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Hapur News: टीकाकरण में लापरवाही पर 19 निजी अस्पतालों को दिया नोटिस
Sun, 05 Oct 2025 10:30 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sun, 05 Oct 2025 10:30 PM IST
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हापुड़। बच्चों के टीकाकरण में लापरवाही बरतने वाले 19 निजी अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस भेजा है। इन अस्पतालों में प्रसव और बच्चों का इलाज होता है। सीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने कहा है कि इन अस्पतालों में हर सप्ताह टीकाकरण के आंकड़ों की समीक्षा होगी। ये अस्पताल स्वास्थ्य विभाग से भी टीके लेकर बच्चों को प्रतिरक्षित कर सकते हैं। इसके बाद भी अस्पताल लापरवाही बरतते हैं तो उनका पंजीकरण निरस्त किया जाएगा।
जन्म से लेकर 19 साल तक के बच्चों को नियमित अंतराल पर जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए टीके लगाए जाते हैं। पिछले दिनों जांच में सामने आया था कि कई निजी अस्पताल टीकाकरण में लापरवाही बरत रहे हैं। जन्म के बाद बच्चों को टीका नहीं लगाया जाता। इसके कारण वह जानलेवा बीमारियों की चपेट में आते हैं।
इस पर स्वास्थ्य विभाग ने टीमों का गठन कर ऐसे अस्पतालों को सख्त चेतावनी दी है कि भविष्य में टीकाकरण के प्रति उदासीनता दिखाने पर उनके पंजीकरण रद्द किए जाएंगे। इसी क्रम में विभाग ने ऐसे 19 अस्पताल जिनमें प्रसव और बच्चों का उपचार होता है, उन्हें नोटिस जारी कर दिए हैं। साथ ही कहा है कि वह विभाग से टीका प्राप्त कर, बच्चों का टीकाकरण कर सकते हैं। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
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- बच्चों को लगाए जाने वाले टीके
- जन्म के समय लगने वाला टीका-
* बैसिलस कैलमेट ग्यूरिन (बीसीजी), यह टीका तपेदिक (टीबी) के संक्रमण से बचाता है।
* ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी)-यह टीका पोलियो वायरस से बचाता है।
* हेपेटाइटिस बी जन्म खुराक, यह टीका हेपेटाइटिस बी से बचाता है।
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6 सप्ताह के बच्चे का टीकाकरण
* ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी)
* पेंटावेलेंट-यह टीका डिप्थीरिया, पर्टुसिस, टेटनस, हेपेटाइटिस बी और हिब से सुरक्षा प्रदान करता है।
* रोटावायरस वैक्सीन (आरवीवी)-यह टीका रोटावायरस से सुरक्षा करता है।
* न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (पीसीवी)-यह वैक्सीन मेनिजाइटिस, सेप्टीसीमिया और निमोनिया से लेकर साइनसाइटिस और ओटिटिस मीडिया जैसे हल्के संक्रमणों से बच्चों की सुरक्षा करती है।
(नोट : इसी तरह खसरा व अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए दस साल की उम्र तक बच्चों को टीके लगाए जाते हैं।)
जन आरोग्य मेलों में पहुंचे मरीज
जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे जन आरोग्य मेलों में रविवार को 1877 मरीज पहुंचे। इनमें 400 से अधिक बुखार के मरीज रहे। साथ ही 243 बच्चों का टीकाकरण कराया गया। चर्म रोग, डायरिया और मांसपेशियों में दर्द वाले मरीजों की संख्या भी अधिक रही।
कोट -
बच्चों के टीकाकरण में किसी तरह की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी। 19 प्राइवेट अस्पतालों को इस संबंध में नोटिस भी दिए गए हैं। टीकाकरण न कराने वाले अस्पतालों के लाइसेंस भी निरस्त होंगे। हालांकि अस्पताल अब टीकाकरण की रिपोर्ट दे रहे हैं। - डॉ.योगेश गुप्ता, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
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जन्म से लेकर 19 साल तक के बच्चों को नियमित अंतराल पर जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए टीके लगाए जाते हैं। पिछले दिनों जांच में सामने आया था कि कई निजी अस्पताल टीकाकरण में लापरवाही बरत रहे हैं। जन्म के बाद बच्चों को टीका नहीं लगाया जाता। इसके कारण वह जानलेवा बीमारियों की चपेट में आते हैं।
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इस पर स्वास्थ्य विभाग ने टीमों का गठन कर ऐसे अस्पतालों को सख्त चेतावनी दी है कि भविष्य में टीकाकरण के प्रति उदासीनता दिखाने पर उनके पंजीकरण रद्द किए जाएंगे। इसी क्रम में विभाग ने ऐसे 19 अस्पताल जिनमें प्रसव और बच्चों का उपचार होता है, उन्हें नोटिस जारी कर दिए हैं। साथ ही कहा है कि वह विभाग से टीका प्राप्त कर, बच्चों का टीकाकरण कर सकते हैं। इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
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- बच्चों को लगाए जाने वाले टीके
- जन्म के समय लगने वाला टीका-
* बैसिलस कैलमेट ग्यूरिन (बीसीजी), यह टीका तपेदिक (टीबी) के संक्रमण से बचाता है।
* ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी)-यह टीका पोलियो वायरस से बचाता है।
* हेपेटाइटिस बी जन्म खुराक, यह टीका हेपेटाइटिस बी से बचाता है।
6 सप्ताह के बच्चे का टीकाकरण
* ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी)
* पेंटावेलेंट-यह टीका डिप्थीरिया, पर्टुसिस, टेटनस, हेपेटाइटिस बी और हिब से सुरक्षा प्रदान करता है।
* रोटावायरस वैक्सीन (आरवीवी)-यह टीका रोटावायरस से सुरक्षा करता है।
* न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (पीसीवी)-यह वैक्सीन मेनिजाइटिस, सेप्टीसीमिया और निमोनिया से लेकर साइनसाइटिस और ओटिटिस मीडिया जैसे हल्के संक्रमणों से बच्चों की सुरक्षा करती है।
(नोट : इसी तरह खसरा व अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए दस साल की उम्र तक बच्चों को टीके लगाए जाते हैं।)
जन आरोग्य मेलों में पहुंचे मरीज
जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे जन आरोग्य मेलों में रविवार को 1877 मरीज पहुंचे। इनमें 400 से अधिक बुखार के मरीज रहे। साथ ही 243 बच्चों का टीकाकरण कराया गया। चर्म रोग, डायरिया और मांसपेशियों में दर्द वाले मरीजों की संख्या भी अधिक रही।
कोट -
बच्चों के टीकाकरण में किसी तरह की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी। 19 प्राइवेट अस्पतालों को इस संबंध में नोटिस भी दिए गए हैं। टीकाकरण न कराने वाले अस्पतालों के लाइसेंस भी निरस्त होंगे। हालांकि अस्पताल अब टीकाकरण की रिपोर्ट दे रहे हैं। - डॉ.योगेश गुप्ता, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।