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Hapur News: ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री परेशान, रेलवे को हो रहा नुकसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। सर्दी में कोहरे के कारण ट्रेनों का संचालन बिगड़ा हुआ है। रेल यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। साथ ही रेलवे को भी टिकट रद्द होने के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है। दिसंबर में ट्रेनों के लेट होने के कारण 731 यात्रियों ने टिकट रद्द कराए, जिसके लिए विभाग को 4.60 लाख रुपये वापस करने पड़े।
कोहरे में ट्रेनों का संचालन दुरुस्त रखने के लिए रेलवे ने एक दिसंबर से एक मार्च तक दर्जनों ट्रेनों का संचालन निरस्त किया था, इसमें हापुड़ रेलवे स्टेशन पर ठहरने वाली चार ट्रेनें भी शामिल थी लेकिन, इसके बाद भी कोहरे में ट्रेनों का संचालन नहीं सुधर पा रहा है। रोजाना दर्जनों ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों की देरी से चल रही हैं।
कई घंटों तक इंतजार करने के बाद भी जब यात्रियों को ट्रेन नहीं मिल रही तो मजबूरन उन्हें अन्य संसाधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। हापुड़ रेलवे स्टेशन पर दिसंबर माह में 731 यात्रियों को टिकट कैंसिल कराने पड़े, जिससे रेलवे को चार लाख 61 हजार 425 रुपये का रिफंड करना पड़ा।
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शुक्रवार को भी ट्रेनों की लेटलतीफी जारी रही। प्रयागराज से सहारनपुर जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस तीन घंटे, बरेली से नई दिल्ली जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस दो घंटे, सहरसा से अमृतसर जाने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस एक घंटा, डिबरुगढ़ से लालगढ़ जाने वाली अवध असम एक घंटा 15 मिनट, भुुज से बरेली जाने वाली आला हजरत एक्सप्रेस एक घंटा 35 मिनट की देरी से पहुंची।
वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि ट्रेनों के लेट होने के कारण यात्रियों को प्रत्येक माह लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। ट्रेनों का संचालन सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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हापुड़। सर्दी में कोहरे के कारण ट्रेनों का संचालन बिगड़ा हुआ है। रेल यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। साथ ही रेलवे को भी टिकट रद्द होने के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है। दिसंबर में ट्रेनों के लेट होने के कारण 731 यात्रियों ने टिकट रद्द कराए, जिसके लिए विभाग को 4.60 लाख रुपये वापस करने पड़े।
कोहरे में ट्रेनों का संचालन दुरुस्त रखने के लिए रेलवे ने एक दिसंबर से एक मार्च तक दर्जनों ट्रेनों का संचालन निरस्त किया था, इसमें हापुड़ रेलवे स्टेशन पर ठहरने वाली चार ट्रेनें भी शामिल थी लेकिन, इसके बाद भी कोहरे में ट्रेनों का संचालन नहीं सुधर पा रहा है। रोजाना दर्जनों ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों की देरी से चल रही हैं।
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कई घंटों तक इंतजार करने के बाद भी जब यात्रियों को ट्रेन नहीं मिल रही तो मजबूरन उन्हें अन्य संसाधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। हापुड़ रेलवे स्टेशन पर दिसंबर माह में 731 यात्रियों को टिकट कैंसिल कराने पड़े, जिससे रेलवे को चार लाख 61 हजार 425 रुपये का रिफंड करना पड़ा।
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शुक्रवार को भी ट्रेनों की लेटलतीफी जारी रही। प्रयागराज से सहारनपुर जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस तीन घंटे, बरेली से नई दिल्ली जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस दो घंटे, सहरसा से अमृतसर जाने वाली गरीब रथ एक्सप्रेस एक घंटा, डिबरुगढ़ से लालगढ़ जाने वाली अवध असम एक घंटा 15 मिनट, भुुज से बरेली जाने वाली आला हजरत एक्सप्रेस एक घंटा 35 मिनट की देरी से पहुंची।
वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि ट्रेनों के लेट होने के कारण यात्रियों को प्रत्येक माह लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। ट्रेनों का संचालन सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं।