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Hapur News: दिनभर छाई रही धुंध, घुटता रहा दम
Thu, 09 Nov 2023 09:56 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Thu, 09 Nov 2023 09:56 PM IST
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हापुड़। वायु प्रदूषण से सांसों पर संकट गहराने लगा है। बृहस्पतिवार को शहर का एक्यूआई 340 पर पहुंच गया। इसके बाद सांस के मरीजों को तकलीफ, लोगों को आंखों में जलन की समस्या होने लगी है। डॉक्टरों ने सांस के मरीजों को समय से दवा लेने और धुंध से बचने की सलाह दी है। इ
तेजी से बढ़ रहे वायु गुणवत्ता सूचकांक के कारण शहर पर स्मॉग की चादर छाने लगी है। शहर में बृहस्पतिवार को एक्यूआई 340 तक दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट का दौर बना रहेगा। बृहस्पतिवार को को दिन का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल आर्य ने बताया कि स्मॉग चिंता का विषय है। स्मॉग धुएं और प्रदूषण का मिश्रण होता है, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। इससे आंखों में जलन, स्ट्रोक, हृदय रोग, फेफड़े संबंधी बीमारी हो सकती है। इस मौसम में सांस के मरीजों की समस्या बढ़ जाती है। अस्थमा, साइनोसाइटिस और सांस के अन्य रोगों के अलावा छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्ग भी इसका शिकार होते हैं। सांस के मरीज अपनी दवाएं समय से लें। जहां तक हो सके धुंध में जाने से बचें।
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तेजी से बढ़ रहे वायु गुणवत्ता सूचकांक के कारण शहर पर स्मॉग की चादर छाने लगी है। शहर में बृहस्पतिवार को एक्यूआई 340 तक दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट का दौर बना रहेगा। बृहस्पतिवार को को दिन का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल आर्य ने बताया कि स्मॉग चिंता का विषय है। स्मॉग धुएं और प्रदूषण का मिश्रण होता है, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। इससे आंखों में जलन, स्ट्रोक, हृदय रोग, फेफड़े संबंधी बीमारी हो सकती है। इस मौसम में सांस के मरीजों की समस्या बढ़ जाती है। अस्थमा, साइनोसाइटिस और सांस के अन्य रोगों के अलावा छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्ग भी इसका शिकार होते हैं। सांस के मरीज अपनी दवाएं समय से लें। जहां तक हो सके धुंध में जाने से बचें।
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