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हापुड़ लाठीचार्ज मामला: SIT ने शुरू की जांच, वकीलों ने जताई नाराजगी; एक सप्ताह में भेजनी है रिपोर्ट

Fri, 01 Sep 2023 10:37 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, हापुड़
अमर उजाला नेटवर्क, हापुड़ Published by: अनुज कुमार Updated Fri, 01 Sep 2023 10:37 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की मांग पर समिति में सेवानिवृत्त न्यायधीश को शामिल किए जाने और काउंसिल के निर्देश के बाद ही साक्ष्य देने की कही बात। पहले दिन पांच लोगों ने पहुंचकर बयान दर्ज कराए। कमेटी सात दिन तक जांच करेगी। इसके बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। 

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SIT has started investigation in Hapur lathicharge case and send report in week
लाठीचार्ज करती हापुड़ पुलिस। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अधिवक्ताओं पर पुलिस के लाठीचार्ज मामले के लिए शुक्रवार को हापुड़ पहुंची एसआईटी ने मामले की जांच शुरू की। पहले दिन टीम ने इस प्रकरण से जुड़े लोगों को साक्ष्यों के साथ बयान के लिए बुलाया था। अधिवक्ता टीम के समक्ष जरूर पहुंचे, लेकिन उन्होंने जांच समिति में शामिल अधिकारियों पर असंतुष्टता जाहिर करते हुए बयान देने से इंकार कर दिया। अधिवक्ताओं ने समिति को टीम में एक सेवानिवृत्त न्यायधीश, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के किसी सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ताओं को भी शामिल किए जाने की मांग की। इसके बाद ही समिति के समक्ष साक्ष्य और बयान प्रस्तुत करने की बात कहते हुए अधिवक्ता लौट गए। इस दौरान भारी पुलिसबल तैनात रहा।

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सीएम योगी के आदेश पर एसआईटी का गठन
मंगलवार 29 अगस्त को महिला अधिवक्ता प्रियंका त्यागी और उसके पिता की पुलिसकर्मी से झड़प के बाद दर्ज रिपोर्ट के विरोध में हापुड़ बार के अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया था। जाम लगाने के दौरान पुलिस ने अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया था। जिसके बाद प्रदेश भर के अधिवक्ता लामबंद हो गए और दूसरे जिलों में भी जमकर बवाल हुआ। इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया था। 
 
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एक सप्ताह में भेजनी होगी रिपोर्ट
जांच समिति की अध्यक्ष मेरठ मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे हैं जबकि इसमें सदस्य पुलिस महानिरीक्षक मेरठ नचिकेता झा व पुलिस उप महानिरीक्षक मुनिराज रहे। यह समिति मामले की गहन जांच करते हुए रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर शासन को उपलब्ध कराएगी। इसके लिए समिति को शुक्रवार एक सितंबर को 11 बजे मेरठ रोड स्थित सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में दोनों पक्षों के बयान लेने थे। निर्धारित कार्यक्रम के तहत तीनों अधिकारी तय समय पर हापुड़ पहुंच गए। लेकिन अधिवक्ताओं के बयान दर्ज न कराने पर समिति की जांच पूरी होती नजर नहीं आ रही है।

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पांच अन्य लोगों ने अधिकारियों के समक्ष दर्ज कराए बयान
एसआईटी ने इस प्रकरण से प्रभावित लोगों को साक्ष्य और बयान के लिए बुलाया था। जिसके बाद शुक्रवार को पुलिस और अधिवक्ताओं के बजाय पांच आम लोग अधिकारियों के समक्ष पहुंचे और अपने बयान दर्ज कराए। इस संबंध में अधिकारियों ने किसी प्रकार की जानकारी देने से इंकार किया, हालांकि बताया जा रहा है कि वे आम लोग थे, जिन्हें जाम के कारण परेशानी हुई। इनमें एक एंबुलेंस कर्मी, आम राहगीर और दुकानदार बताए जा रहे हैं।

शनिवार को टीम मौके का करेगी मुआयना
एसआईटी ने शुक्रवार को पूरे दिन गेस्ट हाउस में ही बिताया। इस दौरान अधिकारी लोगों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन शनिवार को अधिकारी घटना स्थल का मुआयना करेंगे। तहसील चौपले पर प्रदर्शन और इसके बाद यहां हुए लाठीचार्ज के संबंध में अधिकारियों, आसपास के दुकानदारों से बातचीत के अलावा सीसीटीवी भी खंगाले जा सकते हैं। इसके अलावा अधिकारी उस घटना के बारे में भी पूछताछ कर सकते हैं, जो इस पूरे विवाद का कारण रही। जिसमें महिला अधिवक्ता और उसके पिता का बाइक सवार पुलिसकर्मी से विवाद हुआ था।

पूरी तरह से निष्पक्ष होगी जांच
जांच पूरी तरह से निष्पक्ष होगी। प्रकरण को लेकर लोगों को साक्ष्यों के साथ बुलाया गया है। अगले कुछ दिन कोई भी इच्छुक व्यक्ति उनके समक्ष उपस्थित हो सकता है। एक सप्ताह में जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी जाएगी।-सेल्वा कुमारी जे, अध्यक्ष, एसआईटी।

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