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Hapur News: सेहल गांव के जंगल में दिखा तेंदुआ
Sat, 24 Feb 2024 10:13 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sat, 24 Feb 2024 10:13 PM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव सेहल के जंगल में आश्रम के निकट दो युवकों ने तेंदुआ घूमता देखा। कुछ देर बाद तेंदुआ बाग में घुसकर खेतों में छिप गया। वहीं वन विभाग के अधिकारी मामले की जानकारी होने से इन्कार कर रहे हैं।
गांव सेहल निवासी परमजीत चौधरी ने बताया कि वह शुक्रवार की रात करीब 10 बजे वह अपने साथी रोहित शर्मा निवासी गांव भैना के साथ कार से घर वापस लौट रहे थे। जैसे ही वह गांव के जंगल में श्रीश्री 1008 रमेशचंद्रा जी महाराज की कुटी के पास पहुंचे, तो उन्हें कार के सामने तेंदुआ दिखाई दिया। जिसे देखकर उनके होश उड़ गए। कार रोक कर उन्होंने शीशे लॉक कर लिए, लेकिन हेड लाइट बंद नहीं की। परमजीत ने बताया कि कुछ देर तक तेंदुआ लाइट के सामने खड़ा रहा, उसके बाद बाग में घुसकर खेतों की तरफ निकल गया। सुबह ग्रामीणों के साथ जंगल में जाकर देखा तो उसके पंजों के निशान मिले। वहीं, तेंदुआ दिखाई देने के बाद से आस-पास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। सेहल के अलावा बहादुरगढ़, भैना, सदरपुर समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण अकेले जंगल में नहीं जा रहे हैं।
- पहले भी दहशत फैला चुका है तेंदुआ
क्षेत्र में पहले भी तेंदुआ देखा जा चुका है। लगभग नौ वर्ष पूर्व तेंदुए ने गांव सेहल में एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों को घायल कर दिया था। उसके बाद दो वर्ष पूर्व झड़ीना में भी तेंदुए ने तीन लोगों को घायल किया था। जबकि करीब एक सप्ताह में चार बार तेंदुआ अलग-अलग स्थानों पर देखा जा चुका है।
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कोट -
सेहल गांव में तेंदुए के दिखने की जानकारी नहीं है, यदि सूचना मिलती है, तो टीम को भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर पिंजरा लगाया जाएगा। - करन सिंह वन क्षेत्राधिकारी
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गांव सेहल निवासी परमजीत चौधरी ने बताया कि वह शुक्रवार की रात करीब 10 बजे वह अपने साथी रोहित शर्मा निवासी गांव भैना के साथ कार से घर वापस लौट रहे थे। जैसे ही वह गांव के जंगल में श्रीश्री 1008 रमेशचंद्रा जी महाराज की कुटी के पास पहुंचे, तो उन्हें कार के सामने तेंदुआ दिखाई दिया। जिसे देखकर उनके होश उड़ गए। कार रोक कर उन्होंने शीशे लॉक कर लिए, लेकिन हेड लाइट बंद नहीं की। परमजीत ने बताया कि कुछ देर तक तेंदुआ लाइट के सामने खड़ा रहा, उसके बाद बाग में घुसकर खेतों की तरफ निकल गया। सुबह ग्रामीणों के साथ जंगल में जाकर देखा तो उसके पंजों के निशान मिले। वहीं, तेंदुआ दिखाई देने के बाद से आस-पास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। सेहल के अलावा बहादुरगढ़, भैना, सदरपुर समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण अकेले जंगल में नहीं जा रहे हैं।
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- पहले भी दहशत फैला चुका है तेंदुआ
क्षेत्र में पहले भी तेंदुआ देखा जा चुका है। लगभग नौ वर्ष पूर्व तेंदुए ने गांव सेहल में एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों को घायल कर दिया था। उसके बाद दो वर्ष पूर्व झड़ीना में भी तेंदुए ने तीन लोगों को घायल किया था। जबकि करीब एक सप्ताह में चार बार तेंदुआ अलग-अलग स्थानों पर देखा जा चुका है।
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कोट -
सेहल गांव में तेंदुए के दिखने की जानकारी नहीं है, यदि सूचना मिलती है, तो टीम को भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर पिंजरा लगाया जाएगा। - करन सिंह वन क्षेत्राधिकारी