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गढ़-सिंभावली में छह प्रधान ही बचा सके ‘ताज’
अमर उजाला, गढ़
Updated Tue, 15 Dec 2015 11:59 PM IST
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पंचायत चुनाव में इस बार महज छह मौजूदा प्रधान ही अपना ताज बचा पाए हैं। वहीं कई प्रत्याशियों ने इस बार जीत हासिल कर पुराना हिसाब चुकता कर लिया है।
दौताई में सपा जिला महासचिव साजिद चौधरी के अनुज राशिद प्रधान की पत्नी अफसाना ने भारी अंतर से जीत दर्ज की है। ढोलपुर में प्रदेश के मनोरंजन कर मंत्री मदन चौहान के निजी सचिव ठाकुर रंधीर सिंह ने जीत हासिल कर गांव में दबदबा साबित कर दिया।
अल्लाबख्शपुर में युवा नेता हाफिज फराहीम की पत्नी रजिया ने मौजूदा प्रधान और सपा विधानसभा क्षेत्राध्यक्ष फारूख खां की पत्नी अफसाना को शिकस्त देकर पिछली बार अपने ससुर की हार का बदला ले लिया। बिहूनी में मेजर भीष्म त्यागी ने मौजूदा प्रधान संजीव त्यागी को शिकस्त दे दी।
गांव करीमपुर में पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्रीचंद यादव के पुत्र गौरव ने जीत हासिल कर जिला पंचायत और बीडीसी चुनाव में हुई अपनी मां राजेंद्री यादव की हार का हिसाब चुकता कर लिया। बागड़पुर में पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतबीर चौहान की पत्नी मुकेश देवी ने पिछली हार का हिसाब चुका लिया।
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इस बार नानई में सुरेश चौहान, लठीरा में चरणा सिंह, भगवंतपुर में गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन संजीव त्यागी, सिंभावली फरीदपुर में सुमन देवी, बीरमपुर में सफाअत अली, फुलडेहरा में प्रेमसिंह अपना ताज बचाने में सफल रहे हैं।
गढ़ के गांव ढाना में आजादी के बाद ग्रामीणों को पहली बार मतदान करने का मौका मिला, लेकिन इस बार भी कुंवर फैमिली का दबदबा रहा। कांग्रेस के पूर्व विधायक स्वर्गीय कुंवर विरेंद्र सिंह ढाना की पत्नी अर्चना देवी प्रधान पद पर विजयी रहीं।
इस बाद उनके खिलाफ गांव के ही विपिन कुमार ने पर्चा भरा था। अर्चना देवी ने उसे 167 वोटों से पराजित कर दिया। ढाना में इसके पहले कभी चुनाव नहीं हुए। कुंवर विरेंद्र सिंह के परिवार के लोग प्रधानी के पद पर खड़े हुए और जीते हैं।
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दौताई में सपा जिला महासचिव साजिद चौधरी के अनुज राशिद प्रधान की पत्नी अफसाना ने भारी अंतर से जीत दर्ज की है। ढोलपुर में प्रदेश के मनोरंजन कर मंत्री मदन चौहान के निजी सचिव ठाकुर रंधीर सिंह ने जीत हासिल कर गांव में दबदबा साबित कर दिया।
अल्लाबख्शपुर में युवा नेता हाफिज फराहीम की पत्नी रजिया ने मौजूदा प्रधान और सपा विधानसभा क्षेत्राध्यक्ष फारूख खां की पत्नी अफसाना को शिकस्त देकर पिछली बार अपने ससुर की हार का बदला ले लिया। बिहूनी में मेजर भीष्म त्यागी ने मौजूदा प्रधान संजीव त्यागी को शिकस्त दे दी।
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गांव करीमपुर में पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्रीचंद यादव के पुत्र गौरव ने जीत हासिल कर जिला पंचायत और बीडीसी चुनाव में हुई अपनी मां राजेंद्री यादव की हार का हिसाब चुकता कर लिया। बागड़पुर में पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतबीर चौहान की पत्नी मुकेश देवी ने पिछली हार का हिसाब चुका लिया।
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इस बार नानई में सुरेश चौहान, लठीरा में चरणा सिंह, भगवंतपुर में गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन संजीव त्यागी, सिंभावली फरीदपुर में सुमन देवी, बीरमपुर में सफाअत अली, फुलडेहरा में प्रेमसिंह अपना ताज बचाने में सफल रहे हैं।
गढ़ के गांव ढाना में आजादी के बाद ग्रामीणों को पहली बार मतदान करने का मौका मिला, लेकिन इस बार भी कुंवर फैमिली का दबदबा रहा। कांग्रेस के पूर्व विधायक स्वर्गीय कुंवर विरेंद्र सिंह ढाना की पत्नी अर्चना देवी प्रधान पद पर विजयी रहीं।
इस बाद उनके खिलाफ गांव के ही विपिन कुमार ने पर्चा भरा था। अर्चना देवी ने उसे 167 वोटों से पराजित कर दिया। ढाना में इसके पहले कभी चुनाव नहीं हुए। कुंवर विरेंद्र सिंह के परिवार के लोग प्रधानी के पद पर खड़े हुए और जीते हैं।