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Hapur News: आग में जलने से हुई पुजारी की मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिलखुवा। देहपा मंदिर के पुजारी की मौत आग से जलने के कारण हुई थी। इसकी पुष्टि मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। लोग पुजारी की जहां जलाकर हत्या करने की आशंका जता रहे, वहीं पुलिस मच्छर भगाने को कमरा में धूआं के लिए जलाई आग पर पुजारी की चॉदर गिरने के कारण आग लगने से मौत होना बता रही है। यह मामला शहर से लेकर गांव कर चर्चा का विषय बना है।
थानांतर्गत क्षेत्र के गांव देहपा स्थित प्राचीन शिव मंदिर के 75 वर्षीय पुजारी इंद्रनाथ उर्फ छोटू नाथ महाराज की शनिवार की देरशाम संदिग्धि परिस्थितियों में लगी आग में झुलसकर मौत हो गई थी। पुजारी पिछले चालीस वर्ष से मंदिर की पूजा पाठ का काम करते थे। पुजारी की मौत के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। गांव में तरह-तरह की चर्चाए जोर पकड़ रही है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार पांडेय का कहना है कि पुजारी वृद्ध होने के साथ दोनों टांगो से चला-फिरा नहीं जाता था, उन्हे पकडक़र एक-दूसरे स्थान पर ले जाया जाता था। घटना के समय मच्छरों का प्रकोप होने के कारण पुजारी के कमरा में धूआं करने के लिए उनकी चारपाई के नीचे उपला में आग लगाई थी, पुजारी के सोते समय आग पर चादर गिर जाने के कारण आग लगी होगी, पुजारी विकलांग होने के कारण उसकी चपेट में आ गया होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी पुजारी की जलकर मौत होने की पुष्टि हुई है।
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पिलखुवा। देहपा मंदिर के पुजारी की मौत आग से जलने के कारण हुई थी। इसकी पुष्टि मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। लोग पुजारी की जहां जलाकर हत्या करने की आशंका जता रहे, वहीं पुलिस मच्छर भगाने को कमरा में धूआं के लिए जलाई आग पर पुजारी की चॉदर गिरने के कारण आग लगने से मौत होना बता रही है। यह मामला शहर से लेकर गांव कर चर्चा का विषय बना है।
थानांतर्गत क्षेत्र के गांव देहपा स्थित प्राचीन शिव मंदिर के 75 वर्षीय पुजारी इंद्रनाथ उर्फ छोटू नाथ महाराज की शनिवार की देरशाम संदिग्धि परिस्थितियों में लगी आग में झुलसकर मौत हो गई थी। पुजारी पिछले चालीस वर्ष से मंदिर की पूजा पाठ का काम करते थे। पुजारी की मौत के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। गांव में तरह-तरह की चर्चाए जोर पकड़ रही है।
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कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार पांडेय का कहना है कि पुजारी वृद्ध होने के साथ दोनों टांगो से चला-फिरा नहीं जाता था, उन्हे पकडक़र एक-दूसरे स्थान पर ले जाया जाता था। घटना के समय मच्छरों का प्रकोप होने के कारण पुजारी के कमरा में धूआं करने के लिए उनकी चारपाई के नीचे उपला में आग लगाई थी, पुजारी के सोते समय आग पर चादर गिर जाने के कारण आग लगी होगी, पुजारी विकलांग होने के कारण उसकी चपेट में आ गया होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी पुजारी की जलकर मौत होने की पुष्टि हुई है।
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