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सावधानी से करें सोशल मीडिया और मोबाइल का प्रयोग : एसपी
Tue, 25 Feb 2025 09:34 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Tue, 25 Feb 2025 09:34 PM IST
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पुलिस की पाठशाला--
हापुड़। पुलिस अधीक्षक ज्ञानंजय सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया और मोबाइल का प्रयोग करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। मोबाइल के माध्यम से दूर बैठे लोगों से जुड़ सकते हैं और बात भी कर सकते हैं। लेकिन कुछ लोग इसका गलत प्रयोग कर ठग रहे हैं। ऐसे में हमें जागरूक रहने की आवश्यकता है। साइबर क्राइम के मामले में फंसने पर तुरंत अभिभावकों और पुलिस को सूचना दें।
गांव अच्छेजा स्थित रामस्वरुप जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें एसपी ने पुलिस की वर्तनी को छह बिंदुओं से विस्तार से समझाया। जिसमें पी का मतलब बताया कि किसी से पासवर्ड शेयर नहीं करना है। ओ का मतलब ओटीपी नहीं देना है। एल का मतलब किसी अनजान लिंक को नहीं खोलना है। आई का मतलब अपनी निजी जानकारी और लोकेशन नहीं देनी है। सी का मतलब किसी भी प्रोफाइल पर कमेंट करने से बचें और ई का मतलब बताया कि पैसा आसानी से नहीं कमाया जा सकता है। इसलिए ठगी से बचें।
महिला थाना प्रभारी अरुणा राय ने बालिकाओं को डायल 112, 1090 और 181 हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दी। हम अपमान नहीं सहेंगे और चुप्पी तोड़ो खुलकर बोलो उद्घोष के साथ बालिकाओं को मनचलों, छेडछाड़ आदि घटनाओं से निपटने के लिए जागरूक किया। यातायात उपनिरीक्षक ओमकार सेहरावत ने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र वाले वाहन न चलाएं। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक सुयश वशिष्ठ, प्रधानाचार्य प्रशांत चौधरी, प्रभू पाल सिंह, प्रभाकर मणि त्रिपाठी, हैड कांस्टेबल दीपक कुमार मौजूद रहे।
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प्रश्न: हमारे साथ साइब्रर क्राइम हो तो कहां शिकायत करें। - गरिमा, कक्षा छह
उत्तर : साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं। 1930 हेल्पलाइन नंबर पर भी शिकायत कर सकते हैं।
प्रश्न : स्पैम कॉल की पहचान कैसे की जाए। - ऊषा, कक्षा छह
उत्तर-मोबाइल में अपने परिचितों के नंबर सेव कर लेें। मोबाइल में नंबरों की पहचान करने वाले एप को इंस्टाल करें।
प्रश्न : रास्ते में जाते समय कोई घटना हो जाए और मोबाइल नहीं है तो क्या करें। - पलक, कक्षा छह
उत्तर: घटना के समय मोबाइल नहीं है तो तेज शोर मचाए और सुरक्षित स्थान या आसपास के लोगों से मदद मांगे।
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हापुड़। पुलिस अधीक्षक ज्ञानंजय सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया और मोबाइल का प्रयोग करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। मोबाइल के माध्यम से दूर बैठे लोगों से जुड़ सकते हैं और बात भी कर सकते हैं। लेकिन कुछ लोग इसका गलत प्रयोग कर ठग रहे हैं। ऐसे में हमें जागरूक रहने की आवश्यकता है। साइबर क्राइम के मामले में फंसने पर तुरंत अभिभावकों और पुलिस को सूचना दें।
गांव अच्छेजा स्थित रामस्वरुप जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें एसपी ने पुलिस की वर्तनी को छह बिंदुओं से विस्तार से समझाया। जिसमें पी का मतलब बताया कि किसी से पासवर्ड शेयर नहीं करना है। ओ का मतलब ओटीपी नहीं देना है। एल का मतलब किसी अनजान लिंक को नहीं खोलना है। आई का मतलब अपनी निजी जानकारी और लोकेशन नहीं देनी है। सी का मतलब किसी भी प्रोफाइल पर कमेंट करने से बचें और ई का मतलब बताया कि पैसा आसानी से नहीं कमाया जा सकता है। इसलिए ठगी से बचें।
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महिला थाना प्रभारी अरुणा राय ने बालिकाओं को डायल 112, 1090 और 181 हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दी। हम अपमान नहीं सहेंगे और चुप्पी तोड़ो खुलकर बोलो उद्घोष के साथ बालिकाओं को मनचलों, छेडछाड़ आदि घटनाओं से निपटने के लिए जागरूक किया। यातायात उपनिरीक्षक ओमकार सेहरावत ने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र वाले वाहन न चलाएं। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक सुयश वशिष्ठ, प्रधानाचार्य प्रशांत चौधरी, प्रभू पाल सिंह, प्रभाकर मणि त्रिपाठी, हैड कांस्टेबल दीपक कुमार मौजूद रहे।
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प्रश्न: हमारे साथ साइब्रर क्राइम हो तो कहां शिकायत करें। - गरिमा, कक्षा छह
उत्तर : साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं। 1930 हेल्पलाइन नंबर पर भी शिकायत कर सकते हैं।
प्रश्न : स्पैम कॉल की पहचान कैसे की जाए। - ऊषा, कक्षा छह
उत्तर-मोबाइल में अपने परिचितों के नंबर सेव कर लेें। मोबाइल में नंबरों की पहचान करने वाले एप को इंस्टाल करें।
प्रश्न : रास्ते में जाते समय कोई घटना हो जाए और मोबाइल नहीं है तो क्या करें। - पलक, कक्षा छह
उत्तर: घटना के समय मोबाइल नहीं है तो तेज शोर मचाए और सुरक्षित स्थान या आसपास के लोगों से मदद मांगे।