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अब जाने का वक्त है, मुझे अलविदा कह दो
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Fri, 23 Jun 2017 10:40 PM IST
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रमजान
- फोटो : अमर उजाला
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अब वक्त-ए-जुदाई है, मुझे अलविदा कह दो। अब जाने का वक्त है, मुझे अलविदा कह दो। मैं बख्शीश का जरिया था तुम्हारे लिए, दिल रो रहा है मगर अलविदा कह दो। तुम्हें अफसोस तो होगा मेरे जाने पर, आऊंगा लौटकर फिर अब मुझे अलविदा कह दो।
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उक्त विचार जामा मस्जिद में जुमे की नमाज से पूर्व कारी मौहम्मद आसिम ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि रमजान का माह ए मुबारक महीना हमारे बीच से गुजर गया। उन्होंने अकीदतमंदों को जकात, फितरा, सदका अदा करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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शुक्रवार को नगर की शाही जामा मस्जिद, मस्जिद मदरसा सादात (मरकज वाली), मस्जिद अबुबकर, जामुन वाली मस्जिद, अल्लीखां वाली मस्जिद, नूरवफान गंज मस्जिद, बाजार वाली मस्जिद, काली मस्जिद, रहमानिया मस्जिद,
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मक्का मस्जिद बुलंदशहर रोड, मोती मस्जिद मेरठ गेट पुलिस चौकी, हीरा मस्जिद व अन्य मस्जिदों में जुमा अलविदा की नमाज अदा की गई।
अलविदा जुमा की नमाज पढ़कर सभी अकीदतमंदों ने मुल्क में अमन चैन की दुआ मांगी। छोटे छोटे बच्चों ने भी रोजा रखकर अल्लाह की इबादत की। रमजान का आखरी जुमा होने के कारण मस्जिदों में बड़ी संख्या में रोजेदारों ने नमाज अदा की।
इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गये। मस्जिदों के पास पुलिसकर्मी तैनात रहे। अलविदा जुमा पर सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही न हो, इसलिए मिश्रित आबादी वाले इलाकों में भी पुलिसकर्मी गश्त करते दिखाई दिए।
सीओ शैलेंद्र राठौर ने बताया कि शहर की सभी मस्जिदों में शांतिपूर्वक जुमा अलविदा की नमाज अदा की। मस्जिदों के पास सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए थे।