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Hapur News: 5762 किसानों की फर्द पर सिंभावली मिल ने लिया था 148 करोड़ का ऋण

Thu, 14 Dec 2023 10:14 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़ Updated Thu, 14 Dec 2023 10:14 PM IST
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sugar mill loan fraud
हापुड़। सिंभावली चीनी मिल ने बैंकों के साथ मिलकर एक दशक पहले जिले के 5762 किसानों की फर्द पर फर्जी तरीके से करीब 148 करोड़ का ऋण निकाल लिया था। किसानों को बैंक से नोटिस मिलने पर इसका पता चला। साथ ही एक बैंक ने ऋण न चुकाने की भी शिकायत की, वर्ष 2018 में सीबीआई ने जांच कर, पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री के दामाद समेत दस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिंभावली चीनी मिल समेत सात बैंकों के खिलाफ करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। इस आदेश के बाद से चीनी मिलों के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है, केन कमीश्नर और बैंकों के अधिकारियों की भूमिका भी कोर्ट ने संदिग्ध मानी है। बता दें कि यह पहला मामला नहीं है जब सिंभावली मिल सीबीआई जांच की चर्चा में आया है, इससे पहले भी सीबीआई कई बार जिले में जांच करने आ चुकी है। दरअसल, सिंभावली चीनी मिल पर ओरिएंटल बैंक आफ कॉमर्स के अधिकारियों ने रिजर्व बैंक से शिकायत कर सिंभावली शुगर मिल प्रबंधन पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए चेयरमैन और अन्य पदाधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले में 2018 में सीबीआई में एफआईआर के बाद मामले की जांच की जा रही थी।
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सितंबर 2020 में सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम ने जिले के विभिन्न गांवों में उन किसानों के बयान दर्ज कराए थे, जिनके नाम पर मिल प्रबंधन ने बैंक से ऋण लिया था। टीम ने जिले में करीब 10 गांवों के किसानों से इस संबंध में पूछताछ की थी। इसमें धौलाना क्षेत्र के गांव बझैड़ा कला, दौलतपुर ढीकरी सहित सीमावर्ती बुलंदशहर जिले के भी अन्य गांवों के किसानों के बयान लिए। टीम द्वारा किसानों के कई हस्ताक्षर कराए थे ताकि सीएफएसएल (सेंट्रल फारेंसिंक सांइस लेबोरेट्री) मिलान किया जा सके। पूछताछ के दौरान यह बात सामने आ रही थी कि अधिकतर किसानों के फोटो और दूसरी जानकारी तो सही है, लेकिन हस्ताक्षर अलग बताए गए थे। मुख्य बात यह है कि इतना बड़ा ऋण किसानों के नाम से लिया गया, लेकिन किसानों की फर्द पर ऋण का कोई उल्लेख नहीं मिला।
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ऋण न चुकाने पर में सीबीआई ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
ओबीसी बैंक ने चीनी मिल पर 110 करोड़ रुपये का ऋण लेकर वापस नहीं लौटाने, घपले के मामले में 17 नवंबर 2017 को ही शिकायत कर दी थी लेकिन सीबीआई ने इस मामले में मुकदमा 22 फरवरी 2018 को जाकर दर्ज किया। कृषि ऋण लेकर न चुकाने के मामले में सिंभावली चीनी मिल के साथ-साथ आठ ठिकानों पर रविवार को सीबीआई का छापा पड़ा। छापे के बाद सीबीआई ने इस मामले में दस लोगों पर केस दर्ज किया है जिसमें पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के दामाद का नाम भी शामिल था।



अपने कर्मचारियों की फोटो लगाकर लिया था तीन लाख का ऋण

धनौरा निवासी शिवकुमार त्यागी ने बताया कि उनकी फर्द पर बिना बताए ही चीनी मिल ने तीन लाख का ऋण बैंक से निकाल लिया था। नोटिस आने पर इसकी जानकारी हुई, जाकर देखा तो पता चला चीनी मिल ने अपने कर्मचारी का फोटो और उनकी फर्द लगाकर फर्जी तरीके से ऋण निकाला है, हंगामा करने पर एनओसी मिल सकी।--फोटो संख्या--२६




-किसानों का नहीं होगा नुकसान-

पूरे प्रकरण को लेकर वार्ता चल रही है, किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। उनका पूरा भुगतान समय से मिलेगा। फर्द पर ऋण वाला मामला पहले ही सुलझाया जा चुका है।--करन सिंह, सीजीएम, सिंभावली मिल।
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