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मध्य गंग नहर के आसपास के गांवों में बंदरों का आतंक
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Mon, 09 Jan 2017 09:03 PM IST
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बंदरों का आतंक
- फोटो : अमर उजाला
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मध्य गंग नहर के आसपास के गांवों में बंदरों का आतंक ग्रामीणों पर भारी पड़ रहा है। खेतों में गेहूं, सरसों, गन्ने की फसल को बंदर भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। साथ ही कई ग्रामीणों को खेतों में काम करते समय बंदर काट भी चुके हैं।
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परेशान ग्रामीणों ने प्रशासनिक अफसरों से राहत की गुहार लगाई है। बाबूगढ़ क्षेत्र के बछलौता, छपकौली, गढ़ी, अल्लीपुर, रसूलपुर, बनखंडा आदि गांवों के खेतों में बंदरों का कहर इस कदर बढ़ा है कि किसाना खेतों तक जाने में भी कतराने लगे हैं।
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आलम यह है कि खेतों में उगी गेहूं की फसल को बंदर उखाड़ कर खा जाते हैं। बछलौता गांव निवासी कुंवर पाल सिंह ने बताया कि शहरों से बंदरों को पकड़ कर उनके खेतों में छोड़ दिया जाता है। तमाम फसलें चौपट होने की कगार पर हैं,
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भय के मारे किसान खेतों में काम नहीं कर पा रहे हैं। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है। लेकिन समस्या ज्यों की त्यों है। सोमवार को दर्जनों ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पर शिकायत कर राहत की गुहार लगाई है।
जल्द बंदरों के आतंक से राहत नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं, प्रभागीय वन अधिकारी पीएन सिंह का कहना है कि किसानों की समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा।
प्रभावित गांवों को बंदरों के आतंक से निजात दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान सतीश कुमार, राहुल शर्मा, देवेश कुमार, अनिल शर्मा, रोहताश, श्याम सुदंर, अनुज मौजूद रहे।