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Hapur News: मुकदमा दर्ज और नोटिस जारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं
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पिलखुवा। पिलखुवा-फगौता मार्ग पर पुलिया निर्माण के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में बाइक गिरने से युवक की मौत के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने और संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किए जाने के बाद भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है। हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने को लेकर विभागीय स्तर पर कवायद जारी है लेकिन अब तक किसी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पिछले सप्ताह सिद्धिविनायक अस्पताल के पास पुलिया निर्माण कार्य के दौरान खोदे गए गड्ढे में अचपलगढ़ी निवासी विजय कुमार की बाइक गिर गई थी। हादसे में गंभीर रूप से घायल विजय कुमार की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतक नहीं होने का आरोप लगाया था। मामले में पुलिस ने निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार संजीव कुमार और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। वहीं, पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिशासी अभियंता ने भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया था। हादसे के बाद पीडब्ल्यूडी ने संबंधित ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। हालांकि कई दिन बीतने के बाद भी कार्रवाई का परिणाम सामने नहीं आया है।
उधर, क्षेत्र के लोगों का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी यदि जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना मुश्किल होगा। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र सिंह ने बताया कि 20 लाख रुपये से अधिक लागत वाले कार्य अधीक्षण अभियंता कार्यालय की देखरेख में कराए जाते हैं। मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई संबंधित उच्चाधिकारी स्तर से की जाएगी।
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पिछले सप्ताह सिद्धिविनायक अस्पताल के पास पुलिया निर्माण कार्य के दौरान खोदे गए गड्ढे में अचपलगढ़ी निवासी विजय कुमार की बाइक गिर गई थी। हादसे में गंभीर रूप से घायल विजय कुमार की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतक नहीं होने का आरोप लगाया था। मामले में पुलिस ने निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार संजीव कुमार और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। वहीं, पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिशासी अभियंता ने भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया था। हादसे के बाद पीडब्ल्यूडी ने संबंधित ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। हालांकि कई दिन बीतने के बाद भी कार्रवाई का परिणाम सामने नहीं आया है।
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उधर, क्षेत्र के लोगों का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी यदि जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना मुश्किल होगा। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र सिंह ने बताया कि 20 लाख रुपये से अधिक लागत वाले कार्य अधीक्षण अभियंता कार्यालय की देखरेख में कराए जाते हैं। मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई संबंधित उच्चाधिकारी स्तर से की जाएगी।
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