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Hapur News: तीन साल के अपहृत बच्चे को पुलिस ने किया बरामद, आरोपी गिरफ्तार
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पुलिस ने पकड़े अपहरण करने वाले आरोपी। संवाद
हापुड़। नगर कोतवाली क्षेत्र के तहसील चौपला से 26 दिसंबर की शाम अपहृत हुए तीन वर्षीय मासूम को पुलिस ने सकुशल तलाश कर लिया है। बाइक सवार महिला और युवक ने बेचने के उद्देश्य से मासूम का अपहरण किया था। पुलिस ने मासूम को सकुशल तलाश करते हुए महिला और युवक को घटना में प्रयुक्त बाइक के साथ गिरफ्तार कर लिया है। बच्चे की बरामदगी के बाद परिजनों ने खुशी जाहिर करते हुए पुलिस का धन्यवाद दिया।
मूल रूप से कासगंज के गांव नदरई व हाल निवासी दिल्ली रोड स्थित अपना घर कॉलोनी निवासी हसीना ने 26 दिसंबर की रात शिकायत दर्ज करते हुए बताया था कि वह काफी समय से बुलंदशहर रोड पर झुग्गी झोपड़ी में रहती है। वह और उसका बड़ा बेटा हारुन और तीन साल का छोटा बेटा मोहब्बत तहसील चौपला के आसपास भीख मांगने का काम करते हैं। देर शाम मोहब्बत और हारुन तहसील चौपला पर भीख मांग रहे थे। इसी दौरान एक बाइक पर युवक और युवती आकर रुके और गर्म कपड़े और चिप्स दिलाने के नाम पर मोहब्बत और हारुन को बाइक पर बिठा लिया। कुछ देर घुमाने के बाद बाइक सवार आरोपियों ने उन्हें चिप्स दिलाए और हारुन को वापस तहसील चौपला पर छोड़ दिया, लेकिन मोहब्ब्त को साथ लेकर फरार गए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश करनी शुरू कर दी।
एएसपी विनीत भटनागर ने बताया कि नगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह बिष्ट व उनकी टीम ने शिवा निवासी गांव बड़ौदा सिहानी थाना हाफिजपुर और बरखा निवासी गांव सटला थाना बीबीनगर जिला बुलंदशहर को दिल्ली रोड स्थित नाले के पास से गिरफ्तार किया। दाेनों ने बच्चे का बेचने के उद्देश्य से अपहरण किया था। एएसपी ने बताया कि आरोपी बरखा मूलरूप से गढ़ रोड स्थित मोहल्ला न्यू भीमनगर की रहने वाली है। वर्ष 2014 में उसकी शादी जिला बुलंदशहर के गांव सटला निवासी युवक से हुई थी। 26 दिसंबर की शाम तीन साल के मोहब्बत का अपहरण करने के बाद उसे अपने माता-पिता के घर पर रखा था। उसने बच्चा अपनी सहेली का बताया था। अगले दिन वह शिवा के साथ बाइक पर सवार होकर मासूम को गाजियाबाद के लोनी किसी परिचित के यहां लेकर गई। पुलिस के अनुसार आरोपी मंगलवार को बच्चे को बेचने के उद्देश्य से दिल्ली रोड स्थित नाले के पास पहुंचे। इसी दौरान पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से गिरफ्त में आए आरोपी-
एएसपी ने बताया कि मासूम का अपहरण होने के बाद पुलिस टीम ने गढ़ रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। जांच के दौरान फुटेज में बाइक पर सवार युवक और महिला बच्चे को ले जाते हुए दिखाई दे रहे थे। घना कोहरा होने के कारण उनके चेहरे दिखाई नहीं दे रहे थे। इतना ही नहीं बाइक की नंबर प्लेट पर भी कुछ दिखाई दे रहा था। सीसीटीवी कैमरों की जांच करते हुए पुलिस टीम मोहल्ला न्यू भीमनगर स्थित मकान तक पहुंची। जहां आरोपियों ने बच्चे को रखा हुआ था। यहां पूछताछ करने के बाद आरोपियों की पहचान हो गई थी।
चार दिन बाद मां को देख सीने से लिपट गया मोहब्बत
एएसपी ने बताया कि आरोपी बरखा ने पूछताछ में बताया कि अपहरण के बाद मासूम मोहब्बत मां-मां करके रोजाना रोता था। वह किसी तरह खाने पीने की वस्तुओं से उसे बहलाती थी। रात में मासूम सो जाता था, लेकिन दिन निकलने के बाद वह अपनी मां को याद कर रोने लगता था। मंगलवार को कोतवाली में अपनी मां को देख मासूम जोर-जोर से रोने लगा और उनके सीने से लिपट गया। इसे देख उसकी मां हसीना, भाई हारुन व अन्य परिजनों भी रोने लगे। मोहब्बत को सकुशल सुपुर्द करने पर मां हसीना समेत अन्य परिजनों ने पुलिस की प्रशंसा की।
पहचान छिपाने के लिए कर दिया था गंजा
बच्चे की पहचान न हो सके, इसके लिए आरोपियों ने उसे गंजा कर दिया था। पुलिस की माने तो आरोपियों को बच्चे के धर्म के बारे में पता नहीं था। हालांकि इस संबंध में कोतवाली में बरखा से बात की तो उसका दावा था कि उन्होंने रुपयों के लिए यह अपहरण नहीं किया। बल्कि उसकी एक विधवा भाभी के लिए उन्होंने इसका अपहरण किया था, ताकि उसकी गोद भरी जा सके।
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मूल रूप से कासगंज के गांव नदरई व हाल निवासी दिल्ली रोड स्थित अपना घर कॉलोनी निवासी हसीना ने 26 दिसंबर की रात शिकायत दर्ज करते हुए बताया था कि वह काफी समय से बुलंदशहर रोड पर झुग्गी झोपड़ी में रहती है। वह और उसका बड़ा बेटा हारुन और तीन साल का छोटा बेटा मोहब्बत तहसील चौपला के आसपास भीख मांगने का काम करते हैं। देर शाम मोहब्बत और हारुन तहसील चौपला पर भीख मांग रहे थे। इसी दौरान एक बाइक पर युवक और युवती आकर रुके और गर्म कपड़े और चिप्स दिलाने के नाम पर मोहब्बत और हारुन को बाइक पर बिठा लिया। कुछ देर घुमाने के बाद बाइक सवार आरोपियों ने उन्हें चिप्स दिलाए और हारुन को वापस तहसील चौपला पर छोड़ दिया, लेकिन मोहब्ब्त को साथ लेकर फरार गए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश करनी शुरू कर दी।
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एएसपी विनीत भटनागर ने बताया कि नगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह बिष्ट व उनकी टीम ने शिवा निवासी गांव बड़ौदा सिहानी थाना हाफिजपुर और बरखा निवासी गांव सटला थाना बीबीनगर जिला बुलंदशहर को दिल्ली रोड स्थित नाले के पास से गिरफ्तार किया। दाेनों ने बच्चे का बेचने के उद्देश्य से अपहरण किया था। एएसपी ने बताया कि आरोपी बरखा मूलरूप से गढ़ रोड स्थित मोहल्ला न्यू भीमनगर की रहने वाली है। वर्ष 2014 में उसकी शादी जिला बुलंदशहर के गांव सटला निवासी युवक से हुई थी। 26 दिसंबर की शाम तीन साल के मोहब्बत का अपहरण करने के बाद उसे अपने माता-पिता के घर पर रखा था। उसने बच्चा अपनी सहेली का बताया था। अगले दिन वह शिवा के साथ बाइक पर सवार होकर मासूम को गाजियाबाद के लोनी किसी परिचित के यहां लेकर गई। पुलिस के अनुसार आरोपी मंगलवार को बच्चे को बेचने के उद्देश्य से दिल्ली रोड स्थित नाले के पास पहुंचे। इसी दौरान पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से गिरफ्त में आए आरोपी-
एएसपी ने बताया कि मासूम का अपहरण होने के बाद पुलिस टीम ने गढ़ रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। जांच के दौरान फुटेज में बाइक पर सवार युवक और महिला बच्चे को ले जाते हुए दिखाई दे रहे थे। घना कोहरा होने के कारण उनके चेहरे दिखाई नहीं दे रहे थे। इतना ही नहीं बाइक की नंबर प्लेट पर भी कुछ दिखाई दे रहा था। सीसीटीवी कैमरों की जांच करते हुए पुलिस टीम मोहल्ला न्यू भीमनगर स्थित मकान तक पहुंची। जहां आरोपियों ने बच्चे को रखा हुआ था। यहां पूछताछ करने के बाद आरोपियों की पहचान हो गई थी।
चार दिन बाद मां को देख सीने से लिपट गया मोहब्बत
एएसपी ने बताया कि आरोपी बरखा ने पूछताछ में बताया कि अपहरण के बाद मासूम मोहब्बत मां-मां करके रोजाना रोता था। वह किसी तरह खाने पीने की वस्तुओं से उसे बहलाती थी। रात में मासूम सो जाता था, लेकिन दिन निकलने के बाद वह अपनी मां को याद कर रोने लगता था। मंगलवार को कोतवाली में अपनी मां को देख मासूम जोर-जोर से रोने लगा और उनके सीने से लिपट गया। इसे देख उसकी मां हसीना, भाई हारुन व अन्य परिजनों भी रोने लगे। मोहब्बत को सकुशल सुपुर्द करने पर मां हसीना समेत अन्य परिजनों ने पुलिस की प्रशंसा की।
पहचान छिपाने के लिए कर दिया था गंजा
बच्चे की पहचान न हो सके, इसके लिए आरोपियों ने उसे गंजा कर दिया था। पुलिस की माने तो आरोपियों को बच्चे के धर्म के बारे में पता नहीं था। हालांकि इस संबंध में कोतवाली में बरखा से बात की तो उसका दावा था कि उन्होंने रुपयों के लिए यह अपहरण नहीं किया। बल्कि उसकी एक विधवा भाभी के लिए उन्होंने इसका अपहरण किया था, ताकि उसकी गोद भरी जा सके।