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कृषि कानूनों के विरोध में कल किसान रोकेंगे रेल
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कृषि कानूनों के विरोध में किसान कल करेंगे रेल रोको आंदोलन
हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को जिले में रेल रोको आंदोलन करेंगे। मंगलवार को गाजीपुर बॉर्डर पर हाईकमान के साथ बैठक कर इस पर रणनीति बनाई गई। बुधवार को कार्यकर्ता बैठक कर आंदोलन का स्थान तय करेंगे। रेल रोकने के एलान से पुलिस, प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
तीन कृषि कानूनों को किसानों द्वारा विरोध किया जा रहा है। करीब तीन महीने से किसान सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन सरकार उनकी मांग मानने को तैयार नहीं है। भाकियू हाईकमान ने सरकार की अनदेखी के विरोध में आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। नई रणनीति के तहत 18 फरवरी को रेल रोकने का एलान किया है।
मंगलवार को कार्यकर्ताओं के साथ भाकियू के मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। वहां हाईकमान के साथ बैठक में रेल रोकने के आंदोलन को लेकर निर्णय लिया गया। दिनेश खेड़ा ने बताया कि जिले में भी 18 फरवरी को रेल रोकने का आंदोलन किया जाएगा। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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उन्होंने बताया कि बुधवार को कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर, आंदोलन को सफल बनाने के लिए स्थान का चयन किया जाएगा। सभी किसान बुधवार को बैठक में अवश्य पहुंचे। इस मौके पर बबली चौधरी, नीलम त्यागी, कुंवर पाल गुर्जर, बीरबल टाइगर, ठाकुर इंद्रपाल सिंह, सरदार गुरप्रीत सिंह, सरदार हरजिंदर सिंह, सरदार सुखदेव सिंह, मोनू भटेल, सुदेश चौधरी, देवेंद्र सिंह, इंसाफ अली आदि मौजूद रहे।
इस घोषणा के बाद से पुलिस, प्रशासन भी सतर्क हो गया है। वहीं, आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांवों में पंचायतों का दौर शुरू हो चुका है।
एएसपी सर्वेश कुमार मिश्र का कहना है कि फिलहाल इस तरह की कोई सूचना नहीं है। किसानों को कानून के दायरे में रहकर आंदोलन करने का अधिकार दिया जाएगा। किसी भी कीमत पर कानून नहीं तोड़ने दिया जाएगा।
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हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को जिले में रेल रोको आंदोलन करेंगे। मंगलवार को गाजीपुर बॉर्डर पर हाईकमान के साथ बैठक कर इस पर रणनीति बनाई गई। बुधवार को कार्यकर्ता बैठक कर आंदोलन का स्थान तय करेंगे। रेल रोकने के एलान से पुलिस, प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
तीन कृषि कानूनों को किसानों द्वारा विरोध किया जा रहा है। करीब तीन महीने से किसान सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन सरकार उनकी मांग मानने को तैयार नहीं है। भाकियू हाईकमान ने सरकार की अनदेखी के विरोध में आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। नई रणनीति के तहत 18 फरवरी को रेल रोकने का एलान किया है।
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मंगलवार को कार्यकर्ताओं के साथ भाकियू के मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। वहां हाईकमान के साथ बैठक में रेल रोकने के आंदोलन को लेकर निर्णय लिया गया। दिनेश खेड़ा ने बताया कि जिले में भी 18 फरवरी को रेल रोकने का आंदोलन किया जाएगा। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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उन्होंने बताया कि बुधवार को कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर, आंदोलन को सफल बनाने के लिए स्थान का चयन किया जाएगा। सभी किसान बुधवार को बैठक में अवश्य पहुंचे। इस मौके पर बबली चौधरी, नीलम त्यागी, कुंवर पाल गुर्जर, बीरबल टाइगर, ठाकुर इंद्रपाल सिंह, सरदार गुरप्रीत सिंह, सरदार हरजिंदर सिंह, सरदार सुखदेव सिंह, मोनू भटेल, सुदेश चौधरी, देवेंद्र सिंह, इंसाफ अली आदि मौजूद रहे।
इस घोषणा के बाद से पुलिस, प्रशासन भी सतर्क हो गया है। वहीं, आंदोलन को सफल बनाने के लिए गांवों में पंचायतों का दौर शुरू हो चुका है।
एएसपी सर्वेश कुमार मिश्र का कहना है कि फिलहाल इस तरह की कोई सूचना नहीं है। किसानों को कानून के दायरे में रहकर आंदोलन करने का अधिकार दिया जाएगा। किसी भी कीमत पर कानून नहीं तोड़ने दिया जाएगा।