{"_id":"57f27cba4f1c1b8b3226f89c","slug":"old-woman-trying-to-show-himself-alive","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ साल से खुद को जिंदा दर्शाने में जुटी वृद्धा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेढ़ साल से खुद को जिंदा दर्शाने में जुटी वृद्धा
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Mon, 03 Oct 2016 09:43 PM IST
विज्ञापन
जिंदा दर्शाने में जुटी वृद्धा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनावी साल में मुख्यमंत्री जहां पेंशन पाने वाली महिलाओं को बकायदा पत्र भेजकर शुभकामनाएं दे रहे हैं। वहीं, एक वृद्धा अधिकारियों की लापरवाही से सरकारी रिकॉर्ड में खुद को जिंदा साबित करने के लिए अफसरों के चक्कर लगा रही है।
विज्ञापन
जबकि कुछ महिलाओं की पेंशन विभाग में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। गढ़मुक्तेशरा निवासी भागरती देवी (50) को हर माह तीन सौ रुपये समाजवादी विधवा पेंशन मिलता था। डेढ़ साल से रिकॉर्ड में उन्हें मरा हुआ दर्शाकर पेंशन रोक दी गई।
विज्ञापन
इसके लिए डेढ़ वर्ष से भागरती देवी सरकारी रिकॉर्ड में खुद को जिंदा साबित करने के लिए समाज कल्याण विभाग और दूसरे अधिकारियों के समक्ष चक्कर लगा रही हैं लेकिन अधिकारी रोज उसे टरका दे रहे हैं।
विज्ञापन
एक अन्य मामले में इसी गांव की विमला देवी पत्नी सुंदर की समाजवादी पेंशन तीन साल पहले अचानक बंद हो गयी। समाज कल्याण विभाग में शिकायत की तो पता चला कि उनकी पेंशन बदस्तूर आ रही है लेकिन उनके खाते में नहीं पहुंच रही।
अब सबसे बड़ी बात यह है कि तीन साल से उनकी पेंशन आखिरकार किसके पास जा रही है। इस मामले की शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस संबंध में जिला समाज कल्याण विभाग अधिकारी राजेश सक्सेना का कहना है कि मृतक दर्शायी गयी महिला से कुछ दस्तावेज मांगे गए हैं उनके जमा होने के बाद पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी।