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बंदियों को लाने वाले पुलिस कर्मियों को दिए सुरक्षा के टिप्स
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Sun, 08 May 2016 08:57 PM IST
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस लाइन सभागार में रविवार को आयोजित कार्यशाला में पुलिस अभिरक्षा में बंदियों को अदालतों में पेशी पर लाने वाले पुलिस कर्मियों को सुरक्षा से संबंधित टिप्स दिए गए। कार्यशाला का उद्देश्य यह है कि पुलिस अभिरक्षा से बंदियों के फरार होने की घटनाओं को रोका जा सके।
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कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक रामनयन यादव ने कहा कि विचाराधीन बंदियों को लाने और ले जाते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। हर आने जाने वालों पर पैनी निगाह रखी जाए।
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उन्होंने कहा कि किसी भी बंदी की मोबाइल से बात किसी भी हाल में न होने दें। अदालत से हवालात और हवालात से जिला कारागार तक कड़ी सुरक्षा के बीच ले जाया जाए।
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सीओ (सदर) विशाल यादव ने कहा कहा कि विचाराधीन बंदियों को बाहर का कुछ खाने न दिया जाए और उनसे भी खाने की कोई वस्तु न ली जाए। केवल सरकारी वाहनों में ही ले जाया जाए। प्राइवेट वाहनों में आवागमन किसी भी हाल में न हो।
स्पेशल मोबाइल से अगर किसी विचाराधीन बंदी को अन्य जिले में लेकर जाया जाए तो सभी जिलों के कंट्रोल रूम को सूचना दी जाए। उन्होंने प्रतिसार निरीक्षक को निर्देशित किया कि समय समय पर कचहरी स्थित हवालातों की चेकिंग की जाए और सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की जाए।