{"_id":"679fb2bb4d54e4060a094e7e","slug":"payment-made-without-documents-nine-panchayat-secretaries-trapped-in-audit-hapur-news-c-135-1-hpr1005-119897-2025-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: बिना दस्तावेज कर दिया भुगतान, ऑडिट में फंसे नौ पंचायत सचिव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: बिना दस्तावेज कर दिया भुगतान, ऑडिट में फंसे नौ पंचायत सचिव
विज्ञापन
शुभम गोयल
हापुड़। जिले की नौ ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के बाद पंचायत सचिवों ने करीब 25 लाख रुपये का भुगतान तो कर दिया, लेकिन इन विकास कार्यों के दस्तावेज ही नहीं सौंपे। वित्तीय वर्ष 2017-18 के ऑडिट में यह मामला पकड़ में आया है। इसके बाद तत्कालीन पंचायत सचिवों को नोटिस जारी हुए हैं। यदि पंचायत सचिव दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराते हैं तो फिर इनसे वसूली भी की जाएगी।
जिला पंचायत राज विभाग में वर्ष 2017-18 के दौरान कराए गए विकास कार्यों पर ऑडिट में आपत्ति आई है। इसके बाद सचिवों से आख्या तलब की गई है। यह लाखों रुपये स्वच्छता कार्यक्रम सहित अन्य विकास कार्यों पर खर्च हुए हैं, जिसमें शौचालय, नाली सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का भुगतान किया गया है। भुगतान की गई धनराशि के सदुपयोग की आख्या विभाग को सौंपी जाती है। इसका विभागीय स्तर पर वार्षिक ऑडिट होता है। इस वार्षिक ऑडिट में ही वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान नौ ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों के सापेक्ष खर्च धनराशि के मामले में जिला लेखा परीक्षा अधिकारी की ओर से किए गए ऑडिट के बाद आपत्ति दर्ज की गई है। वहीं, जिन तत्कालीन सचिवों को नोटिस जारी हुए हैं, उनमें से दो सचिवों का दूसरे जिलों में स्थानांतरण हो चुका है।
इन नौ ग्राम पंचायतों से जुड़ा मामला: वर्ष 2017-18 में ग्राम पंचायत झड़ीना, बहापुर ठेरा, हैदरपुर, रामपुर इयानतपुर, दहीपुर रजाकपुर, बझैड़ा कलां, पारपा, कांवी और रसूलपुर बहलोलपुर में 30 विकास कार्य कराए थे, जिनके दस्तावेज ऑडिट में नहीं मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
हापुड़। जिले की नौ ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के बाद पंचायत सचिवों ने करीब 25 लाख रुपये का भुगतान तो कर दिया, लेकिन इन विकास कार्यों के दस्तावेज ही नहीं सौंपे। वित्तीय वर्ष 2017-18 के ऑडिट में यह मामला पकड़ में आया है। इसके बाद तत्कालीन पंचायत सचिवों को नोटिस जारी हुए हैं। यदि पंचायत सचिव दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराते हैं तो फिर इनसे वसूली भी की जाएगी।
जिला पंचायत राज विभाग में वर्ष 2017-18 के दौरान कराए गए विकास कार्यों पर ऑडिट में आपत्ति आई है। इसके बाद सचिवों से आख्या तलब की गई है। यह लाखों रुपये स्वच्छता कार्यक्रम सहित अन्य विकास कार्यों पर खर्च हुए हैं, जिसमें शौचालय, नाली सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का भुगतान किया गया है। भुगतान की गई धनराशि के सदुपयोग की आख्या विभाग को सौंपी जाती है। इसका विभागीय स्तर पर वार्षिक ऑडिट होता है। इस वार्षिक ऑडिट में ही वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान नौ ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों के सापेक्ष खर्च धनराशि के मामले में जिला लेखा परीक्षा अधिकारी की ओर से किए गए ऑडिट के बाद आपत्ति दर्ज की गई है। वहीं, जिन तत्कालीन सचिवों को नोटिस जारी हुए हैं, उनमें से दो सचिवों का दूसरे जिलों में स्थानांतरण हो चुका है।
विज्ञापन
इन नौ ग्राम पंचायतों से जुड़ा मामला: वर्ष 2017-18 में ग्राम पंचायत झड़ीना, बहापुर ठेरा, हैदरपुर, रामपुर इयानतपुर, दहीपुर रजाकपुर, बझैड़ा कलां, पारपा, कांवी और रसूलपुर बहलोलपुर में 30 विकास कार्य कराए थे, जिनके दस्तावेज ऑडिट में नहीं मिले हैं।
विज्ञापन