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Hapur News: वार्ड -9 के असौड़ा गांव में बूथ नंबर 17 पर फिर से होगी मतगणना
Tue, 20 Aug 2024 10:43 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Tue, 20 Aug 2024 10:43 PM IST
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हापुड़। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में वार्ड-9 के असौड़ा गांव स्थित बूथ नंबर 17 पर मतों की संख्या में गड़बड़ी पर न्यायालय ने 15 दिन में फिर से मतगणना कराकर परिणाम घोषित करने का आदेश दिया है। वहीं डीएम को गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर, न्यायालय को अवगत कराने का आदेश दिया है। जिले में न्यायालय द्वारा पुन: मतगणना कराए जाने का यह पहला आदेश है।
दरअसल, वर्ष 2021 में त्रिस्तरीय चुनाव संपन्न कराया गया था एक ही दिन में ग्राम प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य समेत चार पदों पर चुनाव हुआ। इसमें वार्ड नंबर 9 में जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी योगेश्वर त्यागी को 5184 मत दर्शाए गए थे, उन्हें 154 मतों से पराजित करना भी दर्शाया था। योगेश्वर त्यागी ने असौड़ा के बूथ नंबर 17 पर पड़े वोट और मतगणना प्रपत्रों में गड़बड़ी करने का आरोप लगाकर न्यायालय में याचिका डाली थी।
योगेश्वर त्यागी के अधिवक्ता रविंद्र त्यागी ने बताया कि असौड़ा के बूथ नंबर 17 पर ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पर हर एक पद के लिए 339 मत पड़े थे, मतगणना भी इतने ही मत पत्रों की हुई। बूथ पर आने वाले प्रत्येक मतदाता को चारों पदों पर मतदान के लिए चार चार बैलेट पेपर दिए गए थे।
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लेकिन प्रपत्र-50 में सिर्फ जिला पंचायत सदस्य के लिए कूट रचना कर 539 मत दर्शा दिए। जबकि ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत के लिए घोषित परिणाम में भी प्रत्येक पद पर 339 मतों की मतगणना दर्शाया गया था।
इस मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉस्को (द्वितीय) डॉ.रीमा बंसल ने वार्ड-9 के चुनाव में विजेता घोषित प्रत्याशी अर्जुन के चुनाव परिणाम को अकृत एवं शून्य घोषित किया है। साथ ही रिटर्निंग ऑफिसर को आदेश दिया कि 15 दिन के अंदर वह जिला पंचायत के वार्ड-9 के गांव असौड़ा के बूथ संख्या-17 की नियमानुसार दोबारा से रिकाउंटिंग कराकर विधि अनुसार परिणाम घोषित करे। इसके साथ ही न्यायाधीश ने जिलाधिकारी को गड़बड़ी में शामिल अधिकारियों के खिलाफ भी विधिक कार्रवाई से न्यायालय को अवगत कराने के आदेश दिए हैं।
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दरअसल, वर्ष 2021 में त्रिस्तरीय चुनाव संपन्न कराया गया था एक ही दिन में ग्राम प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य समेत चार पदों पर चुनाव हुआ। इसमें वार्ड नंबर 9 में जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी योगेश्वर त्यागी को 5184 मत दर्शाए गए थे, उन्हें 154 मतों से पराजित करना भी दर्शाया था। योगेश्वर त्यागी ने असौड़ा के बूथ नंबर 17 पर पड़े वोट और मतगणना प्रपत्रों में गड़बड़ी करने का आरोप लगाकर न्यायालय में याचिका डाली थी।
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योगेश्वर त्यागी के अधिवक्ता रविंद्र त्यागी ने बताया कि असौड़ा के बूथ नंबर 17 पर ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पर हर एक पद के लिए 339 मत पड़े थे, मतगणना भी इतने ही मत पत्रों की हुई। बूथ पर आने वाले प्रत्येक मतदाता को चारों पदों पर मतदान के लिए चार चार बैलेट पेपर दिए गए थे।
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लेकिन प्रपत्र-50 में सिर्फ जिला पंचायत सदस्य के लिए कूट रचना कर 539 मत दर्शा दिए। जबकि ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत के लिए घोषित परिणाम में भी प्रत्येक पद पर 339 मतों की मतगणना दर्शाया गया था।
इस मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉस्को (द्वितीय) डॉ.रीमा बंसल ने वार्ड-9 के चुनाव में विजेता घोषित प्रत्याशी अर्जुन के चुनाव परिणाम को अकृत एवं शून्य घोषित किया है। साथ ही रिटर्निंग ऑफिसर को आदेश दिया कि 15 दिन के अंदर वह जिला पंचायत के वार्ड-9 के गांव असौड़ा के बूथ संख्या-17 की नियमानुसार दोबारा से रिकाउंटिंग कराकर विधि अनुसार परिणाम घोषित करे। इसके साथ ही न्यायाधीश ने जिलाधिकारी को गड़बड़ी में शामिल अधिकारियों के खिलाफ भी विधिक कार्रवाई से न्यायालय को अवगत कराने के आदेश दिए हैं।