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Hapur News: बकाया जमा न करने पर कटा एसटीपी का कनेक्शन
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हापुड़। रामपुर रोड स्थित 30 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पर बिजली का करीब चार करोड़ रुपये बकाया होने पर ऊर्जा निगम ने कनेक्शन काट दिया।
पिछले करीब चार वर्षों से बिजली का बिल जमा नहीं होने पर निगम के अधिकारियों ने पांच दिन पहले कार्रवाई की। आपूर्ति कटने से एसटीपी का संचालन ठप हो गया और इस अवधि में सीवरेज का ट्रीटमेंट नहीं हो सका। मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद मंगलवार को कनेक्शन दोबारा जोड़ा गया है।
करीब चार वर्ष पहले ही जल निगम नगरीय ने इस ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया था। वर्तमान में इस एसटीपी के संचालन की जिम्मेदारी नगर पालिका के पास है। प्लांट के लिए ऊर्जा निगम की ओर से 800 किलोवाट क्षमता का विद्युत कनेक्शन स्वीकृत है।
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इसके माध्यम से प्लांट में सीवरेज को ट्रीट करने की प्रक्रिया संचालित होती है। ऊर्जा निगम का आरोप है कि नगर पालिका ने पिछले करीब चार वर्षों से बिजली के बिल का भुगतान नहीं किया था। धीरे-धीरे बकाया राशि बढ़कर करीब चार करोड़ रुपये पहुंच गई।
बकाया जमा नहीं होने पर ऊर्जा निगम ने कई बार भुगतान के लिए संबंधित विभाग को जानकारी दी। इसके बावजूद बिल का निस्तारण नहीं होने पर निगम ने पांच दिन पहले एसटीपी की बिजली आपूर्ति काट दी। इससे प्लांट का संचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
सीवरेज के ट्रीटमेंट की प्रक्रिया रुकने से व्यवस्था पर भी असर पड़ा। वहीं, कनेक्शन कटने की जानकारी मिलने के बाद नगर पालिका और ऊर्जा निगम के अधिकारियों के बीच मामला उठा।
उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद बकाया भुगतान और कनेक्शन को लेकर बातचीत हुई। इसके बाद मंगलवार को एसटीपी का बिजली कनेक्शन दोबारा जोड़ दिया गया।
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पिछले करीब चार वर्षों से बिजली का बिल जमा नहीं होने पर निगम के अधिकारियों ने पांच दिन पहले कार्रवाई की। आपूर्ति कटने से एसटीपी का संचालन ठप हो गया और इस अवधि में सीवरेज का ट्रीटमेंट नहीं हो सका। मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद मंगलवार को कनेक्शन दोबारा जोड़ा गया है।
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करीब चार वर्ष पहले ही जल निगम नगरीय ने इस ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया था। वर्तमान में इस एसटीपी के संचालन की जिम्मेदारी नगर पालिका के पास है। प्लांट के लिए ऊर्जा निगम की ओर से 800 किलोवाट क्षमता का विद्युत कनेक्शन स्वीकृत है।
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इसके माध्यम से प्लांट में सीवरेज को ट्रीट करने की प्रक्रिया संचालित होती है। ऊर्जा निगम का आरोप है कि नगर पालिका ने पिछले करीब चार वर्षों से बिजली के बिल का भुगतान नहीं किया था। धीरे-धीरे बकाया राशि बढ़कर करीब चार करोड़ रुपये पहुंच गई।
बकाया जमा नहीं होने पर ऊर्जा निगम ने कई बार भुगतान के लिए संबंधित विभाग को जानकारी दी। इसके बावजूद बिल का निस्तारण नहीं होने पर निगम ने पांच दिन पहले एसटीपी की बिजली आपूर्ति काट दी। इससे प्लांट का संचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
सीवरेज के ट्रीटमेंट की प्रक्रिया रुकने से व्यवस्था पर भी असर पड़ा। वहीं, कनेक्शन कटने की जानकारी मिलने के बाद नगर पालिका और ऊर्जा निगम के अधिकारियों के बीच मामला उठा।
उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद बकाया भुगतान और कनेक्शन को लेकर बातचीत हुई। इसके बाद मंगलवार को एसटीपी का बिजली कनेक्शन दोबारा जोड़ दिया गया।