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तीन साल पर ही मिलेगी धान-गेहूं के बीज पर सब्सिडी

Mon, 08 May 2017 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /हापुड़
अमर उजाला ब्यूरो /हापुड़ Updated Mon, 08 May 2017 12:43 AM IST
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Subsidy on paddy-wheat seed for three years only
गेहूं की खरीद - फोटो : अमर उजाला

कृषि विभाग से बीज मिलने की बाट जोह रहे किसानों के लिए परेशान करने वाली खबर है। पिछले साल अनुदान पर गेहूं-धान का बीज ले चुके किसानों को इस वर्ष बीज नहीं मिलेगा। धान के बीज पर भी अनुदान देय नहीं है। ऐसे में किसानों को रजिस्ट्रेशन कराने के उपरांत पूरे दाम देकर बीज खरीदना पड़ेगा।

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प्रदेश सरकार ने किसानों के हित को देखते हुए पारदर्शिता योजना शुरू की थी। इस योजना के अंतर्गत किसान को रजिस्ट्रेशन कराने के बाद ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया गया था। योजना संबंधी गाइड लाइन में साफ है कि कृषि विभाग से गेहूं, धान लेने वाले किसान को तीन साल में सिर्फ एक बार ही योजना का लाभ मिल सकेगा।
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जल्द ही कृषि विभाग के राजकीय बीज भंडारों पर धान के बीज का स्टॉक पहुंच जाएगा। शासन की नई गाइड लाइन के अनुसार तीन वर्ष में किसान को एक बार ही बीज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। ऐसे में बीते वर्ष बीज ले चुके किसानों को इस बार अनुदान की सुविधा नहीं मिलेगी।
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किसानों की समस्या पर भाकियू जिला उपाध्यक्ष चौधरी यशवीर सिंह का कहना है कि शासन तीन साल में एक बार बीज देने का निर्णय किसानों को परेशानी में डालने वाला है। इसे कतई लागू नहीं होने दिया जाएगा। इस संबंध में डीएम से बात कर राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा।


राहत नहीं मिलने पर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। जिला कृषि अधिकारी शिवकुमार का कहना है कि शासन से जारी गाइडलाइन के नियमानुसार ही कार्य किया जायेगा। शासन स्तर से गाइडलाइन में बदलाव होने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

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