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Hapur News: गेटवे सॉफ्टवेयर का प्रयोग किए बिना 30 लाख का भुगतान किया, 21 सचिवों को नोटिस जारी
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हापुड़। पंचायती राज विभाग में ग्राम पंचायत सचिवों की मनमानी रुक नहीं रही है। गेटवे सॉफ्टवेयर का प्रयोग किए बिना 30 लाख रुपये का भुगतान विभिन्न माध्यमों से कर दिया गया। पंचायती राज निदेशक अटल राय की बैठक में मामला सामने आने के बाद डीपीआरओ ने 21 ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी किए हैं।
गांवों में विभाग के माध्यम से होने वाले भुगतान के लिए पंचायती राज विभाग ने ग्राम सचिवालय के कंप्यूटर में गेटवे साॅफ्टवेयर डाला हुआ है। किसी भी विकास कार्य का भुगतान इस गेटवे के बिना नहीं किया जा सकता है।
इसके बाद भी सचिवों ने बाहर के कंप्यूटरों से जिले में करीब 30 लाख का भुगतान किया है। इससे साफ है कि इस भुगतान को छिपाने का प्रयास हुआ है। बैठक के बाद ऐसे सचिवों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इस प्रकार के मामले प्रदेश के लगभग हर जिले में मिले हैं। जहां ग्राम पंचायत सचिवों ने यह कारनामा किया है। हालांकि, विभाग अभी पंचायतों के सचिवों के नाम उजागर नहीं कर रहा है।
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मामले में डीपीआरओ शिव बिहारी शुक्ला का कहना है कि बैठक में समीक्षा के दौरान यह मामला सामने आया था। जिसके बाद जिले के 21 ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
यह भुगतान किस विकास कार्य के लिए और क्यों बिना गेटवे सॉफ्वेयर के हुए हैं। इसको लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इन सवालों का जवाब ही सचिवों को देना है। यदि जवाब सही नहीं मिलते हैं तो फिर बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है। मामले में सभी जवाब की रिपोर्ट शासन तक भेजी जाएगी।
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गांवों में विभाग के माध्यम से होने वाले भुगतान के लिए पंचायती राज विभाग ने ग्राम सचिवालय के कंप्यूटर में गेटवे साॅफ्टवेयर डाला हुआ है। किसी भी विकास कार्य का भुगतान इस गेटवे के बिना नहीं किया जा सकता है।
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इसके बाद भी सचिवों ने बाहर के कंप्यूटरों से जिले में करीब 30 लाख का भुगतान किया है। इससे साफ है कि इस भुगतान को छिपाने का प्रयास हुआ है। बैठक के बाद ऐसे सचिवों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इस प्रकार के मामले प्रदेश के लगभग हर जिले में मिले हैं। जहां ग्राम पंचायत सचिवों ने यह कारनामा किया है। हालांकि, विभाग अभी पंचायतों के सचिवों के नाम उजागर नहीं कर रहा है।
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मामले में डीपीआरओ शिव बिहारी शुक्ला का कहना है कि बैठक में समीक्षा के दौरान यह मामला सामने आया था। जिसके बाद जिले के 21 ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
यह भुगतान किस विकास कार्य के लिए और क्यों बिना गेटवे सॉफ्वेयर के हुए हैं। इसको लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इन सवालों का जवाब ही सचिवों को देना है। यदि जवाब सही नहीं मिलते हैं तो फिर बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है। मामले में सभी जवाब की रिपोर्ट शासन तक भेजी जाएगी।