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Hapur News: खेतों पर काम कर रहे किसानों पर तेंदुए ने किया हमला

Fri, 26 Apr 2024 12:14 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़ Updated Fri, 26 Apr 2024 12:14 AM IST
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leapord attack on five people
गढ़मुक्तेश्वर। बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव सालारपुर और चित्तौड़ा के किसान बृहस्पतिवार की सुबह जंगल में अपने खेतों पर काम कर रहे थे। इसी बीच गन्ने के खेत से निकलकर तेंदुए ने एक के बाद एक पांच किसानों पर हमला कर दिया। एक युवक ने तेंदुए पर दरांती से भी वार किया। इस दौरान किसानों ने मिलकर तेंदुए को खदेड़ दिया। सूचना मिलते ही वन विभाग समेत प्रशासन की टीम पहुंची और तेंदुए की तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
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गांव सालारपुर निवासी योगेंद्र, होशियार सिंह और चित्तौड़ा निवासी दुष्यंत, अजय और चित्तौड़ा में अपने मामा के घर रह रहे पीयूष समेत अन्य किसान अपने-अपने खेतों पर गेहूं की फसल की कटाई कर रहे थे। इसी दौरान खेत से निकले तेंदुए ने योगेंद्र पर हमला कर दिया, उसके साथ काम कर रहे अन्य किसानों ने शोर मचाते हुए तेंदुए का सामना किया। शोर सुनकर सभी किसान मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने तेंदुए को पकड़ने की कोशिश की। तेंदुए के हमले से योगेंद्र, होशियार, दुष्यंत, अजय और पीयूष घायल हो गए। हालांकि पीयूष ने अपना बचाव करने के दौरान तेंदुए पर दरांती से हमला भी किया, जिससे तेंदुआ भी चोटिल हो गया। सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से सैकड़ों किसान मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने तेंदुए को खदेड़ दिया। लेकिन तेंदुआ पास के ही एक बाग में जा छिपा। घायल किसानों को डहरा कुटी स्थित चिकित्सक के यहां ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
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मौके पर थे दर्जनों किसान, हो जाता बड़ा हादसा

तेंदुए के हमले के दौरान खेतों पर दर्जनों किसान काम कर रहे थे, जिन्होंने एकत्र होकर उसका सामना किया। यदि एक-दो किसान ही खेत पर होते, तो तेंदुआ उन्हें अपना निवाला भी बना सकता था।
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गेहूं की कटाई बाधित, दहशत में किसान

तेंदुए के हमला करने से आसपास के कई गांवों के किसानों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। किसान सुरेंद्र चौहान का कहना है कि तेंदुए की दहशत के कारण गेहूं की कटाई बाधित हो गई है। वहीं सभी लोग घरों से निकलने में भी डर रहे है।

- छह जिलों से आई वन विभाग की टीम

तेंदुए के जंगल में होने की सूचना पर हापुड़ जिले के अलावा नोएडा, दादरी, बुलंदशहर, मेरठ, बिजनौर, समेत अन्य स्थानों से वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। करीब पांच घंटे तक सर्च आपरेशन चलाया गया।

मुख्य वन संरक्षक अधिकारी ने संभाली कमान

तेंदुए की दहशत के बीच पश्चिमी उप्र प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक अधिकारी एके जानू ने अधीनस्थों के साथ मौके पर पहुंच कर मोर्चा संभाला। यहां पर उन्होंने टीम के साथ मिलकर जंगल में तेंदुए को तलाश किया, लेकिन उसके पद चिन्ह मिलने के बाद भी टीम को कोई कामयाबी नहीं मिल सकी। इस दौरान ड्रोन कैमरों से भी आस पास के जंगल में तलाश किया गया।

पिंजरे और सीसीटीवी कैमरे लगाए

वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए दो टीमों का गठन किया गया है। इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर पिंजरे और सीसीटीवी कैमरों को लगवाया। ताकि तेंदुआ जल्द से जल्द पकड़ में आ सके।


कोट -

वन क्षेत्राधिकारी करण सिंह का कहना है कि तेंदुआ अभी पकड़ा नहीं जा सका है। सर्च ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है। तेंदुए को पकडऩे के लिए पिंजरे और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। शीघ्र ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
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