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Hapur News: दिल्ली से ज्यादा हापुड़ में प्रदूषण, दूसरे दिन भी जहरीली रही हवा
Tue, 25 Nov 2025 10:11 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Tue, 25 Nov 2025 10:11 PM IST
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हापुड़। जिले में प्रदूषण का स्तर कम नहीं हो रहा है। हैरानी की बात यह रही कि मंगलवार को भी हापुड़ का वायु प्रदूषण देश में सबसे अधिक दर्ज हुआ। लगातार दो दिनों से यह वायु प्रदूषण देश में सबसे अधिक बना हुआ है। हालांकि, सोमवार के मुकाबले मंगलवार को गंभीर से बहुत खराब श्रेणी में वायु प्रदूषण का स्तर पहुंचा। हालांकि, लेकिन लोगों को सांस लेने और आंखों में जलन की समस्या कम नहीं हुई। मंगलवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 353 और हापुड़ का औसत एक्यूआई 389 दर्ज हुआ।
पिछले माह 19 अक्तूबर से लेकर मंगलवार तक जहरीली हवा से लोग परेशान रहे। सोमवार को तो सारे रिकॉर्ड ही टूट गए थे। जिले का औसत एक्यूआई 416 दर्ज हुआ, जो मंगलवार की सुबह तक गंभीर श्रेणी में बना रहा। इसके कारण सड़कों पर धुंध का असर भी देखने को मिला। हालांकि, मंगलवार को प्रदूषण का स्तर कुछ कम हुआ है, लेकिन यह अभी भी गंभीर श्रेणी के आसपास ही बना हुआ है।
गले में खराश और खांसी से लोग परेशान
दूषित हवा में सांस लेने के कारण गले में खराश और खांसी की समस्या से लोग परेशान हैं। वहीं, आंखों में जलन के मामले भी कम नहीं हुए हैं। अस्पतालों में इस प्रकार के मरीजों की भीड़ है। सड़कों से उड़ती धूल के कारण यह समस्या बनी हुई है। धूल के कारण सड़क पर चलते समय सांस लेने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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जिले में वायु प्रदूषण कम न होने के कारण--
- 100 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को नोटिस देने के बाद भी निकल रहा जहरीला धुआं।
- सड़कों पर खुलेआम जलता कूड़ा।
- खुले में ट्रैक्टर-ट्रॉली में जाती निर्माण सामग्री।
- खेतों में जलती पराली।
- सड़कों पर कम मात्रा में पानी का छिड़काव।
- डीजल वाहनों का बहुत अधिक संचालन।
आसपास के जिलों में एक्यूआई की स्थिति--
जिले का नाम औसत एक्यूआई
गाजियाबाद 349
ग्रेटर नोएडा 364
मेरठ 322
बुलंदशहर 306
नोएडा 373
नोट : सीपीसीबी के अनुसार।
-- --
जिले में मंगलवार को एक्यूआई की स्थिति--
समय एक्यूआई
सुबह पांच बजे 403
सात बजे 401
नौ बजे 400
11 बजे 398
दोपहर एक बजे 396
तीन बजे 390
शाम पांच बजे 383
नोट : सीपीसीबी के अनुसार।
कोट -
सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। प्रदूषण फैलाने वाली फैक्टरियों और पराली जलाने के मामले में कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं। प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। - संदीप कुमार, एडीएम
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पिछले माह 19 अक्तूबर से लेकर मंगलवार तक जहरीली हवा से लोग परेशान रहे। सोमवार को तो सारे रिकॉर्ड ही टूट गए थे। जिले का औसत एक्यूआई 416 दर्ज हुआ, जो मंगलवार की सुबह तक गंभीर श्रेणी में बना रहा। इसके कारण सड़कों पर धुंध का असर भी देखने को मिला। हालांकि, मंगलवार को प्रदूषण का स्तर कुछ कम हुआ है, लेकिन यह अभी भी गंभीर श्रेणी के आसपास ही बना हुआ है।
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गले में खराश और खांसी से लोग परेशान
दूषित हवा में सांस लेने के कारण गले में खराश और खांसी की समस्या से लोग परेशान हैं। वहीं, आंखों में जलन के मामले भी कम नहीं हुए हैं। अस्पतालों में इस प्रकार के मरीजों की भीड़ है। सड़कों से उड़ती धूल के कारण यह समस्या बनी हुई है। धूल के कारण सड़क पर चलते समय सांस लेने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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जिले में वायु प्रदूषण कम न होने के कारण
- 100 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को नोटिस देने के बाद भी निकल रहा जहरीला धुआं।
- सड़कों पर खुलेआम जलता कूड़ा।
- खुले में ट्रैक्टर-ट्रॉली में जाती निर्माण सामग्री।
- खेतों में जलती पराली।
- सड़कों पर कम मात्रा में पानी का छिड़काव।
- डीजल वाहनों का बहुत अधिक संचालन।
आसपास के जिलों में एक्यूआई की स्थिति
जिले का नाम औसत एक्यूआई
गाजियाबाद 349
ग्रेटर नोएडा 364
मेरठ 322
बुलंदशहर 306
नोएडा 373
नोट : सीपीसीबी के अनुसार।
जिले में मंगलवार को एक्यूआई की स्थिति
समय एक्यूआई
सुबह पांच बजे 403
सात बजे 401
नौ बजे 400
11 बजे 398
दोपहर एक बजे 396
तीन बजे 390
शाम पांच बजे 383
नोट : सीपीसीबी के अनुसार।
कोट -
सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। प्रदूषण फैलाने वाली फैक्टरियों और पराली जलाने के मामले में कार्यवाही के आदेश दिए गए हैं। प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। - संदीप कुमार, एडीएम