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Hapur News: तहसीलदार ने फर्जी दस्तावेजों से प्लॉट बेचने वालों का नाम किया निरस्त
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हापुड़। नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के हर्ष विहार मोहल्ला निवासी अनिल सागर के प्लॉट का फर्जी बैनामा कराने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस पहले ही कर चुकी है।
मामले में अब न्यायालय तहसीलदार ने भी कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर किए गए क्रय विक्रय को निरस्त कर दिया है।
अनिल सागर ने नवंबर 2025 को दर्ज रिपोर्ट में बताया था कि 21 जनवरी 2008 को एक प्लॉट के मूल भू-स्वामी ने अपना तथाकथित प्लॉट प्रमिला देवी को विक्रय किया था। आठ दिसंबर 2008 को प्रमिला देवी ने इस प्लॉट को कुंवरपाल शर्मा को विक्रय कर दिया। तीन अगस्त 2009 को कुंवर पाल शर्मा द्वारा इस प्लॉट को पीड़ित की पत्नी रेखा उर्फ अंजली व सगी बहन ओमवती को विक्रय कर दिया गया। तीन अगस्त 2009 से वह प्लॉट पर काबिज चला आ रहा है। 28 दिसंबर 2023 को आपसी सहमति से पीड़ित की सगी बहन ओमवती द्वारा यह प्लॉट पीड़ित को गिफ्ट डीड कर दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया था कि चमरी गांव निवासी राज कुमार त्यागी एक संगठित गिरोह के तहत दिल्ली निवासी सतेंद्र कुमार, पूजा, आदर्श नगर कॉलोनी निवासी योगेश कुमार, तेजवीर सिंह, लज्जापुरी निवासी बिजेंद्र कुमार, काजीवाड़ा निवासी महफूज खान, मोहित त्यागी व अन्य दो-तीन के साथ साजिश रची।
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उसने दस मार्च 2014 को अपने मृतक मामा कैलाश चंद से मूल्यवान प्रतिभूति वसीयत अपने पक्ष में तैयार कराई। इसके बाद राजकुमार त्यागी ने अपने गिरोह के साथ मिलकर उक्त मूल्यवान प्रतिभूति और कूटरचित वसीयत का प्रयोग कर 17 अगस्त 2023 को धोखाधड़ी कर हर्ष विहार मोहल्ले में कई प्लाटों का बैनामा स्वयं को मालिक दर्शाते हुए कर दिया।
सीओ वरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।
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मामले में अब न्यायालय तहसीलदार ने भी कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर किए गए क्रय विक्रय को निरस्त कर दिया है।
अनिल सागर ने नवंबर 2025 को दर्ज रिपोर्ट में बताया था कि 21 जनवरी 2008 को एक प्लॉट के मूल भू-स्वामी ने अपना तथाकथित प्लॉट प्रमिला देवी को विक्रय किया था। आठ दिसंबर 2008 को प्रमिला देवी ने इस प्लॉट को कुंवरपाल शर्मा को विक्रय कर दिया। तीन अगस्त 2009 को कुंवर पाल शर्मा द्वारा इस प्लॉट को पीड़ित की पत्नी रेखा उर्फ अंजली व सगी बहन ओमवती को विक्रय कर दिया गया। तीन अगस्त 2009 से वह प्लॉट पर काबिज चला आ रहा है। 28 दिसंबर 2023 को आपसी सहमति से पीड़ित की सगी बहन ओमवती द्वारा यह प्लॉट पीड़ित को गिफ्ट डीड कर दिया गया।
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उन्होंने आरोप लगाया था कि चमरी गांव निवासी राज कुमार त्यागी एक संगठित गिरोह के तहत दिल्ली निवासी सतेंद्र कुमार, पूजा, आदर्श नगर कॉलोनी निवासी योगेश कुमार, तेजवीर सिंह, लज्जापुरी निवासी बिजेंद्र कुमार, काजीवाड़ा निवासी महफूज खान, मोहित त्यागी व अन्य दो-तीन के साथ साजिश रची।
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उसने दस मार्च 2014 को अपने मृतक मामा कैलाश चंद से मूल्यवान प्रतिभूति वसीयत अपने पक्ष में तैयार कराई। इसके बाद राजकुमार त्यागी ने अपने गिरोह के साथ मिलकर उक्त मूल्यवान प्रतिभूति और कूटरचित वसीयत का प्रयोग कर 17 अगस्त 2023 को धोखाधड़ी कर हर्ष विहार मोहल्ले में कई प्लाटों का बैनामा स्वयं को मालिक दर्शाते हुए कर दिया।
सीओ वरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।