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टेंडर में अनियमितता, डीएम से मिले जिला पंचायत सदस्य
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Mon, 18 Apr 2016 10:37 PM IST
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टेंडर प्रक्रिया की जांच कराने के लिए डीएम से मिले
- फोटो : अमर उजाला
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जिला पंचायत की ओर से निकाले गए टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की जांच कराने के लिए सोमवार को कुछ जिला पंचायत सदस्य डीएम से मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत कार्यालय में संसाधनों का भी दुरुपयोग हो रहा है। जिन टेंडर को दोबारा निकाला गया है। उनमें से कुछ काम पहले ही हो चुके हैं।
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सोमवार को जिला पंचायत सदस्य अमृता कुमार, उनके पति भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजेंद्र कुमार, कृष्णकांत सिंह हूण, उमेश वर्मा, आबिदा, जिला पंचायत सदस्य पति लल्लू सिंह और शेर सिंह जिला मुख्यालय पहुंचे।
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उन्होंने बताया कि जिला पंचायत ने 15 और 16 अप्रैल को विभिन्न समाचार पत्रों में विकास/निर्माण कार्यों की सूची का विज्ञापन जारी किया था। यह कार्य कुल नौ करोड़ से अधिक के हैं। बोर्ड बैठक 12 मार्च 2016 को हुई। उसमें 2015-16 और 2016-17 की वार्षिक बजट पर चर्चा हुई थी।
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उसमें यह बताया गया था कि 2015-16 के बजट में से अधिक धनराशि नौ करोड़ से अधिक है। जिसमें विकास और निर्माण कार्य के लिये 5.75 करोड़ की धनराशि का प्रावधान था। इसी आधार पर सभी सदस्यसें ने 25 से 30 लाख रुपये तक के इंटरलॉकिंग द्वारा विभिन्न रास्तों के निर्माण के लिये प्रस्ताव मांगे गए थे।
अन्य मदों के लिए स्वीकृत करीब 3.26 करोड़ की धनराशि का दुरुपयोग भी विकास कार्यों की मद में किया गया है। बोर्ड बैठक में ऐसा प्रस्ताव भी आया था, जिसमें कहा गया कि 50 प्रतिशत कार्य सभी सदस्यों को मिलेंगे और 50 प्रतिशत कार्य अध्यक्ष द्वारा करवाए जाएंगे।
कुछ जिला पंचायत सदस्यों के प्रस्ताव पर मात्र 15-20 लाख रुपये तक के कार्य मंजूर किये गए और अध्यक्ष के नजदीकी लोगों को 50-70 लाख रुपये तक के कार्य मंजूर किए गए। पंचायत सदस्यों ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए आवंटित लालबत्ती लगी गाड़ी कुछ अन्य लोगों द्वारा इस्तेमाल की जा रही है।
पंचायत कार्यालय में सत्ताधारी दल के नेताओं का अनावश्यक रूप से बैठना तथा वहां के कामकाज को प्रभावित किया जा रहा है। डीएम अनिल ढींगरा का कहना है कि नियमानुसार मामले की जांच कराई जायेगी। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी लता खटीक ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।