{"_id":"6890e88381ecbec6a504dbef","slug":"strike-for-highcourt-bench-hapur-news-c-135-1-hpr1001-128343-2025-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच के लिए हड़ताल पर रहे अधिवक्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच के लिए हड़ताल पर रहे अधिवक्ता
Mon, 04 Aug 2025 10:36 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Mon, 04 Aug 2025 10:36 PM IST
विज्ञापन
हापुड़। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर हापुड़ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता सोमवार को हड़ताल पर रहे। इससे वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिवक्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय को सौंपा।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कंसल और सचिव वीरेंद्र सैनी ने ज्ञापन में बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रयागराज में स्थित है, और इसकी एक बेंच लखनऊ में कार्यरत है, जो 15 आसपास के जिलों को कवर करती है। इसके विपरीत, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों का क्षेत्राधिकार इलाहाबाद हाईकोर्ट के पास है, जो सहारनपुर से 850 किलोमीटर से अधिक दूरी पर है। यह दूरी वादकारियों और अधिवक्ताओं के लिए समय, धन, और संसाधनों की बर्बादी का कारण बनती है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के कोल्हापुर में मात्र 1.64 लाख की आबादी के लिए चौथी हाईकोर्ट बेंच स्थापित की गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सात करोड़ से अधिक आबादी को सुलभ न्याय के लिए अभी तक कोई बेंच नहीं मिली। अधिवक्ताओं ने इसे अन्यायपूर्ण और भेदभावपूर्ण करार दिया।
विज्ञापन
हाईकोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर हापुड़ बार एसोसिएशन ने न्यायालय और उपनिबंधक कार्यालय में कार्य ठप रखा। जिससे वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ज्ञापन सौंपने वालों में विकास त्यागी, भोपाल शिशोदिया, जितेंद्र चौधरी, सुधांश दत्त शर्मा, नवाजिश, उज्ज्वल चौधरी संजय चौधरी, सुधीर त्यागी, मुकुल चौधरी, पीयूष शर्मा, मोनिका सिद्धू आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कंसल और सचिव वीरेंद्र सैनी ने ज्ञापन में बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट प्रयागराज में स्थित है, और इसकी एक बेंच लखनऊ में कार्यरत है, जो 15 आसपास के जिलों को कवर करती है। इसके विपरीत, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों का क्षेत्राधिकार इलाहाबाद हाईकोर्ट के पास है, जो सहारनपुर से 850 किलोमीटर से अधिक दूरी पर है। यह दूरी वादकारियों और अधिवक्ताओं के लिए समय, धन, और संसाधनों की बर्बादी का कारण बनती है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के कोल्हापुर में मात्र 1.64 लाख की आबादी के लिए चौथी हाईकोर्ट बेंच स्थापित की गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सात करोड़ से अधिक आबादी को सुलभ न्याय के लिए अभी तक कोई बेंच नहीं मिली। अधिवक्ताओं ने इसे अन्यायपूर्ण और भेदभावपूर्ण करार दिया।
विज्ञापन
हाईकोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति के आह्वान पर हापुड़ बार एसोसिएशन ने न्यायालय और उपनिबंधक कार्यालय में कार्य ठप रखा। जिससे वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ज्ञापन सौंपने वालों में विकास त्यागी, भोपाल शिशोदिया, जितेंद्र चौधरी, सुधांश दत्त शर्मा, नवाजिश, उज्ज्वल चौधरी संजय चौधरी, सुधीर त्यागी, मुकुल चौधरी, पीयूष शर्मा, मोनिका सिद्धू आदि शामिल रहे।