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Hapur News: खेतों में जल रही पराली, फैक्टरियों से निकल रहा जहरीला धुआं
Sat, 22 Nov 2025 10:18 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sat, 22 Nov 2025 10:18 PM IST
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हापुड़। अधिकारियों के दावों के बाद भी खेतों में जगह-जगह पराली जल रही हैं और फैक्टरियों की चिमनियों से जहरीला धुआं निकल रहा है। इससे जिले में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। शनिवार को जिले का एक्यूआई 380 दर्ज किया गया।
जिले में ग्रेप का तीसरा चरण करीब 10 दिन पहले लागू हुआ था। इसके बाद भी वायु प्रदूषण कम नहीं हो रहा है। उल्टा हालात और बिगड़ रहे हैं। शुक्रवार को भी वायु प्रदूषण गंभीर श्रेणी में पहुंचकर औसत 406 दर्ज हुआ था। वहीं, शनिवार को प्रदूषण का स्तर कुछ कम हुआ और औसत एक्यूआई 380 दर्ज हुआ है। इससे साफ है कि लोगों की तकलीफें अभी कम नहीं होंगी। शनिवार को हवा की रफ्तार दो किलोमीटर प्रति घंटा बढ़ने के बाद पांच किलोमीटर प्रति घंटा पर पहुंच गई। यदि आने वाले दिनों में हवा की रफ्तार और तेज होती है तो ही लोगों को कुछ राहत मिलेगी।
वहीं, लगातार बहुत खराब और गंभीर श्रेणी में हवा के रहने से लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। सुबह और रात को सड़कों पर स्मॉग का असर साफ दिखाई देता है। कई लोगों को तो पिछले एक माह से खांसी की समस्या बनी हुई है।
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सड़कों पर जल रहा कूड़ा
वायु प्रदूषण का स्तर खराब होने की असली वजह यह भी है कि सड़कों पर खुलेआम कूड़ा जल रहा है। वहीं, निर्माण सामग्री खुले में पड़ी है। इसके कारण आंखों में जलन और सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ी है। हवा के साथ यह प्रदूषण श्वास के जरिए फेफड़ों में जा रहा है। इससे आने वाले दिनों में लोगों को कई प्रकार की गंभीर बीमारी भी हो सकती हैं।
जिले में सुबह से शाम तक एक्यूआई की स्थिति--
समय अधिकतम एक्यूआई
रात एक बजे 381
सुबह पांच बजे 371
सुबह नौ बजे 364
दोपहर एक बजे 372
शाम पांच बजे 382
छह बजे 383
नोट : केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट के अनुसार।
कोट -
खेतों में पराली जलाने और फैक्टरी से धुआं निकलने के मामले में जांच कराकर कार्रवाई करेंगे। ग्रेप के तीसरे चरण के नियमों का पालन न करने पर सख्त कार्यवाही होगी। प्रतिदिन छापामारी करके प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्यवाही भी कर रहे हैं।
- विपुल कुमार, सहायक अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण विभाग
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जिले में ग्रेप का तीसरा चरण करीब 10 दिन पहले लागू हुआ था। इसके बाद भी वायु प्रदूषण कम नहीं हो रहा है। उल्टा हालात और बिगड़ रहे हैं। शुक्रवार को भी वायु प्रदूषण गंभीर श्रेणी में पहुंचकर औसत 406 दर्ज हुआ था। वहीं, शनिवार को प्रदूषण का स्तर कुछ कम हुआ और औसत एक्यूआई 380 दर्ज हुआ है। इससे साफ है कि लोगों की तकलीफें अभी कम नहीं होंगी। शनिवार को हवा की रफ्तार दो किलोमीटर प्रति घंटा बढ़ने के बाद पांच किलोमीटर प्रति घंटा पर पहुंच गई। यदि आने वाले दिनों में हवा की रफ्तार और तेज होती है तो ही लोगों को कुछ राहत मिलेगी।
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वहीं, लगातार बहुत खराब और गंभीर श्रेणी में हवा के रहने से लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। सुबह और रात को सड़कों पर स्मॉग का असर साफ दिखाई देता है। कई लोगों को तो पिछले एक माह से खांसी की समस्या बनी हुई है।
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सड़कों पर जल रहा कूड़ा
वायु प्रदूषण का स्तर खराब होने की असली वजह यह भी है कि सड़कों पर खुलेआम कूड़ा जल रहा है। वहीं, निर्माण सामग्री खुले में पड़ी है। इसके कारण आंखों में जलन और सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ी है। हवा के साथ यह प्रदूषण श्वास के जरिए फेफड़ों में जा रहा है। इससे आने वाले दिनों में लोगों को कई प्रकार की गंभीर बीमारी भी हो सकती हैं।
जिले में सुबह से शाम तक एक्यूआई की स्थिति
समय अधिकतम एक्यूआई
रात एक बजे 381
सुबह पांच बजे 371
सुबह नौ बजे 364
दोपहर एक बजे 372
शाम पांच बजे 382
छह बजे 383
नोट : केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट के अनुसार।
कोट -
खेतों में पराली जलाने और फैक्टरी से धुआं निकलने के मामले में जांच कराकर कार्रवाई करेंगे। ग्रेप के तीसरे चरण के नियमों का पालन न करने पर सख्त कार्यवाही होगी। प्रतिदिन छापामारी करके प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्यवाही भी कर रहे हैं।
- विपुल कुमार, सहायक अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण विभाग