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Hapur News: अब मिठाई की दुकानों पर निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि बताना अनिवार्य
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हापुड़। मिठाई खरीदने वाले उपभोक्ताओं के हित और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब प्रतिष्ठान के स्वामियों को मिठाई पर बनाने और उसके उपयोग की अंतिम तिथि की जानकारी देना अनिवार्य होगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं, विभागीय अधिकारियों ने जिले में सभी 300 से अधिक मिठाई विक्रेताओं को आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
मिठाइयों की गुणवत्ता और ताजगी समय बीतने के साथ प्रभावित होती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को मिठाई खरीदते समय उसकी उपयोगिता की तारीख जानकारी मिलना जरूरी कर दिया गया है। आदेश के अनुसार, पैक्ड मिठाइयों पर एक्सपायरी अथवा यूज बाई डेट अंकित करना पहले से अनिवार्य है। अब खुले में बिकने वाली मिठाइयों के संबंध में भी उपभोक्ताओं को जानकारी उपलब्ध करानी है। आगामी 15 अक्तूबर से बिक्री के लिए प्रदर्शित व भंडारित मिठाइयों के संबंध में उपयोग की तारीख प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। वहीं, दिवाली का त्योहार नजदीक है। ऐसे में नए आदेशों का कितना पालन किया और कराया जाएगा, यह भी देखना दिलचस्प होगा।
मामले में सहायक आयुक्त द्वितीय चंद्रशेखर मिश्रा का कहना है कि खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई, भंडारण और खाद्य पदार्थों की हैंडलिंग का प्रशिक्षण लेने, एफएसएसएआई लाइसेंस प्रदर्शित करने व नियमित अंतराल पर मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से नमूनों की जांच कराने के निर्देश भी दिए हैं।
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मिठाइयों की अलग-अलग तारीख निर्धारित
मिठाइयों को उनकी प्रकृति और सामग्री के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। कलाकंद जैसी मिठाइयों की शेल्फ लाइफ (किसी खाद्य पदार्थ को सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता में इस्तेमाल करने की अवधि) एक दिन बताई गई है। दूध से बनी मिठाइयों और बंगाली मिठाइयों को सामान्यत: दो दिन में इस्तेमाल करने की सलाह है। लड्डू और खोया आधारित मिठाइयों की शेल्फ लाइफ चार दिन, जबकि घी और सूखे मेवों से बनी कई मिठाइयों की शेल्फ लाइफ सात दिन बताई गई है। वहीं बेसन, चना और अन्य कुछ मिठाइयों को करीब 30 दिन तक उपयोग योग्य श्रेणी में रखा गया है।
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मिठाइयों की गुणवत्ता और ताजगी समय बीतने के साथ प्रभावित होती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को मिठाई खरीदते समय उसकी उपयोगिता की तारीख जानकारी मिलना जरूरी कर दिया गया है। आदेश के अनुसार, पैक्ड मिठाइयों पर एक्सपायरी अथवा यूज बाई डेट अंकित करना पहले से अनिवार्य है। अब खुले में बिकने वाली मिठाइयों के संबंध में भी उपभोक्ताओं को जानकारी उपलब्ध करानी है। आगामी 15 अक्तूबर से बिक्री के लिए प्रदर्शित व भंडारित मिठाइयों के संबंध में उपयोग की तारीख प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। वहीं, दिवाली का त्योहार नजदीक है। ऐसे में नए आदेशों का कितना पालन किया और कराया जाएगा, यह भी देखना दिलचस्प होगा।
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मामले में सहायक आयुक्त द्वितीय चंद्रशेखर मिश्रा का कहना है कि खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई, भंडारण और खाद्य पदार्थों की हैंडलिंग का प्रशिक्षण लेने, एफएसएसएआई लाइसेंस प्रदर्शित करने व नियमित अंतराल पर मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से नमूनों की जांच कराने के निर्देश भी दिए हैं।
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मिठाइयों की अलग-अलग तारीख निर्धारित
मिठाइयों को उनकी प्रकृति और सामग्री के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। कलाकंद जैसी मिठाइयों की शेल्फ लाइफ (किसी खाद्य पदार्थ को सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता में इस्तेमाल करने की अवधि) एक दिन बताई गई है। दूध से बनी मिठाइयों और बंगाली मिठाइयों को सामान्यत: दो दिन में इस्तेमाल करने की सलाह है। लड्डू और खोया आधारित मिठाइयों की शेल्फ लाइफ चार दिन, जबकि घी और सूखे मेवों से बनी कई मिठाइयों की शेल्फ लाइफ सात दिन बताई गई है। वहीं बेसन, चना और अन्य कुछ मिठाइयों को करीब 30 दिन तक उपयोग योग्य श्रेणी में रखा गया है।