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Hapur News: रोडवेज बसों की किल्लत से यात्रियों की परेशानी बढ़ी
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दिल्ली रोड पर बस का इंतजार करते यात्री। संवाद
हापुड़। सर्दी के मौसम में यात्री बसों के इंतजार में ठिठुर रहे हैं। नोएडा और दिल्ली मार्ग पर यात्रियों को बसों की किल्लत के कारण सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। इन मार्गों पर आधा घंटे से अधिक समय तक यात्रियों को बसों को इंतजार करना पड़ रहा है।
हापुड़ रोडवेज डिपो से लखनऊ, बरेली, सीतापुर, दिल्ली, नोएडा, किठौर, मोदीनगर सहित विभिन्न मार्गों पर 139 रोडवेज बसों का संचालन होता है, लेकिन डिपो में चालक और परिचालकों की कमी होने के कारण प्रतिदिन 20 से अधिक बसें डिपो में खड़ी रहने के कारण सड़कों पर नहीं दौड़ पाती है।
लंबी दूरी की अधिकांश बसों का संचालन कौशांबी डिपो से होता है, जबकि नोएडा मार्ग पर डिपो की सात बसें संचालित है।
नोएडा के लिए शहर के साथ ही आसपास के क्षेत्रों से रोजाना हजारों की संख्या में नौकरी, व्यवसाय और पढ़ाई के लिए सफर करते हैं। लेकिन इस मार्ग पर यात्रियों की संख्या के सापेक्ष बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। हापुड़ से तो जैसे तेसे बस मिल जाती है, लेकिन वापसी भी अधिक दिक्कत होती है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रणजीत सिंह का कहना है कि सभी मार्गों पर बसों का संचालन किया जा रहा है। कभी कभी जाम की समस्या के कारण परेशानी बन जाती है। संचालन में सुधार के लिए चालकों को निर्देशित कर दिया गया है।
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हापुड़ रोडवेज डिपो से लखनऊ, बरेली, सीतापुर, दिल्ली, नोएडा, किठौर, मोदीनगर सहित विभिन्न मार्गों पर 139 रोडवेज बसों का संचालन होता है, लेकिन डिपो में चालक और परिचालकों की कमी होने के कारण प्रतिदिन 20 से अधिक बसें डिपो में खड़ी रहने के कारण सड़कों पर नहीं दौड़ पाती है।
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लंबी दूरी की अधिकांश बसों का संचालन कौशांबी डिपो से होता है, जबकि नोएडा मार्ग पर डिपो की सात बसें संचालित है।
नोएडा के लिए शहर के साथ ही आसपास के क्षेत्रों से रोजाना हजारों की संख्या में नौकरी, व्यवसाय और पढ़ाई के लिए सफर करते हैं। लेकिन इस मार्ग पर यात्रियों की संख्या के सापेक्ष बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। हापुड़ से तो जैसे तेसे बस मिल जाती है, लेकिन वापसी भी अधिक दिक्कत होती है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रणजीत सिंह का कहना है कि सभी मार्गों पर बसों का संचालन किया जा रहा है। कभी कभी जाम की समस्या के कारण परेशानी बन जाती है। संचालन में सुधार के लिए चालकों को निर्देशित कर दिया गया है।
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