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तीन साल बाद ‘सही’ मीटरों को बता दिया ‘टैंपर्ड’
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Tue, 19 Jul 2016 10:08 PM IST
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बिजली का मीटर
- फोटो : demo pic
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वाह रे बिजली निगम! तीन वर्ष पहले जिन मीटरों पर ओके की रिपोर्ट लगाई थी अब उसे भी टैंपर्ड बताकर अफसरों ने उपभोक्ताओं पर लाखों रुपये का जुर्माना लगा दिया है। ऐसे 38 उपभोक्ताओं पर निगम ने यह कार्रवाई की है।
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अचानक बिल में लाखों रुपये का जुर्माना जुड़कर आने से इन उपभोक्ताओं की नींद हराम हो गई है। दरअसल, बिजली निगम के अफसर उपभोक्ताओं का शोषण करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वर्ष 2013 में अभियान के दौरान निगम अफसरों ने कई संदिग्ध मीटर जब्त किए थे।
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इनमें 38 मीटर ऐसे थे, जिन पर तत्कालीन एई (मीटर) ने जांच के बाद ओके की रिपोर्ट लगाई थी। उपभोक्ताओं के आवास पर नया मीटर लगवा दिया गया था। तब से उपभोक्ताओं का बिल भी सामान्य आ रहा था। इस माह अचानक उपभोक्ताओं पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाकर बिल भेजा गया है,
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जिसमें कंपनी को भेजे गए उक्त ओके की रिपोर्ट लगे मीटरों को टैंपर्ड दिखाया गया है। अतरपुरा निवासी सबसुदीन ने बताया कि दिसंबर 2013 में उसके मीटर की अफसरों ने जांच की तो वह सही मिला था लेकिन इस माह बिल में 50 हजार रुपये का जुर्माना जोड़कर भेजा गया है। अन्य उपभोक्ता भी अफसरों से गुहार लगा रहे हैं।
बता दें कि कंपनी की रिपोर्ट में 38 मीटरों को टैंपर्ड व अंदर से फुंका हुआ दिखाया गया है जबकि इन मीटर पर अफसर ओके की रिपोर्ट लगा चुके थे। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऊर्जा निगम के अफसर किस हद तक नियमों की अनदेखी कर उपभोक्ताओं का शोषण कर रहे हैं।
मीटर की जांच के दौरान भरी जाने वाली सिलिंग में स्पष्ट लिखा होता है कि एई (मीटर) द्वारा की गई जांच सर्वमान्य होगी लेकिन कंपनी से जिन मीटर को टैंपर्ड या अंदर से फुंका हुआ दिखाया है। इन मीटरों पर भी एई मीटर ओके की रिपोर्ट लगा चुके हैं।
वर्ष 2013 में इन उपभोक्ताओं के मीटरों की जांच हुई थी, तब इन्हें ओके डिक्लेयर कर अफसरों ने जब्त कर लिया था। लेकिन तीन वर्ष बाद किस तरह जांच कर टैंपर्ड घोषित कर दिया गया। यह निगम अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है।
ए.ई मीटर सचिन का कहना है कि उनके चार्ज लेने से पूर्व ही इन मीटरों पर ओके की रिपोर्ट लगाई गई है। कंपनी को जांच में मीटर टैंपर्ड मिले हैं, इसलिए उपभोक्ताओं पर जुर्माना लगाया गया है।