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Hapur News: यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर शुल्क के प्रस्ताव का व्यापारियों ने जताया विरोध
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कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते व्यापारी। संवाद
हापुड़। पश्चिम उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल ने दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.40 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव का विरोध जताया। बुधवार को व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने जिला मुख्यालय पहुंचकर वित्तमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अशोक कुमार सैनी को सौंपा। उन्होंने व्यापारिक यूपीआई लेनदेन को एमडीआर शुल्क से मुक्त रखने की मांग की।
संगठन के जिला अध्यक्ष संजय कुमार डावर ने कहा कि डिजिटल भुगतान आज व्यापार व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। सरकार की डिजिटल इंडिया और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की पहल के बाद छोटे और परंपरागत व्यापारियों ने भी यूपीआई को अपनाया है। ऐसे में दो हजार रुपये से अधिक के लेनदेन पर 0.40 प्रतिशत एमडीआर शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
जिला कोषाध्यक्ष ऋषभ गर्ग ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव और बदलते व्यापारिक माहौल के कारण छोटे व्यापारी पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क उनकी परेशानी को और बढ़ा सकता है। यदि प्रस्ताव में उचित संशोधन नहीं किया गया तो व्यापारी अपने स्तर पर विरोध दर्ज कराने के लिए यूपीआई के बजाय नकद भुगतान को प्राथमिकता देंगे।
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जिला महामंत्री दीपक बंसल ने बताया कि व्यापारियों ने केंद्र सरकार से व्यापारिक यूपीआई भुगतान को एमडीआर शुल्क से मुक्त रखने की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में रविंद्र गुप्ता, मोहित अग्रवाल, यशपाल तनेजा, विनोद थापर, राजेश नारंग, अमन चुग, सचिन अग्रवाल, गौरव गोयल, कपिल अग्रवाल मौजूद रहे।
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संगठन के जिला अध्यक्ष संजय कुमार डावर ने कहा कि डिजिटल भुगतान आज व्यापार व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। सरकार की डिजिटल इंडिया और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की पहल के बाद छोटे और परंपरागत व्यापारियों ने भी यूपीआई को अपनाया है। ऐसे में दो हजार रुपये से अधिक के लेनदेन पर 0.40 प्रतिशत एमडीआर शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
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जिला कोषाध्यक्ष ऋषभ गर्ग ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव और बदलते व्यापारिक माहौल के कारण छोटे व्यापारी पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क उनकी परेशानी को और बढ़ा सकता है। यदि प्रस्ताव में उचित संशोधन नहीं किया गया तो व्यापारी अपने स्तर पर विरोध दर्ज कराने के लिए यूपीआई के बजाय नकद भुगतान को प्राथमिकता देंगे।
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जिला महामंत्री दीपक बंसल ने बताया कि व्यापारियों ने केंद्र सरकार से व्यापारिक यूपीआई भुगतान को एमडीआर शुल्क से मुक्त रखने की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में रविंद्र गुप्ता, मोहित अग्रवाल, यशपाल तनेजा, विनोद थापर, राजेश नारंग, अमन चुग, सचिन अग्रवाल, गौरव गोयल, कपिल अग्रवाल मौजूद रहे।