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Hapur News: इंदिरापुरम हस्तांतरण के लिए बैठक करेंगे अधिकारी
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गाजियाबाद। इंदिरापुरम कॉलोनी के हस्तांतरण के लिए जीडीए के अधिकारी एक बार फिर प्रयास करेंगे। जल्द ही जीडीए के अधिकारी नगरायुक्त के साथ बैठक करेंगे। इस बार जीडीए अधिकारी न सिर्फ इंदिरापुरम बल्कि स्वर्णजयंतीपुरम, तुलसी निकेतन और प्रताप विहार के कई ब्लॉक के साथ-साथ ऐसी सभी कॉलोनियों के हस्तांतरण पर वार्ता करेंगे जिनका मेंटेनेंस अभी जीडीए कर रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
दो माह पूर्व दिसंबर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल निगम गेस्ट हाउस में रात्रि प्रवास किया था। मुख्यमंत्री से मुलाकात के साहिबाबाद विधायक ने इंदिरापुरम के हस्तांतरण का मुद्दा उठाया तो सीएम ने अधिकारियों को हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कराकर समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए थे। दो माह से यह मुद्दा एक बार फिर ठंडा पड़ गया था लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले यह फिर उठने लगा है। जीडीए के नए वीसी इंद्र विक्रम सिंह ने प्राधिकरण अधिकारियों को हस्तांतरण की प्रक्रिया के लिए नगरायुक्त के साथ बैठक करने के निर्देश दिए हैं।
जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि इंदिरापुरम, स्वर्णजयंती पुरम समेत ऐसी कॉलोनियों की सूची तैयार कराई जा रही है जो पूरी तरह विकसित हो चुकी हैं और मेंटेनेंस का काम अभी भी जीडीए कर रहा है। उनका कहना है कि इन सभी कॉलोनियों को नगर निगम को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जल्द ही नगर आयुक्त को पत्र भेजकर बैठक के लिए तारीख तय की जाएगी।
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समय से होता हस्तांतरण तो न होता विवाद
कॉलोनियों को पूरी तरह विकसित किए जाने के बाद हस्तांतरण कर दिया जाना चाहिए था। इसमें विलंब होने की वजह से न केवल जीडीए पर मेंटेनेंस का भार बढ़ रहा है, बल्कि सड़क, सीवर, ड्रेनेज, पार्काें में मरम्मत की जरूरत पड़ गई है। ड्रेनेज और सीवर लाइनों के विस्तार की जरूरत पड़ने लगी है। इसी वजह से अब नगर निगम के अधिकारियों ने इन कार्याें के लिए जीडीए से बड़ी रकम की डिमांड की है। इसी रकम पर अब दोनों में सहमति नहीं बन पा रही है।
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दो माह पूर्व दिसंबर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल निगम गेस्ट हाउस में रात्रि प्रवास किया था। मुख्यमंत्री से मुलाकात के साहिबाबाद विधायक ने इंदिरापुरम के हस्तांतरण का मुद्दा उठाया तो सीएम ने अधिकारियों को हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कराकर समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए थे। दो माह से यह मुद्दा एक बार फिर ठंडा पड़ गया था लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले यह फिर उठने लगा है। जीडीए के नए वीसी इंद्र विक्रम सिंह ने प्राधिकरण अधिकारियों को हस्तांतरण की प्रक्रिया के लिए नगरायुक्त के साथ बैठक करने के निर्देश दिए हैं।
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जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि इंदिरापुरम, स्वर्णजयंती पुरम समेत ऐसी कॉलोनियों की सूची तैयार कराई जा रही है जो पूरी तरह विकसित हो चुकी हैं और मेंटेनेंस का काम अभी भी जीडीए कर रहा है। उनका कहना है कि इन सभी कॉलोनियों को नगर निगम को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जल्द ही नगर आयुक्त को पत्र भेजकर बैठक के लिए तारीख तय की जाएगी।
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समय से होता हस्तांतरण तो न होता विवाद
कॉलोनियों को पूरी तरह विकसित किए जाने के बाद हस्तांतरण कर दिया जाना चाहिए था। इसमें विलंब होने की वजह से न केवल जीडीए पर मेंटेनेंस का भार बढ़ रहा है, बल्कि सड़क, सीवर, ड्रेनेज, पार्काें में मरम्मत की जरूरत पड़ गई है। ड्रेनेज और सीवर लाइनों के विस्तार की जरूरत पड़ने लगी है। इसी वजह से अब नगर निगम के अधिकारियों ने इन कार्याें के लिए जीडीए से बड़ी रकम की डिमांड की है। इसी रकम पर अब दोनों में सहमति नहीं बन पा रही है।