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हेपेटाइटिस सी से तीन किसानों की मौत
अमर उजाला, गढ़
Updated Wed, 30 Dec 2015 11:08 PM IST
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क्षेत्र के गांव मानकचौक में बुधवार को हेपेटाइटिस सी से पीड़ित किसान राजवीर (60), रिक्षपाल (60) और रमेश चंद्र (58) ने दम तोड़ दिया है। एक ही दिन में तीन मौतें होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
गाजियाबाद में मुरादनगरकी ईदगाह कालोनी में नामित सभासद इस्लामुद्दीन की पत्नी ताहिरा बेगम (53) और हनीफ मिस्त्री की पत्नी रहीसा उर्फ मुन्नी (53) की भी हेपिटाइटिस सी से मौत हो गई
ग्राम प्रधान सुमन गौतम ने बताया कि अधिकांश गांवों का भूजल दूषित होने और इसके उपयोग करने से ग्रामीण हेपेटाइटिस बी और सी के शिकार हो रहे हैं। मानकचौक में तीन माह पहले स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के तत्वाधान में
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गांव में स्वास्थ्य कैंप लगवाया गया था, जिसमें महिला-बच्चों समेत 21 ग्रामीणों में हेपेटाइटिस सी की पुुष्टि हुई थी। परंतु इसके बाद भी सरकारी स्तर से बीमारों के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं की जा सकी है और न ही दूषित भूजल से निजात दिलाने की कोई कवायद हुई।
उन्होंने बताया कि राजवीर ठेकेदार(60)के परिवार में चार बच्चे, रिक्षपाल (60) के सात बच्चे और रमेशचंद (58) के चार बच्चे हैं। इनके परिजनों हरेंद्र, हैप्पी, विरेंद्र और बिल्लू का कहना है कि मेरठ और दिल्ली में कराई गई जांच में तीनों को हेपेटाइटिस सी से पीड़ित होने की पुष्टि हुई थी। इनका दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ के अस्पतालों में इलाज चल रहा था।
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गाजियाबाद में मुरादनगरकी ईदगाह कालोनी में नामित सभासद इस्लामुद्दीन की पत्नी ताहिरा बेगम (53) और हनीफ मिस्त्री की पत्नी रहीसा उर्फ मुन्नी (53) की भी हेपिटाइटिस सी से मौत हो गई
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ग्राम प्रधान सुमन गौतम ने बताया कि अधिकांश गांवों का भूजल दूषित होने और इसके उपयोग करने से ग्रामीण हेपेटाइटिस बी और सी के शिकार हो रहे हैं। मानकचौक में तीन माह पहले स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के तत्वाधान में
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गांव में स्वास्थ्य कैंप लगवाया गया था, जिसमें महिला-बच्चों समेत 21 ग्रामीणों में हेपेटाइटिस सी की पुुष्टि हुई थी। परंतु इसके बाद भी सरकारी स्तर से बीमारों के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं की जा सकी है और न ही दूषित भूजल से निजात दिलाने की कोई कवायद हुई।
उन्होंने बताया कि राजवीर ठेकेदार(60)के परिवार में चार बच्चे, रिक्षपाल (60) के सात बच्चे और रमेशचंद (58) के चार बच्चे हैं। इनके परिजनों हरेंद्र, हैप्पी, विरेंद्र और बिल्लू का कहना है कि मेरठ और दिल्ली में कराई गई जांच में तीनों को हेपेटाइटिस सी से पीड़ित होने की पुष्टि हुई थी। इनका दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ के अस्पतालों में इलाज चल रहा था।