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Hapur News: मोनाड विवि में जांच करने पहुंची उच्च शिक्षा विभाग की टीम
Fri, 01 Aug 2025 11:14 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 01 Aug 2025 11:14 PM IST
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हापुड़। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों की दो सदस्यीय टीम शुक्रवार को मोनाड विश्वविद्यालय पहुंची। टीम ने विवि में पहुंचकर जांच की, लेकिन जांच में क्या सामने आया, उसे बोलने से अधिकारी बच रहे हैं।
विभाग की मेरठ क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी मोनिका सिंह और डॉ दिनेश की दो सदस्यीय टीम विवि में पहुंची। सूत्रों के अनुसार, टीम ने बच्चों की परीक्षा कॉपी के साथ अन्य दस्तावेज की जांच की। हालांकि, टीम के अधिकारियों ने क्या कार्यवाही की है, उसे लेकर कोई जवाब नहीं दिया है। मामले में मेरठ क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी मोनिका सिंह से वार्ता करने के लिए कई बार फोन किए गए, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। यहां तक कि मैसेज का भी जवाब नहीं दिया। इसके अलावा मोनाड विवि के वीसी प्रोफेसर डॉ जावेद से वार्ता का प्रयास किया गया, उन्होंने भी कॉल का जवाब नहीं दिया।
डीएम और एसपी के पत्र पर हो रही जांच
एसटीएफ की कार्रवाई में फर्जी मार्कशीट और डिग्री मिलने के बाद विवि की मान्यता रद्द करने के लिए डीएम और एसपी ने शासन को पत्र भेजा था। इसके बाद ही उच्च शिक्षा विभाग को जांच के आदेश दिए गए थे। मामले में एसटीएफ ने गहनता से जांच के बाद विवि में कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में फर्जी डिग्री और मार्कशीट बरामद करते हुए करीब 11 लोगों को जेल भी भेजा था।
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विभाग की मेरठ क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी मोनिका सिंह और डॉ दिनेश की दो सदस्यीय टीम विवि में पहुंची। सूत्रों के अनुसार, टीम ने बच्चों की परीक्षा कॉपी के साथ अन्य दस्तावेज की जांच की। हालांकि, टीम के अधिकारियों ने क्या कार्यवाही की है, उसे लेकर कोई जवाब नहीं दिया है। मामले में मेरठ क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी मोनिका सिंह से वार्ता करने के लिए कई बार फोन किए गए, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। यहां तक कि मैसेज का भी जवाब नहीं दिया। इसके अलावा मोनाड विवि के वीसी प्रोफेसर डॉ जावेद से वार्ता का प्रयास किया गया, उन्होंने भी कॉल का जवाब नहीं दिया।
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डीएम और एसपी के पत्र पर हो रही जांच
एसटीएफ की कार्रवाई में फर्जी मार्कशीट और डिग्री मिलने के बाद विवि की मान्यता रद्द करने के लिए डीएम और एसपी ने शासन को पत्र भेजा था। इसके बाद ही उच्च शिक्षा विभाग को जांच के आदेश दिए गए थे। मामले में एसटीएफ ने गहनता से जांच के बाद विवि में कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में फर्जी डिग्री और मार्कशीट बरामद करते हुए करीब 11 लोगों को जेल भी भेजा था।
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