलदार प्रवेश कुमार और पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाया और साक्षी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
रक्षाबंधन से पहले दो बहनों की मौत से गांव में मातम
रक्षाबंधन के लिए हर घर में तैयारियां चल रहीं थीं। इसी दौरान दो सगी बहनों की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया। पड़ोसियों ने बताया कि दोनों ही बहनें बेहद हंसमुख थीं। रक्षाबंधन पर आस पास के घरों में भी राखी बांधने आती थीं। उनकी अचानक मृत्यु से हर कोई भावुक हो गया। बता दें कि मृतका के पिता जितेंद्र को पांच और चाचा मनोज को चार पुत्रियां हैं।
पर्चे पर चिकित्सकों ने लिखीं दवाएं
धौलाना सीएचसी में बने पर्चों पर चिकित्सकों ने कोट्रिमाजोल जोकि एंटीबॉयोटिक दवा है। सोफ्रामाइसिन क्रीम, इसे फुंसी, दानों पर लगाया जाता है यह भी एंटी बॉयोटिक होती है। लीवोसिटराजिन सीरप जोकि एंटी एलर्जिक होता है। ये तीनों दवाएं दोनों बहनों को दी गई हैं।
पोस्टमार्टम से होगा खुलासा, टीम भेजी-
चिकित्सक द्वारा लिखी दवाएं देखी गई हैं, जांच के लिए टीम गठित कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। फुंसी, फोड़े होने वाले मरीजों को सरकारी अस्पतालों में यही दवाएं दी जाती हैं, शरीर पर सूजन कैसे बनी यह भी रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट होगा। - डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।