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पर्चियों पर हुआ कारोबार, कल नगद आज उधार
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Fri, 11 Nov 2016 10:05 PM IST
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सराफा और किराना बाजार में कारोबार पर ब्रेक
- फोटो : अमर उजाला
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500 और 1000 के नोट बंद होने के चलते अब बाजार में पर्चियों पर कारोबार हो रहा है। कागज की पर्चियों पर बकाया लिखकर ग्राहकों को एक दो दिन बाद देने आश्वासन दिया जा रहा है। मजबूरी के चलते लोगों के पास भी कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
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दुकानों, पेट्रोल पंप और बसों में भी पर्चियां चलन में हैं। बड़ी करेंसी बंद होने के बाद बाजार में छोटे नोटों की जबरदस्त किल्लत है। स्थिति ये है कि लोगों को जरूरी सामान के भी लाले पड़ गए हैं। लोग सामान आदि के लिए समझौते करने को मजबूर हैं।
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शुक्रवार को गढ़ रोड स्थित एक पेट्रोल पंप पर पांच सौ और हजार के नोट तो लिए जा रहे थे, लेकिन खुल्ले नहीं थे। हंगामे की स्थिति में पेट्रोल पंप द्वारा ग्राहकों को साइन कर बकाया धनराशि की पर्ची थमाई जा रही है।
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बाजार में भी दुकानदार पर्ची का प्रयोग करते नजर आए। शिवपुरी स्थित एक जनरल स्टोर पर दुकानदार ने परिचित होने के कारण पांच सौ का नोट तो ले लिया, लेकिन खुले न होने पर कागज की एक पर्ची पर बाकी धनराशि लिखकर सौंप दी।
वहीं, लोकल रूट पर चलने वाली रोडवेज बसों में भी हंगामा होने पर परिचालकों ने स्थानीय यात्रियों को टिकट के पीछे बकाया धनराशि व मोबाइल नंबर लिखकर पीछा छुड़ाया।
1000 और 500 का नोट बंद किए जाने की घोषणा के तीसरे दिन शादियों के सीजन में भी सराफा और किराना बाजार में कारोबार पर ब्रेक लगा रहा। हालत यह है कि कन्यादान के लिए 100 का नोट भी आसानी से नहीं मिल रहा।
बाजार में इक्का दुक्का ग्राहक ही नजर आ रहे थे। एक दुकानदार बबलू शर्मा ने बताया कि करेंसी के अभाव में मार्केट लगभग ठप है। सराफा कारोबारी प्रशांत ने बताया कि तीन दिन से कारोबार लगभग ठप है।
किराना व्यापारी राजेंद्र पंसारी का कहना है कि उन्होंने सुबह से कई शादियों के पर्चे वापस कर दिए हैं, क्योंकि 1000 और 500 रुपये के नोट देकर लोग सामान खरीदना चाहते थे। किराना बाजार में यह नोट थोक कारोबारी नहीं ले रहे हैं।
रेलवे रोड पर किराना व्यापारी विजय कुमार का कहना है कि उनकी बिक्री पिछले तीन दिनों में नगद में 10 प्रतिशत रह गई है। हालांकि, पुराने ग्राहकों का उधार देना पड़ रहा है।
500 और 1000 रुपये के नोटों को एक्सचेंज और जमा करने के लिए जिले के बैंकों में शुक्रवार को भी ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कहीं सुबह 8 बजे बैंक नहीं खुलने पर तो कहीं शाम को निर्धारित समय से पहले बंद होने पर ग्राहकों ने हंगामा किया।
पुलिस को व्यवस्था बनाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हापुड़ में सुबह 8 बजे से ही बैंकों पर ग्राहकों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई। काफी देर बाद तक भी बैंकों के नहीं खुलने पर ग्राहकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
वहीं, शाम 4 बजे तक अधिकांश बैंकों में कैश खत्म हो गया। ऐसे में ग्राहकों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। बुलंदशर रोड स्थित स्टेट बैंक पर तो पुलिस को ग्राहकों की अधिक भीड़ के चलते गेट बंद करने पड़े।
ग्राहक और पुलिस कर्मियों के बीच काफी नौंकझोक भी देखने को मिली। एलडीएम एपी चतुर्वेदी का कहना है कि ग्राहकों की अधिक भीड़ के चलते कैश खत्म होने की समस्या बन रही है। ग्राहकों को परेशानी न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
वहीं, गढ़ में शुक्रवार सुबह सिंडीकेट बैंक शाखा नौ बजे तक नहीं खुली तो लाइन में खड़े लोगों ने हंगामा कर दिया। बैंक शाखाएं खुलने के बाद गढ़, ब्रजघाट, सिंभावली,
बहादुरगढ़ में स्थित एसबीआई, पीएनबी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको, केनरा बैंक समेत सभी बैंकों में रुपए बदलवाने के लिए उपभोक्ताओं की भारी भीड़ रही।
उधर, पिलखुवा में सुबह से ही बैंकों में नोट बदलवाने के लिए ग्राहकों की कतारें लगी रहीं। पंजाब नेशनल बैंक खेड़ा में शाम चार बजे भीड़ ज्यादा होने के कारण कर्मियों ने बैंक के गेट को बंद कर दिया।
बैंक का गेट बंद होने पर ग्राहक भड़क गए और बैंक के बाहर हंगामा किया। हंगामे के बाद बैंक के गेट खोल दिए गए। हंगामा करने में अखिलेश मित्तल, नवीन, राजीव, जितेंद्र, सामिया, नगमा, कुलदीप शामिल रहे।
वहीं, शाखा प्रबंधक ने बताया कि नोट बदलने के लिए अतिरिक्त काउंटर बनाए गए थे। सुबह से ग्राहकों की भीड़ ज्यादा थी। कुछ देर के लिए गेट बंद कर भीड़ को काबू करने की कोशिश की गई थी। वहीं, दिन भर नोट बदनले के लिए सभी बैंकों की शाखाओं में भीड़ लगी रही।
उधर, धौलाना क्षेत्र के बैंकों में भी ग्राहकों की लंबी लंबी कतारें लगी रही। ओरिएंटल बैंक एनटीपीसी के बाहर सुबह सात बजे से बेटी की शादी का कार्ड लेकर हाथ में खडे़ दिखे। उन्होंने कहा कि बेटी की शादी सर पर है और अपने खून पसीने की कमाई पर सरकार के नियम पर भारी पड़ गई।
500 और 1000 रुपये के नोटों पर रोक के बाद शुक्रवार को भी सभी एटीएम पर ताले लटके रहे। तीसरे दिन एटीएम चालू होने की घोषणा पर ग्राहक सुबह 10 बजे से एटीएम के बाहर लाइन लगाकर खड़े थे। एटीएम नहीं खुलने से ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक एपी चतुर्वेदी का कहना है कि बैंकों में व्यवस्था बनाना बेहद मुश्किल हो रहा है, बैंकों से ग्राहकों को करेंसी एक्सचेंज व पैसा जमा करने की सुविधा दी जा रही है। जल्द ही एटीएम सुविधा भी बहाल करा दी जाएगी।
रेलवे रोड स्थित बसपा कार्यालय पर शुक्रवार को बैठक का आयोजन किया गया। बसपा नेता मनोज शर्मा ने कहा कि आम आदमी को ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है, मोदी ने आम आदमी के लिए कुछ भी नहीं किया है।
मोदी ने सिर्फ रातों रात अपने मंत्रियों और पूंजीपतियों के कालेधन को सफेद कराया है। इसकी भनक विपक्ष को भी नहीं लगने दी। उन्होंने कहा कि अगर मोदी सरकार को देश के नागरिकों की फिक्र है तो काले धन में से देश के हर नागरिक के खाते में 50-50 हजार रुपये भिजवाएं।
बैठक में विनोद जाटव, अतुल कश्यप, हाजी समद, दयाप्रकाश टॉक, गुलशन वर्मा, सोहनपाल चौहान, मुकेश टॉक मौजूद रहे।
देशहित में लिए गए इस निर्णय से भविष्य में बेहतर परिणाम सामने आएंगे। देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए यह निर्णय दलगत राजनीति व जाति की सोच से ऊपर है। कर्मवीर प्रधान, अहमदनगर नयागांव
नि:स्वार्थ भावना वाला ही देशभक्त ऐसा निर्णय लेने में सक्षम है। मोदी सरकार का काला धन जमा करने वालों पर यह सीधा प्रहार है। यह पूरी तरह से देश हित में है। - डॉ. पंकज शर्मा, समाजसेवी
मोदी सकार के निर्णय से कालाधन जमा करने वालों में बौखलाहट हैं। जीवन में पहली बार देखने को मिला है कि मेहनत और ईमानदारी की कमाई बेकार नही जाती। हम तो सरकार के निर्णय से खुश हैं। कुछ दिन में सब समान्य हो जाएगा। - पुष्पेंद्र गुर्जर, भूडिया धौलाना
यह निर्णय काला धन वालों के खिलाफ है। प्रधानमंत्री के इस साहसिक कदम को जितना सराहा जाए उतना कम है। उन्होंने वह कर दिखाया जो कोई भी नहीं कर सका। - सतीश राणा, गांव कंदौला