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Hapur News: भाजपा की गुटबाजी को हवा दे रही बाहरी दावेदारों की सेंधमारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। नगर पालिका हापुड़ सीट पर जीत की हैट्रिक लगाने का भाजपा का सपना अब आसान होता नहीं दिख रहा है। इस सीट पर बाहरी दावेदारों की सेंधमारी के प्रयास से जहां भाजपा के मतभेद हो सकता है। उधर, कांग्रेस से रालोद में आए चार बार के विधायक गजराज सिंह ने पार्टी में वापसी के संकेत देकर सबको चौंका दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि गजराज सिंह ने हापुड़ नगर पालिका सीट पर अपनी पत्नी लज्जारानी को लड़ा सकते हैं।
ऐसा होता है तो इस सीट पर मुकाबला आसान नहीं होगा। हापुड़ नगर पालिका सीट पर भाजपा के कई दिग्गज दावेदार टिकट मांग रहे हैं। इस सीट पर कुछ बाहरी दावेदारों की भी नजर है और उनका नाम भी प्रमुखता से प्रकाश में आ रहा है। कभी दूसरी पार्टी में रहे इन दावेदारों पर भाजपा दाव लगाने पर विचार भी कर रही है, लेकिन दबी जुबान में इनका विरोध शुरू हो गया है। दरअसल, ये बाहरी दावेदार वे हैं, जो कभी पार्टी के विरुद्ध खड़े रहे थे। चार साल पहले दो अप्रैल को हुए उपद्रव में इनके नाम प्रमुखता से आए थे। अब ऐसे में भाजपा को इस सीट पर अंतर्कलह और गुटबंदी का सामना करना पड़ेगा। पिलखुवा सीट पर भी दो दिग्गजों की आपसी लड़ाई के कारण गुटबंदी के प्रबल आसार हैं। समय रहते भाजपा पदाधिकारियों ने पार्टी के अंदर पनप रहे इस आक्रोश को दबाने का प्रयास नहीं किया गया तो भाजपा की इन सीटों पर जीत का सपना मुश्किल हो सकता है।
-- गजराज सिंह ने बदले समीकरण --
नामांकन तिथि से ठीक पहले विधानसभा चुनाव में दल बदलकर कांग्रेस से रालोद में आए गजराज सिंह ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पत्र लिखकर सबको चौंका दिया है। हापुड़ विधानसभा सीट से चार बार के विधायक गजराज सिंह ने पार्टी में वापस आने की इच्छा प्रकट की है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि गजराज सिंह की पत्नी लज्जारानी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं। गजराज सिंह का अपना अलग जनाधार है, पिछले विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने भाजपा के विजयपाल आढ़ती को कड़ी टक्कर दी थी। ऐसे में उनकी पत्नी चुनाव लड़ती हैं तो हापुड़ सीट पर टक्कर दिलचस्प होगी।
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हापुड़। नगर पालिका हापुड़ सीट पर जीत की हैट्रिक लगाने का भाजपा का सपना अब आसान होता नहीं दिख रहा है। इस सीट पर बाहरी दावेदारों की सेंधमारी के प्रयास से जहां भाजपा के मतभेद हो सकता है। उधर, कांग्रेस से रालोद में आए चार बार के विधायक गजराज सिंह ने पार्टी में वापसी के संकेत देकर सबको चौंका दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि गजराज सिंह ने हापुड़ नगर पालिका सीट पर अपनी पत्नी लज्जारानी को लड़ा सकते हैं।
ऐसा होता है तो इस सीट पर मुकाबला आसान नहीं होगा। हापुड़ नगर पालिका सीट पर भाजपा के कई दिग्गज दावेदार टिकट मांग रहे हैं। इस सीट पर कुछ बाहरी दावेदारों की भी नजर है और उनका नाम भी प्रमुखता से प्रकाश में आ रहा है। कभी दूसरी पार्टी में रहे इन दावेदारों पर भाजपा दाव लगाने पर विचार भी कर रही है, लेकिन दबी जुबान में इनका विरोध शुरू हो गया है। दरअसल, ये बाहरी दावेदार वे हैं, जो कभी पार्टी के विरुद्ध खड़े रहे थे। चार साल पहले दो अप्रैल को हुए उपद्रव में इनके नाम प्रमुखता से आए थे। अब ऐसे में भाजपा को इस सीट पर अंतर्कलह और गुटबंदी का सामना करना पड़ेगा। पिलखुवा सीट पर भी दो दिग्गजों की आपसी लड़ाई के कारण गुटबंदी के प्रबल आसार हैं। समय रहते भाजपा पदाधिकारियों ने पार्टी के अंदर पनप रहे इस आक्रोश को दबाने का प्रयास नहीं किया गया तो भाजपा की इन सीटों पर जीत का सपना मुश्किल हो सकता है।
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नामांकन तिथि से ठीक पहले विधानसभा चुनाव में दल बदलकर कांग्रेस से रालोद में आए गजराज सिंह ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पत्र लिखकर सबको चौंका दिया है। हापुड़ विधानसभा सीट से चार बार के विधायक गजराज सिंह ने पार्टी में वापस आने की इच्छा प्रकट की है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि गजराज सिंह की पत्नी लज्जारानी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं। गजराज सिंह का अपना अलग जनाधार है, पिछले विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने भाजपा के विजयपाल आढ़ती को कड़ी टक्कर दी थी। ऐसे में उनकी पत्नी चुनाव लड़ती हैं तो हापुड़ सीट पर टक्कर दिलचस्प होगी।
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