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हनी ट्रैप में फंसाकर ठगी करने वाले नाइजीरियन समेत दो दबोचे
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हनी ट्रैप में फंसा पूर्व फौजी से ठगी करने वाला नाइजीरियन गिरफ्तार
हापुड़। हनी ट्रैप के माध्यम से लोगों को धोखा देकर लाखों की ठगी करने वाले एक नाइजीरियन समेत दो शातिर ठगों को पिलखुवा पुलिस और सर्विलांस टीम ने गिरफ्तार कर लिया। इन लोगों ने पिलखुवा क्षेत्र के एक गांव निवासी पूर्व फौजी से 30.40 लाख रुपये की ठगी की थी।
पुलिस ने आरोपियों से 1.18 लाख रुपये, पांच मोबाइल व तीन एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। वहीं, तीन बैंक खाते से 3.12 लाख रुपये सीज कराए गए। पुलिस इनके बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है। एसपी संजीव सुमन ने बताया कि पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के गांव जटपुरा निवासी कृष्णपाल सिंह सेवानिवृत्त फौजी हैं और फिलहाल गांव में रहकर खेती करते है। उन्होंने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि दो माह पहले एक महिला फेसबुक के माध्यम से उनकी मित्र बनी। दोनों के बीच मैसेंजर पर वार्ता का दौर शुरू हो गया। इस दौरान महिला ने पीड़िता को अपनी बातों में फंसा लिया और महंगे उपहार भेजने के नाम और तरह-तरह के प्रलोभन देकर दिल्ली के चार अलग-अलग खातों में 30.40 लाख रुपये जमा करा लिए। बाद में उन्हें ठगी होने का एहसास हुआ। कोतवाली पिलखुवा ने इस मामले को धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में पंजीकृत किया था। इस वारदात का पर्दाफाश करने के लिए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक महावीर सिंह और सर्विलांस टीम को लगाया गया था। तभी से पुलिस जांच पड़ताल में जुटी हुई थी। एसपी ने बताया कि सोमवार को सूचना पर जनपद गाजियाबाद के डासना पुल के नीचे इस मामले से जुड़े दो आरोपी खड़े हैं। सूचना के आधार पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान डेल्टा स्टेट नाइजीरिया के इरेगा स्ट्रीट बोजी एग्बोर निवासी अबेहोर प्रिंस व मूलरूप से गोरखपुर व लखनऊ के थाना गौमतीनगर क्षेत्र के विरमखंड निवासी प्रशांत के रूप में हुई।
एसपी ने बताया कि इस गैंग में कई और लोग शामिल हैं, जिन्होंने इस प्रकार की कई ठगी को अंजाम दिया है। नाइजीरियन लोग मुख्य रूप से ठगी से अंजाम देते थे। जबकि इस गैंग में शामिल भारतीय आरोपी इन्हें बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। भोले भाले लोगों को रुपये का लालच देकर ये लोग उनके खाते में रकम डलवाते थे। एसपी ने बताया कि नाइजीरियन टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे या किसी और उद्देश्य से फिलहाल इसकी जानकारी नहीं हो सकती है। पकड़ा गया नाइजीरियन फिलहाल दिल्ली में रहा था। इसके पासपोर्ट की जांच करने के बाद ही इस बात का पता चल सकेगा। इनके दूसरे साथियों की भी तलाश की जा रही है।
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हापुड़। हनी ट्रैप के माध्यम से लोगों को धोखा देकर लाखों की ठगी करने वाले एक नाइजीरियन समेत दो शातिर ठगों को पिलखुवा पुलिस और सर्विलांस टीम ने गिरफ्तार कर लिया। इन लोगों ने पिलखुवा क्षेत्र के एक गांव निवासी पूर्व फौजी से 30.40 लाख रुपये की ठगी की थी।
पुलिस ने आरोपियों से 1.18 लाख रुपये, पांच मोबाइल व तीन एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। वहीं, तीन बैंक खाते से 3.12 लाख रुपये सीज कराए गए। पुलिस इनके बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है। एसपी संजीव सुमन ने बताया कि पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के गांव जटपुरा निवासी कृष्णपाल सिंह सेवानिवृत्त फौजी हैं और फिलहाल गांव में रहकर खेती करते है। उन्होंने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि दो माह पहले एक महिला फेसबुक के माध्यम से उनकी मित्र बनी। दोनों के बीच मैसेंजर पर वार्ता का दौर शुरू हो गया। इस दौरान महिला ने पीड़िता को अपनी बातों में फंसा लिया और महंगे उपहार भेजने के नाम और तरह-तरह के प्रलोभन देकर दिल्ली के चार अलग-अलग खातों में 30.40 लाख रुपये जमा करा लिए। बाद में उन्हें ठगी होने का एहसास हुआ। कोतवाली पिलखुवा ने इस मामले को धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में पंजीकृत किया था। इस वारदात का पर्दाफाश करने के लिए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक महावीर सिंह और सर्विलांस टीम को लगाया गया था। तभी से पुलिस जांच पड़ताल में जुटी हुई थी। एसपी ने बताया कि सोमवार को सूचना पर जनपद गाजियाबाद के डासना पुल के नीचे इस मामले से जुड़े दो आरोपी खड़े हैं। सूचना के आधार पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान डेल्टा स्टेट नाइजीरिया के इरेगा स्ट्रीट बोजी एग्बोर निवासी अबेहोर प्रिंस व मूलरूप से गोरखपुर व लखनऊ के थाना गौमतीनगर क्षेत्र के विरमखंड निवासी प्रशांत के रूप में हुई।
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एसपी ने बताया कि इस गैंग में कई और लोग शामिल हैं, जिन्होंने इस प्रकार की कई ठगी को अंजाम दिया है। नाइजीरियन लोग मुख्य रूप से ठगी से अंजाम देते थे। जबकि इस गैंग में शामिल भारतीय आरोपी इन्हें बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। भोले भाले लोगों को रुपये का लालच देकर ये लोग उनके खाते में रकम डलवाते थे। एसपी ने बताया कि नाइजीरियन टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे या किसी और उद्देश्य से फिलहाल इसकी जानकारी नहीं हो सकती है। पकड़ा गया नाइजीरियन फिलहाल दिल्ली में रहा था। इसके पासपोर्ट की जांच करने के बाद ही इस बात का पता चल सकेगा। इनके दूसरे साथियों की भी तलाश की जा रही है।
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