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बिजलीघर पर फेस बदली का खेल, 4500 नलकूप बंद
सार
बिजलीघर पर फेस बदली का खेल, 4500 नलकूप बंदहापुड़।जसरूपनगर बिजलीघर का फीडर अभी तक पूरा नहीं हो सका है।इसका लाभ ऊर्जा निगम को होता है।क्योंकि किसानों का बिल जुड़ता रहता है और कागजों पर भी सप्लाई पूरी दे दी जाती है।
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विस्तार
बिजलीघर पर फेस बदली का खेल, 4500 नलकूप बंद
हापुड़। जसरूपनगर बिजलीघर से फेस बदली का खेल कर, रातभर 4500 से अधिक नलकूपों को ठप रखा जाता है। ओवर लोडिंग से बचने और कागजों का पेट भरने के लिए यह फर्जीवाड़ा हो रहा है। बिजलीघर से जुड़े क्षेत्र के किसानों की हालत खराब है, अब बरसात ने कुछ राहत दिलायी है तो बिजली व्यवस्था में भी सुधार आया है।
शासन की योजना गांव और जंगल की विद्युत लाइनों को अलग अलग फीडर से जोड़कर सप्लाई देना है। ताकि गांवों को शहरों की तर्ज पर ही आपूर्ति मिल सके। जसरूपनगर बिजलीघर का फीडर अभी तक पूरा नहीं हो सका है। जिसके चलते गांव और जंगल को एक ही लाइन से सप्लाई दी जा रही है।
बिजलीघर की मशीनें इस लोड को नहीं झेल पाती। ओवर लोडिंग से बचने के लिए कभी दिन में तो कभी रात में जंगल की लाइन को काट दिया जाता है। रात में जब भी आपूर्ति मिलती है, बिजलीघर से फेस बदल दिए जाते हैं। ऐसे में जंगलों को सप्लाई तो मिलती हैं, लेकिन नलकूप नहीं चल पाते हैं। इसका लाभ ऊर्जा निगम को होता है।
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क्योंकि किसानों का बिल जुड़ता रहता है और कागजों पर भी सप्लाई पूरी दे दी जाती है। करीब 4500 नलकूप इस खेल से प्रभावित होते हैं। धान की फसल पर सूखे का संकट गहराया हुआ है। ग्रामीण शिकायत करते हैं तो उन्हें हड़काया जाता है। बीते दिनों ग्रामीणों के विरोध करने पर डेढ़ दिन तक जंगल की सप्लाई भी काट दी गई थी। अब बरसात के बाद कुछ राहत मिली है, तीन रात से फेस भी नहीं बदले गए हैं।
-मामला गंभीर, होगी जांच-
बिजलीघर से फेस बदलने का मामला गंभीर है, औचक निरीक्षण कर, जांच की जाएगा। इस तरह की सप्लाई दिए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।--मनोज कुमार, अधिशासी अभियंता।
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हापुड़। जसरूपनगर बिजलीघर से फेस बदली का खेल कर, रातभर 4500 से अधिक नलकूपों को ठप रखा जाता है। ओवर लोडिंग से बचने और कागजों का पेट भरने के लिए यह फर्जीवाड़ा हो रहा है। बिजलीघर से जुड़े क्षेत्र के किसानों की हालत खराब है, अब बरसात ने कुछ राहत दिलायी है तो बिजली व्यवस्था में भी सुधार आया है।
शासन की योजना गांव और जंगल की विद्युत लाइनों को अलग अलग फीडर से जोड़कर सप्लाई देना है। ताकि गांवों को शहरों की तर्ज पर ही आपूर्ति मिल सके। जसरूपनगर बिजलीघर का फीडर अभी तक पूरा नहीं हो सका है। जिसके चलते गांव और जंगल को एक ही लाइन से सप्लाई दी जा रही है।
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बिजलीघर की मशीनें इस लोड को नहीं झेल पाती। ओवर लोडिंग से बचने के लिए कभी दिन में तो कभी रात में जंगल की लाइन को काट दिया जाता है। रात में जब भी आपूर्ति मिलती है, बिजलीघर से फेस बदल दिए जाते हैं। ऐसे में जंगलों को सप्लाई तो मिलती हैं, लेकिन नलकूप नहीं चल पाते हैं। इसका लाभ ऊर्जा निगम को होता है।
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क्योंकि किसानों का बिल जुड़ता रहता है और कागजों पर भी सप्लाई पूरी दे दी जाती है। करीब 4500 नलकूप इस खेल से प्रभावित होते हैं। धान की फसल पर सूखे का संकट गहराया हुआ है। ग्रामीण शिकायत करते हैं तो उन्हें हड़काया जाता है। बीते दिनों ग्रामीणों के विरोध करने पर डेढ़ दिन तक जंगल की सप्लाई भी काट दी गई थी। अब बरसात के बाद कुछ राहत मिली है, तीन रात से फेस भी नहीं बदले गए हैं।
-मामला गंभीर, होगी जांच-
बिजलीघर से फेस बदलने का मामला गंभीर है, औचक निरीक्षण कर, जांच की जाएगा। इस तरह की सप्लाई दिए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।--मनोज कुमार, अधिशासी अभियंता।