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जिले के दो सौ हैंडपंप खराब, कैसे बुझे प्यास

Tue, 25 Apr 2017 09:10 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़ Updated Tue, 25 Apr 2017 09:10 PM IST
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Two hundred handpumps are bad.
हैंडपंप - फोटो : अमर उजाला

गर्मी कहर बरपा रही है, बावजूद इसके लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया नहीं हो पा रहा है। जिले में दो सौ हैंडपंप खराब खड़े हैं। इसके अलावा करीब 80 हैंडपंप दूषित पानी उगल रहे हैं। कुल मिलाकर खराब खड़े हैंडपंप सरकारी दावों की पोल खोल रहे हैं।

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पूरे जिले में लगे सरकारी हैंडपंपों की संख्या 11, 690 है। इन पंपों में से 200 हैंडपंप खराब हो चुके हैं। बाकी 80 हैंडपंप दूषित पानी उगल रहे हैं। जिन पर रेड मार्क लगा दिया गया है। यह महज सरकारी आंकड़ा है। वास्तव में खराब नलों की संख्या इससे कई गुना अधिक है।
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बड़ी बात यह है कि खराब पड़े और दूषित पानी उगल रहे अधिकतर नल सार्वजनिक स्थानों पर हैं। यह ऐसे स्थानों पर हैं जहां पर पानी की सबसे अधिक आवश्यकता है। इनमें कई सरकारी स्कूल व अस्पताल शामिल हैं।
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हालांकि प्रशासन इन खराब हो चुके दो नलों को रीबोर कराने की बात जरूर कह रहा है लेकिन अब तक इस मामले में कोई तेजी नहीं दिख रही है। कुल मिलाकर ऐसी भयंकर गर्मी में भी लोगों को पेयजल की समस्या बनी हुई है।

गांव महमदपुर आजमपुर निवासी सोनू, जयप्रकाश, कपिल ने बताया कि गांव में करीब 15 सरकारी हैंडपंप लगे हुए हैं लेकिन इनमें से पांच नल पिछले छह माह से खराब हैं। यही हाल लगभग हर गांव का है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष में सरकारी हैंडपंपों पर करीब तीन करोड़ की लागत से 335 हैंडपंप एमएलसी व विधायक कोटे से लगाए गए। इस वित्तीय वर्ष में फिलहाल इसके लिए कोई बजट नहीं आया है।

धूप में घर से बाहर निकले आम और गरीब आदमी की प्यास नहीं बुझ पाती है। रास्ते में प्यास लगने पर पानी के लिए जगह-जगह भटकना पड़ता है। प्रशासन को कम से कम यह सुनिश्चित करना चहिए कि लोग प्यासे न रहें।  अमित गुप्ता, शहरवासी

सरकार करोड़ों में बजट पास कर लोगों की प्याज बुझाने के लिए अधिकारियों को आदेशित करती है, लेकिन वास्तव में क्षेत्र में सरकारी हैंडपंपों की स्थिति अच्छी नहीं हैं। खराब और दूषित पानी उगल रहे नलों को तुरंत ठीक कराया जाना चाहिए।  श्याम कुमार, समाजसेवी

खराब हुए नलों को रीबोर कराने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। सभी स्थानों पर लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराना सुनिश्चित किया जा रहा है। - संजय जैन, अधिशासी अभियंता, जल निगम


गर्मी को देखते हुए अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं। लोगों को हर हाल में स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए पहले भी निर्देशित किया जा चुका है। इस मामले में लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।  अनिल ढींगरा, डीएम

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