{"_id":"681e3c316057b5a6b0028ab3","slug":"lakhpal-in-villages-hapur-news-c-135-1-hpr1005-124133-2025-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: गांवों में लगेगी लेखपालों की ड्यूटी, मौके पर करेंगे समाधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: गांवों में लगेगी लेखपालों की ड्यूटी, मौके पर करेंगे समाधान
Fri, 09 May 2025 11:02 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 09 May 2025 11:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हापुड़। ग्राम पंचायतों की समस्याओं को लेकर शुक्रवार को जिला मुख्यालय के सभागार में डीएम ने प्रधानों के साथ बैठक की। इस दौरान प्रधानों की कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया। बैठक में डीएम ने कहा कि अब गांवों में लेखपालों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जो उसी दिन ग्रामीणों की समस्या का समाधान भी करेंगे।
डीएम अभिषेक पांडेय और सीडीओ हिमांशु गौतम की अध्यक्षता में पहली बार ग्राम प्रधानों की समस्याओं के निस्तारण के लिए जिले में बैठक हुई। इसमें 125 से अधिक ग्राम प्रधान शामिल हुए। बैठक में अखिल भारतीय पंचायत संगठन के जिलाध्यक्ष योगेश्वर त्यागी ने कहा कि जन जीवन मिशन के अंतर्गत जिन ग्राम पंचायतों में पानी की टंकी का निर्माण नहीं हुआ है, उसमें निर्माण कार्य अविलंब शुरू कराया जाए और जहां निर्माण कार्य प्रगति पर है, वहां पानी की पाइप लाइन बिछाकर टूटी सड़कों की मरम्मत हो। बेसहारा गोवंशों की टैगिंग को अनिवार्य किया जाए, इन्हें पकड़ने के नाम पर प्रधानों का उत्पीड़न न हो। साथ ही किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराने में किसान के आधार व खतौनी के मामूली अंतर को समान कर दुरुस्त कराया जाए। नानक चंद शर्मा ने कहा कि जिले में निवास करने वाले पात्रों की पेंशन को एक निश्चित समय सीमा के अंदर प्रारंभ कराया जाए, राशन डीलरों की घटतौली को रोका जाए। साथ ही पंचायत स्तर पर सफाई कर्मचारी की तैनाती हो। इनके काम करने की समय सीमा तय की जाए। ऊर्जा निगम द्वारा गलत तरीके से लगाए गए खंभों को हटवाया जाए। इस दौरान सरदार हरविंदर सिंह, विजय खरे, मनोज प्रधान, बबलू, जहीर, जावेद, उस्मान, जितेंद्र, संजीव, अमित, संजीव बाना आदि मौजूद रहे।
तहसील में कोई रिश्तव मांगे तो मुझे बताना
प्रधानों की शिकायत पर डीएम ने कहा कि अब हर महीने में एक दिन लेखपाल व अन्य गांव में ही तैनात रहेंगे। वहीं पर ही ग्रामीणों की समस्या का समाधान करेंगे। तहसील में कोई लेखपाल व कर्मचारी रिश्वत मांगे तो सीधे फोन करके जानकारी दी जाए। डीएम ने प्रधानों की सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने और तालाबों में मछली पालन के लिए आवंटित पट्टों की धनराशि का जो अंश तहसील में जमा हुआ है, उसे एक माह के अंदर पंचायतों को दिए जाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम अभिषेक पांडेय और सीडीओ हिमांशु गौतम की अध्यक्षता में पहली बार ग्राम प्रधानों की समस्याओं के निस्तारण के लिए जिले में बैठक हुई। इसमें 125 से अधिक ग्राम प्रधान शामिल हुए। बैठक में अखिल भारतीय पंचायत संगठन के जिलाध्यक्ष योगेश्वर त्यागी ने कहा कि जन जीवन मिशन के अंतर्गत जिन ग्राम पंचायतों में पानी की टंकी का निर्माण नहीं हुआ है, उसमें निर्माण कार्य अविलंब शुरू कराया जाए और जहां निर्माण कार्य प्रगति पर है, वहां पानी की पाइप लाइन बिछाकर टूटी सड़कों की मरम्मत हो। बेसहारा गोवंशों की टैगिंग को अनिवार्य किया जाए, इन्हें पकड़ने के नाम पर प्रधानों का उत्पीड़न न हो। साथ ही किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराने में किसान के आधार व खतौनी के मामूली अंतर को समान कर दुरुस्त कराया जाए। नानक चंद शर्मा ने कहा कि जिले में निवास करने वाले पात्रों की पेंशन को एक निश्चित समय सीमा के अंदर प्रारंभ कराया जाए, राशन डीलरों की घटतौली को रोका जाए। साथ ही पंचायत स्तर पर सफाई कर्मचारी की तैनाती हो। इनके काम करने की समय सीमा तय की जाए। ऊर्जा निगम द्वारा गलत तरीके से लगाए गए खंभों को हटवाया जाए। इस दौरान सरदार हरविंदर सिंह, विजय खरे, मनोज प्रधान, बबलू, जहीर, जावेद, उस्मान, जितेंद्र, संजीव, अमित, संजीव बाना आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
तहसील में कोई रिश्तव मांगे तो मुझे बताना
प्रधानों की शिकायत पर डीएम ने कहा कि अब हर महीने में एक दिन लेखपाल व अन्य गांव में ही तैनात रहेंगे। वहीं पर ही ग्रामीणों की समस्या का समाधान करेंगे। तहसील में कोई लेखपाल व कर्मचारी रिश्वत मांगे तो सीधे फोन करके जानकारी दी जाए। डीएम ने प्रधानों की सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने और तालाबों में मछली पालन के लिए आवंटित पट्टों की धनराशि का जो अंश तहसील में जमा हुआ है, उसे एक माह के अंदर पंचायतों को दिए जाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन